# आर्थिक तंगी से जूझ रहे छात्रों को बड़ी राहत, डीयू ने शुरू की फीस माफी योजना

> दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट स्कीम की घोषणा की है, जिसके तहत पात्र विद्यार्थियों को सौ प्रतिशत तक शुल्क छूट दी जाएगी।

**Type:** article · **Category:** करियर · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/career/arthika-tngi-se-jujha-rahe-chhatron-ko-bari-rahata-du-ne-shuru-ki-phisa-maphi-yojana-38211 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली विश्वविद्यालय, फीस माफी, फाइनेंशियल सपोर्ट स्कीम, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर, उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति

उच्च शिक्षा की राह में आर्थिक तंगी को बाधा बनने से रोकने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय की ओर से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट स्कीम की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। इस कल्याणकारी पहल का मुख्य उद्देश्य उन मेधावी विद्यार्थियों को संबल प्रदान करना है, जिनके परिवार उच्च शिक्षा का वित्तीय भार उठाने में कठिनाई महसूस करते हैं। इस व्यवस्था के अंतर्गत पात्र छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक फीस में पचास प्रतिशत से लेकर सौ प्रतिशत तक की रियायत दी जा रही है, जिससे विद्यार्थी बिना किसी वित्तीय दबाव के अपने अध्ययन पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें।

## किन पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को मिलेगा योजना का लाभ
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कल्याणकारी योजना के दायरे और पात्रता को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह सुविधा मुख्य रूप से विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों, शैक्षणिक विभागों और संबंधित संस्थानों में नियमित रूप से संचालित होने वाले पूर्णकालिक स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए तय की गई है। इस सहायता का प्राथमिक लक्ष्य नियमित रूप से परिसर में उपस्थित होकर डिग्री की पढ़ाई करने वाले जरूरतमंद युवाओं को सीधे मदद पहुंचाना है।

हालांकि, विश्वविद्यालय ने कुछ विशिष्ट पाठ्यक्रमों और अध्ययन प्रणालियों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा है। स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग तथा नॉन कॉलेजिएट वूमेन्स एजुकेशन बोर्ड के माध्यम से नामांकित छात्र इस योजना के तहत आवेदन करने के पात्र नहीं हैं। इसके अलावा बीटेक कार्यक्रम (सिस्टर इनोवेशन सेंटर को छोड़कर) और पांच वर्षीय एकीकृत विधि पाठ्यक्रम के विद्यार्थी भी इसमें शामिल नहीं हो सकेंगे। साथ ही constituent कॉलेजों के कुछ विशेष नियमों के अंतर्गत आने वाले छात्र तथा वे अभ्यर्थी जिनकी पिछली वार्षिक या सेमेस्टर परीक्षा में एसेंशियल रिपीट आया है, उन्हें भी इस योजना की पात्रता सूची से बाहर रखा गया है।

## वार्षिक पारिवारिक आय के आधार पर तय की गई श्रेणियां
वित्तीय सहायता वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने के लिए विद्यार्थियों को दो अलग-अलग आय स्लैब में वर्गीकृत किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सबसे कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों के बच्चों को अधिकतम राहत मिल सके।

- **प्रथम श्रेणी (पूर्ण शुल्क माफी):** ऐसे विद्यार्थी जिनके परिवार की कुल वार्षिक आय चार लाख रुपये तक है, वे शत-प्रतिशत शुल्क छूट के हकदार होंगे। इस वर्ग में या तो वास्तविक शैक्षणिक शुल्क पूरी तरह माफ किया जाएगा अथवा अधिकतम पंद्रह हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी, इनमें से जो भी धनराशि कम होगी वही मान्य होगी।
- **द्वितीय श्रेणी (पचास प्रतिशत शुल्क छूट):** जिन परिवारों की सालाना आमदनी 4.1 लाख रुपये से लेकर आठ लाख रुपये के मध्य है, उन्हें शुल्क में पचास प्रतिशत की रियायत मिलेगी। इस श्रेणी के अंतर्गत विद्यार्थियों को अधिकतम दस हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान रखा गया है।

## आवेदन के लिए अनिवार्य दस्तावेज और प्रक्रिया
पात्र अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र जमा करने से पूर्व सभी आवश्यक दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां तैयार रखनी होंगी। निर्धारित सूची के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जारी वैध पारिवारिक आय प्रमाण पत्र अथवा ईडब्ल्यूएस या ओबीसी एनसीएल प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य है। इसके साथ ही माता-पिता तथा अविवाहित भाई-बहनों के पैन कार्ड और उनके द्वारा दाखिल आयकर रिटर्न की प्रति भी प्रस्तुत करनी होगी। शैक्षणिक सत्यापन के लिए पिछली उत्तीर्ण परीक्षा की अंकतालिका तथा नवीनतम शुल्क भुगतान की रसीद लगाना आवश्यक है।

