पश्चिम एशिया में तनाव घटने से उड़ानों की संख्या बढ़ा सकती है एयर इंडिया, विमान ईंधन की कीमतों में गिरावट का मिलेगा फायदा एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कैंपबेल विल्सन ने संकेत दिए हैं कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और विमान ईंधन सस्ता होने पर अंतरराष्ट्रीय व घरेलू उड़ानों में की गई कटौती वापस ली जा सकती है। टाटा समूह की अगुवाई वाली विमानन कंपनी एयर इंडिया आने वाले समय में अपनी उन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से बहाल करने की तैयारी कर रही है, जिनमें हाल ही में कटौती की गई थी। एयरलाइन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के शांत होने से हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों में ढील मिलती है और विमान ईंधन यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल की कीमतों में नरमी का मौजूदा रुख बना रहता है, तो पूर्व में रद्द किए गए हवाई मार्गों पर उड़ानें दोबारा शुरू की जा सकती हैं। गौरतलब है कि पिछले महीने ही एयर इंडिया ने पश्चिमी एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन के ऊंचे दामों को देखते हुए अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 27 फीसदी तक की भारी-भरकम कटौती कर दी थी। ईंधन महंगा होने की वजह से विदेशी हवाई मार्गों पर विमानों को संचालित करने का खर्च काफी बढ़ गया था, जिसके चलते एयरलाइन को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा था। घरेलू उड़ानों पर असर और मौजूदा हालात में सुधार विमान ईंधन की बेतहाशा बढ़ती कीमतों के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए एयर इंडिया ने केवल अंतरराष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अपनी घरेलू उड़ानों में भी अस्थाई तौर पर 22 फीसदी की कटौती लागू की थी। हालांकि, अब स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। कैंपबेल विल्सन ने अपने कर्मचारियों को बताया कि यद्यपि इस बात की पूरी गारंटी नहीं दी जा सकती कि क्षेत्र में तनाव दोबारा नहीं बढ़ेगा, लेकिन वर्तमान में बने शांत और स्थिर माहौल की वजह से अब उड़ानों के लिए अधिक हवाई क्षेत्र उपलब्ध हो पा रहा है। इसके साथ ही, ईंधन के दामों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि अनुकूल परिस्थितियों का यह दौर आगे भी इसी तरह जारी रहता है, तो विमानन कंपनी हाल के महीनों में किए गए बदलावों को वापस लेने में सक्षम हो जाएगी। एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च में अकेले ईंधन की हिस्सेदारी 40 फीसदी से भी अधिक होती है, इसलिए तेल की कीमतों में थोड़ी सी भी कमी एयरलाइन के बजट को बड़ी राहत देती है। बेड़े में शामिल होंगे नए चौड़ी बॉडी वाले विमान उड़ानों के सुचारू संचालन और क्षमता विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए एयर इंडिया इस साल अपने बेड़े को और मजबूत करने जा रही है। सीईओ विल्सन के अनुसार, चालू वर्ष के दौरान एयरलाइन के बेड़े में आठ नए या पूरी तरह से पुनर्निर्मित चौड़ी बॉडी (वाइड-बॉडी) वाले विमानों को शामिल किया जाएगा। इस योजना के तहत इसी सप्ताहांत एयरलाइन को एक नया बी-787-9 विमान मिलने जा रहा है। इन नए विमानों के बेड़े का हिस्सा बनने से यात्रियों को पहले से बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और हवाई यात्रा का अनुभव अधिक आरामदायक होगा। इसके साथ ही, अतिरिक्त विमानों की उपलब्धता से एयर इंडिया को नए हवाई मार्गों पर अपनी सेवाएं शुरू करने में भी काफी मदद मिलेगी। इसका आप पर असर • हवाई यात्रियों के लिए: उड़ानों की संख्या दोबारा बढ़ने से यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे और हवाई टिकटों की कीमतों में भी राहत मिल सकती है। सवाल-जवाब 1. हाल के महीनों में एयर इंडिया ने उड़ानों में कितनी कटौती की थी? एयर इंडिया ने पश्चिम एशिया में तनाव और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 27 प्रतिशत और घरेलू उड़ानों में 22 प्रतिशत की कटौती की थी। 2. एयर इंडिया उड़ानों की कटौती को कब वापस लेगी? यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों में ढील बनी रहती है और विमान ईंधन की कीमतें स्थिर रहती हैं, तो एयरलाइन जल्द ही कटौती वापस ले सकती है। 3. एयर इंडिया के परिचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी कितनी है? एयर इंडिया की कुल परिचालन लागत में अकेले विमान ईंधन की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक है। 4. इस साल एयर इंडिया के बेड़े में कितने नए विमान शामिल होंगे? इस साल एयर इंडिया के बेड़े में आठ नए या पुनर्निर्मित चौड़ी बॉडी (वाइड-बॉडी) वाले विमान शामिल किए जाएंगे, जिसमें इस सप्ताहांत आने वाला बी-787-9 विमान भी शामिल है। https://trendkia.com/business/west-asia-men-tanava-ghatane-se-uranon-ki-snkhya-barha-sakati-hai-air-india-vimana-indhana-ki-kimaton-men-giravata-ka-milega-phaya-3214 TrendKia — Har trend, sabse pehle.