# युवा उद्यमियों की कंपनियों का मूल्यांकन 48 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, नई पीढ़ी के कारोबार में तेज उछाल

> देश के 35 वर्ष से कम आयु के युवा उद्यमियों द्वारा संचालित उपक्रमों के कुल मूल्यांकन में 23 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष और विनिर्माण जैसे आधुनिक क्षेत्रों में युवा संस्थापकों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-10-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/yuva-udyamiyon-ki-knpaniyon-ka-mulyankana-48-lakha-karora-rupaye-pahuncha-nai-pirhi-ke-karobara-men-teja-uchhala-48761 · **Language:** Hindi
**Tags:** हुरुन इंडिया, स्टार्टअप, युवा उद्यमी, कृत्रिम मेधा, भारतीय अर्थव्यवस्था, एवेंडस वेल्थ

देश के 35 वर्ष से कम आयु वाले युवा उद्योगपतियों द्वारा संचालित उपक्रमों का कुल मूल्यांकन 23 फीसदी की जबरदस्त बढ़त के साथ 48 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। नए दौर के भारतीय उद्यमी पारंपरिक सेवा क्षेत्रों से आगे निकलकर वैश्विक स्तर पर अपना मजबूत प्रभाव छोड़ रहे हैं। विशेष रूप से कृत्रिम मेधा यानी एआई, मशीन लर्निंग, अंतरिक्ष, रक्षा और विनिर्माण जैसे अत्याधुनिक उद्योगों में कम उम्र के संस्थापकों की संख्या में चार गुना इजाफा हुआ है।

## युवा संस्थापकों की संख्या में वृद्धि और चयन का पैमाना
एवेंडस वेल्थ – हुरुन इंडिया अंडर-35 (यू35) सूची 2026 में जगह बनाने वाले युवा चेहरों की तादाद सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर 155 से 180 हो गई है। इस संकलन में शून्य से खुद का विशाल साम्राज्य खड़ा करने वाले पहली पीढ़ी के कारोबारी और अपने पारिवारिक उपक्रमों को आधुनिक गति देने वाले उत्तराधिकारी दोनों ही शामिल हैं। इस सूची में प्रवेश के लिए पहली पीढ़ी के उद्यमियों के उपक्रम का न्यूनतम मूल्य 5 करोड़ डॉलर निर्धारित था, जबकि पारिवारिक व्यवसाय की कमान संभालने वाली नई पीढ़ी के प्रतिनिधियों के लिए यह पैमाना 10 करोड़ डॉलर का रखा गया था।

## अरब डॉलर क्लब और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन
हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद के अनुसार, इस पूरे संकलन में 1 अरब डॉलर से अधिक के व्यक्तिगत मूल्यांकन वाले 37 उपक्रम शामिल हैं। युवा नेतृत्व वाली ये कंपनियां सामूहिक तौर पर 5.88 लाख से अधिक कामगारों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। सूची में दर्ज कुल 180 दिग्गजों में से 71 फीसदी उद्यमी पहली पीढ़ी के हैं, जिसका अर्थ है कि इन पेशेवरों ने बिना किसी स्थापित पारिवारिक पृष्ठभूमि के अपने दम पर कंपनियों की नींव रखी है।

## उभरते हुए उद्योग, औसत उम्र और शीर्ष शिक्षण संस्थान
अंतरिक्ष, रक्षा और विनिर्माण के अलावा कृत्रिम मेधा और मशीन लर्निंग कार्यक्षेत्र में कदम रखने वाले युवा संस्थापकों की संख्या चार गुना उछलकर 12 हो चुकी है। संकलन में शामिल सभी उद्यमियों की औसत आयु 33 वर्ष दर्ज की गई है। गोल्डियम इंटरनेशनल के अनमोल भंसाली 31 वर्ष की आयु के साथ सबसे कम उम्र के उद्यमी के रूप में उभरे हैं।

व्यावसायिक जगत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भी स्पष्ट दिख रही है, जहां सूची में 23 महिला उद्यमियों ने स्थान बनाया है। इनमें फॉक्सटेल की रोमिता मजूमदार सबसे कम उम्र की महिला उद्यमी हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों के स्तर पर आईआईटी दिल्ली अपने 11 पूर्व छात्रों के साथ शीर्ष स्थान पर रहा। इसके बाद आईआईटी खड़गपुर के 10 पूर्व छात्र, जबकि आईआईटी मद्रास और दिल्ली विश्वविद्यालय के 7-7 पूर्व छात्र इस प्रतिष्ठित संकलन में शुमार हैं।

## इसका आप पर असर
कम उम्र के उद्यमियों की बढ़ती संपत्ति और नई कंपनियों का विस्तार सीधे तौर पर रोजगार, नवाचार और पेशेवर अवसरों को गति देता है।