वित्तीय सहायता की राशि सीधे विद्यार्थी के बैंक खाते में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से स्थानांतरित की जाएगी। इसके लिए बैंक पासबुक के मुख्य पृष्ठ की स्व-सत्यापित प्रति अथवा निरस्त चेक जमा करना अनिवार्य होगा। बैंक खाता अनिवार्य रूप से स्वयं छात्र के नाम पर ही खुला होना चाहिए, किसी रिश्तेदार अथवा अभिभावक के खाते में यह राशि नहीं भेजी जाएगी।

## आवेदन की समय-सीमा और संपर्क सूत्र
इस योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया आधिकारिक पोर्टल पर प्रारंभ हो चुकी है। पात्र छात्र विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.dsw.du.ac.in पर जाकर अपना आवेदन पत्र भर सकते हैं। ऑनलाइन प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

पोर्टल पर ऑनलाइन विवरण भरने के पश्चात विद्यार्थियों को भरे हुए फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर सभी वांछित दस्तावेजों की प्रतियों के साथ डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय में तय नियमों के अनुसार भौतिक रूप से जमा कराना होगा। योजना, पात्रता अथवा आवेदन प्रक्रिया से संबंधित किसी भी प्रकार के संशय के निवारण के लिए छात्र ईमेल आईडी fss@dsw.du.ac.in पर संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

## इसका आप पर असर
यह योजना दिल्ली विश्वविद्यालय के नियमित पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले मध्यम और निम्न आय वर्ग के विद्यार्थियों को सीधे वित्तीय राहत पहुंचाएगी।

- **कम आय वाले छात्रों के लिए:** चार लाख रुपये तक वार्षिक पारिवारिक आय वाले विद्यार्थियों की फीस पूरी तरह माफ हो जाएगी। इससे उन्हें अधिकतम 15,000 रुपये तक की सीधी छूट मिलेगी और पढ़ाई के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा।
- **मध्यम आय वाले परिवारों के लिए:** 4.1 लाख से 8 लाख रुपये की पारिवारिक आय वाले विद्यार्थियों को पचास प्रतिशत शुल्क रियायत मिलेगी। इस वर्ग के छात्रों को अधिकतम 10,000 रुपये तक का वित्तीय लाभ सीधा उनके बैंक खाते में मिलेगा।
- **दस्तावेजी औपचारिकताएं:** इच्छुक विद्यार्थियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 का आय प्रमाण पत्र और परिवार के पैन कार्ड जुटाने होंगे। समय रहते प्रमाण पत्र न बनवाने पर वे इस महत्वपूर्ण योजना से वंचित रह सकते हैं।
- **अंतिम तिथि और आवेदन:** पात्र अभ्यर्थियों को 13 अक्टूबर 2026 से पहले ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन पूर्ण करना होगा। इसके बाद प्रिंटआउट और जरूरी कागजात कार्यालय में जमा कराने अनिवार्य होंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कल्याणकारी योजना इसलिए शुरू की है ताकि योग्य विद्यार्थी धन के अभाव में अपनी उच्च शिक्षा बीच में न छोड़ें।

- **आर्थिक विषमता को कम करना:** कई मेधावी छात्र प्रवेश पाने के बाद भी सेमेस्टर फीस भरने में असमर्थ रहते हैं। यह सहायता सुनिश्चित करती है कि कोई भी पात्र विद्यार्थी केवल पैसों की तंगी के कारण डिग्री छोड़ने को विवश न हो।
- **समान शैक्षिक अवसर प्रदान करना:** विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमियों से आने वाले छात्रों को समान अवसर देना आवश्यक है। इस पहल के माध्यम से विश्वविद्यालय कमजोर वर्ग के युवाओं को मुख्यधारा की उच्च शिक्षा से जोड़ना चाहता है।
- **संस्थागत कल्याणकारी नीतियां:** विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय द्वारा प्रतिवर्ष ऐसी योजनाएं संचालित की जाती हैं। पूर्व सत्रों में मिली सफलता के आधार पर शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नए नियमों के साथ इसे दोबारा लागू किया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली विश्वविद्यालय की फाइनेंशियल सपोर्ट स्कीम के तहत अधिकतम कितनी फीस माफ हो सकती है?
चार लाख रुपये तक पारिवारिक आय वाले छात्रों को पूरी वास्तविक फीस या अधिकतम 15,000 रुपये तक की सौ प्रतिशत छूट मिलती है।

### 2. 50 प्रतिशत फीस माफी के लिए पारिवारिक आय की क्या सीमा निर्धारित की गई है?
जिन छात्रों के परिवार की वार्षिक आमदनी 4.1 लाख रुपये से लेकर 8 लाख रुपये के बीच है, उन्हें 50 प्रतिशत या अधिकतम 10,000 रुपये तक की राहत मिलेगी।

### 3. क्या स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्र इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं?
नहीं, स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग और नॉन कॉलेजिएट वूमेन्स एजुकेशन बोर्ड के छात्र इस योजना के दायरे में नहीं आते हैं।

### 4. इस फीस माफी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
पात्र विद्यार्थी 13 अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।

### 5. योजना का लाभ लेने के लिए बैंक खाता किसके नाम पर होना अनिवार्य है?
सहायता राशि के सीधे अंतरण के लिए बैंक खाता अनिवार्य रूप से स्वयं आवेदक छात्र के नाम पर ही होना चाहिए।

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