# आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग में करियर बनाने का सुनहरा मौका, आईआईटी कानपुर ने शुरू किया खास ऑनलाइन कोर्स

> आईआईटी कानपुर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर 5 हफ्ते का ऑनलाइन सर्टिफिकेशन प्रोग्राम लॉन्च किया है, जो 14 दिसंबर 2026 से शुरू होगा।

**Type:** article · **Category:** करियर · **Published:** 2026-09-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/career/artificial-intelligence-aura-machine-learning-men-career-banane-ka-mauka-iit-kanpur-ne-shuru-kiya-khasa-online-course-32969 · **Language:** Hindi
**Tags:** आईआईटी कानपुर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, ऑनलाइन कोर्स, पाइथन प्रोग्रामिंग, उच्च शिक्षा

आज के आधुनिक और तेजी से बदलते दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसे क्षेत्र करियर के लिए सबसे बड़े विकल्प बनकर उभरे हैं। आने वाला समय पूरी तरह से ऑटोमेशन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी पर केंद्रित होने जा रहा है। ऐसे में इस रेस में खुद को सबसे आगे बनाए रखने के लिए हर कोई नए हुनर सीख रहा है। लेकिन इस तकनीकी क्रांति और एआई मॉडल्स को तैयार करने के पीछे की असली ताकत पाइथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। गूगल जैसी बड़ी वैश्विक टेक कंपनियों से लेकर नए जमाने के स्टार्टअप्स तक, हर जगह जटिल एआई मॉडल्स बनाने के लिए पाइथन को सबसे भरोसेमंद और प्रभावी भाषा माना जाता है।

कॉलेज के विद्यार्थियों से लेकर विभिन्न उद्योगों में कार्यरत प्रोफेशनल्स तक, हर कोई समय के साथ कदम मिलाने के लिए अपनी स्किल्स को अपग्रेड करने की कोशिशों में जुटा है। पाइथन की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे सीखना जितना आसान है, इसके जरिए जटिल से जटिल मशीन लर्निंग एल्गोरिदम विकसित करना उतना ही प्रभावी होता है। बाजार की इसी भारी मांग और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए देश के शीर्ष तकनीकी संस्थान आईआईटी कानपुर ने एआई और मशीन लर्निंग के शॉर्ट टर्म ऑनलाइन कोर्स शुरू किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को कल की तकनीक के लिए पूरी तरह से तैयार करना है।

## आईआईटी कानपुर की नई ऑनलाइन पहल
भारत के अग्रणी और प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शुमार आईआईटी कानपुर ने इस दिशा में एक बेहतरीन कदम उठाया है। संस्थान ने उन सभी छात्रों और कार्यरत पेशेवरों के लिए 5 हफ्तों का एक व्यापक ऑनलाइन सर्टिफिकेशन प्रोग्राम तैयार किया है, जो महज किताबी ज्ञान तक सीमित रहने के बजाय व्यावहारिक तौर पर एआई और मशीन लर्निंग को गहराई से समझना चाहते हैं। इस कोर्स की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसके जरिए देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले युवा घर बैठे ही आईआईटी जैसे विश्वस्तरीय संस्थान के बेहतरीन शैक्षणिक माहौल और अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन का सीधा लाभ उठा सकते हैं।

## इस 5 हफ्ते के व्यावहारिक कार्यक्रम में क्या है खास?
आईआईटी कानपुर द्वारा डिजाइन किया गया यह शॉर्ट टर्म कोर्स केवल पारंपरिक थ्योरी रटाने तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य फोकस छात्रों को पूरी तरह से व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। इस 5 हफ्तों के विशेष सर्टिफिकेशन प्रोग्राम को प्रोफेसर अरुण कुमार चेयर और क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ प्रोफेसर आदित्य के. जगन्नाथम ने मिलकर तैयार किया है। इस कोर्स के तहत प्रतिभागियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलुओं की गहन ट्रेनिंग दी जाएगी

- **रियल-वर्ल्ड डेटासेट्स पर व्यावहारिक काम:** कोर्स के दौरान छात्र केवल सैद्धांतिक फॉर्मूले नहीं सीखेंगे, बल्कि उन्हें वास्तविक और लाइव डेटासेट्स पर पाइथन प्रोजेक्ट्स बनाने का मौका मिलेगा।
- **प्रमुख पाइथन लाइब्रेरीज की ट्रेनिंग:** इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले टूल्स और लाइब्रेरीज जैसे नमपाई, लिनएल्ग, मैटप्लॉटलिब, पांडास, साइकिट-लर्न, टेंसरफ्लो और केरास पर बेहद विस्तृत और व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी।
- **एआई और न्यूरल नेटवर्क्स की कोडिंग:** कोर्स में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को यह सिखाया जाएगा कि कैसे एआई, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग में इस्तेमाल होने वाले जटिल एल्गोरिदम को खुद कोड लिखकर सफलतापूर्वक लागू किया जाता है।
- **इंटरव्यू और टेस्ट के लिए विशेष सत्र:** इस कोर्स के तहत खास तौर पर प्रॉब्लम-सोलिंग सेशंस का आयोजन किया जाएगा। ये सत्र छात्रों को विभिन्न कंपनियों के जॉब इंटरव्यू और कठिन टेक्निकल टेस्ट को क्रैक करने के लिए तैयार करेंगे।