- **रोजगार के अवसर:** युवा नेतृत्व वाली कंपनियों ने 5.88 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष काम उपलब्ध कराया है। तेजी से बढ़ते ये नए उद्यम उच्च कौशल वाले युवाओं के लिए तकनीकी और विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार की नई संभावनाएं खोल रहे हैं।
- **तकनीक और नवाचार:** कृत्रिम मेधा, मशीन लर्निंग और रक्षा क्षेत्र में युवा उद्यमियों की भागीदारी चार गुना बढ़ी है। इससे घरेलू स्तर पर अत्याधुनिक उत्पाद और आधुनिक डिजिटल सेवाएं आम उपभोक्ताओं को तेजी से उपलब्ध होंगी।
- **स्वरोजगार को बढ़ावा:** सूची में 71 प्रतिशत संस्थापक पहली पीढ़ी के हैं जिन्होंने बिना पारिवारिक व्यवसाय के अपनी पहचान बनाई है। यह रुझान साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों और पेशेवरों को स्वतंत्र रूप से नए व्यापार शुरू करने का हौसला देता है।
- **शैक्षणिक संस्थानों का महत्व:** शीर्ष तकनीकी संस्थानों और विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्र इन कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं। इससे उच्च शिक्षण संस्थानों में रिसर्च और इनक्यूबेशन की संस्कृति और अधिक मजबूत हो रही है।

## ऐसा क्यों हुआ
तकनीकी नवाचार, अनुकूल निवेश वातावरण और पहली पीढ़ी के युवाओं की उद्यमशीलता ने 35 वर्ष से कम आयु के उद्योगपतियों को तेजी से आगे बढ़ने में सक्षम बनाया है।

- **आधुनिक तकनीक की मांग:** वैश्विक स्तर पर ऑटोमेशन, एआई और मशीन लर्निंग की आवश्यकता तेजी से बढ़ी है। नई पीढ़ी के संस्थापक इन उभरते हुए क्षेत्रों को समझकर तेजी से वैश्विक समाधान तैयार कर रहे हैं।
- **मजबूत उद्यमशीलता ढांचा:** 5 करोड़ डॉलर के व्यक्तिगत मूल्य और 10 करोड़ डॉलर के पारिवारिक व्यवसाय के पैमाने को पूरा करने वाली कंपनियों की संख्या बढ़ी है। भारतीय बाजार में उपलब्ध पूंजी और मजबूत ग्राहक आधार ने इन कंपनियों के मूल्यांकन में 23 प्रतिशत की बढ़त सुनिश्चित की।
- **पारंपरिक विरासत से परे सोच:** 71 प्रतिशत प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों की मौजूदगी दर्शाती है कि जोखिम लेने की क्षमता और डिजिटल साक्षरता बढ़ी है। इसके चलते युवा पारंपरिक नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय खुद का उद्यम खड़ा कर रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. 35 वर्ष से कम आयु के उद्यमियों की कंपनियों का कुल मूल्यांकन कितना पहुंच गया है?
इस आयु वर्ग के उद्यमियों द्वारा संचालित कंपनियों का कुल मूल्यांकन 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 48 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

### 2. इस सूची में शामिल होने के लिए क्या अर्हता रखी गई थी?
पहली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए 5 करोड़ डॉलर या अधिक मूल्य का उपक्रम और पारिवारिक कारोबार संभालने वालों के लिए 10 करोड़ डॉलर का व्यवसाय होना अनिवार्य था।

### 3. सूची में शामिल कंपनियां कितने लोगों को रोजगार दे रही हैं?
सूची में शामिल उपक्रम सामूहिक रूप से 5.88 लाख से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।

### 4. सूची में पहली पीढ़ी के कितने उद्यमी शामिल हैं?
इस सूची के 180 दिग्गजों में से 71 प्रतिशत उद्यमी पहली पीढ़ी के हैं, जिन्होंने अपना कारोबार खुद शुरू किया है।

### 5. सूची में सबसे कम उम्र के पुरुष और महिला उद्यमी कौन हैं?
गोल्डियम इंटरनेशनल के अनमोल भंसाली 31 वर्ष की आयु में सबसे कम उम्र के पुरुष उद्यमी हैं, जबकि फॉक्सटेल की रोमिता मजूमदार सबसे कम उम्र की महिला उद्यमी हैं।

### 6. किस उच्च शिक्षण संस्थान के सबसे अधिक पूर्व छात्र इस सूची में शामिल हैं?
आईआईटी दिल्ली के 11 पूर्व छात्र इस सूची में शामिल हैं, जो शिक्षण संस्थानों में सबसे अधिक हैं।

## प्रेरणा और सबक
पहली पीढ़ी के युवा उद्यमियों की यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि समर्पण, आधुनिक तकनीक की समझ और स्पष्ट दृष्टिकोण से बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।

- **पृष्ठभूमि से ऊपर उठकर काम करना:** 71 प्रतिशत संस्थापक बिना किसी पारिवारिक व्यापारिक पृष्ठभूमि के शीर्ष पर पहुंचे हैं। यह साबित करता है कि सही योजना और निष्पादन किसी भी विरासत से अधिक महत्वपूर्ण है।
- **भविष्य की तकनीक को अपनाना:** युवा कारोबारियों ने एआई और विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों पर समय रहते ध्यान केंद्रित किया। नई और परिवर्तनकारी तकनीकों को जल्दी सीखने से लंबे समय तक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलती है।
- **कम उम्र में नेतृत्व क्षमता:** 31 वर्ष की आयु में सबसे कम उम्र के उद्यमी और 33 वर्ष की औसत उम्र यह दर्शाती है कि अनुभव की कमी को त्वरित निर्णय और कड़ी मेहनत से दूर किया जा सकता है।

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