## कौन कर सकता है इस ऑनलाइन कोर्स के लिए आवेदन?
इस प्रोग्राम को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि और अनुभव वाले लोग इसका पूरा फायदा उठा सकें। इसकी योग्यता शर्ते बेहद व्यापक रखी गई हैं

- **विद्यार्थी वर्ग:** तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों क्षेत्रों के छात्र इसमें शामिल हो सकते हैं। बीटेक, बीई, बीएससी, बीबीए और बीसीए के छात्रों के साथ-साथ एमटेक, एमई, एमसीए, एमएससी और एमबीए करने वाले छात्र भी इस कोर्स के लिए पात्र हैं। इसके अतिरिक्त, पीएचडी की रिसर्च कर रहे शोधार्थी भी आवेदन कर सकते हैं।
- **शिक्षक और प्रोफेसर:** इंजीनियरिंग, साइंस और मैनेजमेंट स्ट्रीम से जुड़े फैकल्टी मेंबर्स भी अपनी टीचिंग स्किल्स को और अधिक आधुनिक बनाने और अपने रिसर्च वर्क को मजबूती देने के लिए इस कोर्स से जुड़ सकते हैं।
- **इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स:** जो लोग पहले से ही विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं या रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&amp;D) सेक्टर का हिस्सा हैं, वे अपनी कार्यक्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ाने के लिए इस प्रोग्राम में आवेदन कर सकते हैं।

## क्लास शेड्यूल और रजिस्ट्रेशन की महत्वपूर्ण तारीखें
यह पूरा ट्रेनिंग प्रोग्राम ज़ूम के माध्यम से पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में आयोजित किया जाएगा, ताकि देश या दुनिया के किसी भी कोने से लोग आसानी से कक्षाओं में शामिल हो सकें। यह कोर्स 14 दिसंबर 2026 से शुरू होकर 15 जनवरी 2027 तक चलेगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन की महत्वपूर्ण तारीखें नीचे दी गई हैं

- **गोल्डन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि:** 4 अक्टूबर 2026
- **फ्लैश रजिस्ट्रेशन की तारीख:** 25 अक्टूबर 2026
- **अर्ली-बर्ड रजिस्ट्रेशन की तारीख:** 8 नवंबर 2026
- **रेगुलर रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि:** 29 नवंबर 2026
- **स्पॉट रजिस्ट्रेशन की तारीख:** 15 दिसंबर 2026 (यदि कोई नियमित रजिस्ट्रेशन तिथियों से चूक जाता है)

इस कोर्स में भाग लेने के इच्छुक उम्मीदवार अपनी सुविधानुसार समय रहते आईआईटी कानपुर के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन मोड में अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं।

## इसका आप पर असर
आईआईटी कानपुर का यह ऑनलाइन कोर्स देश भर के छात्रों और पेशेवरों को बिना किसी यात्रा के घर बैठे वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने में मदद करेगा।

- **कौशल विकास:** इस कोर्स से प्रतिभागी अत्याधुनिक टेक टूल्स और कोडिंग सीखेंगे। इससे उन्हें तकनीकी क्षेत्र में बेहतर और उच्च भुगतान वाले नौकरी के अवसर मिलेंगे।
- **घर बैठे शिक्षा:** ऑनलाइन मोड के कारण यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रतिभागी देश के किसी भी कोने से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
- **समय की बचत:** 5 हफ्ते की छोटी अवधि में महत्वपूर्ण व्यावहारिक ज्ञान मिल जाएगा। इससे वर्किंग प्रोफेशनल्स को अपने काम के साथ पढ़ाई मैनेज करने में आसानी होगी।
- **करियर ग्रोथ:** इंटरव्यू और टेस्ट की तैयारी के विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इससे उम्मीदवारों को बड़ी टेक कंपनियों के टेक्निकल राउंड पास करने में मदद मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
इस विशेष कोर्स को शुरू करने के पीछे एआई क्षेत्र में तेजी से बदलती मांग और कौशल की कमी सबसे बड़ा कारण है।

- **टेक मार्केट की बढ़ती मांग:** आज के समय में हर छोटी-बड़ी कंपनी ऑटोमेशन और स्मार्ट टेक की तरफ बढ़ रही है। इस बदलाव के कारण मार्केट में एआई और डेटा साइंस के प्रोफेशनल्स की भारी कमी हो गई है।
- **पाइथन की लोकप्रियता:** आधुनिक एल्गोरिदम को कोड करने के लिए पाइथन सबसे आसान और प्रभावी भाषा है। इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए ही इसे कोर विषय बनाया गया है।
- **सिद्धांत और व्यवहार का अंतर:** पारंपरिक शिक्षा अक्सर केवल किताबों तक सीमित रह जाती है। छात्रों को व्यावहारिक अनुभव देने के लिए ही इस कोर्स में रियल-वर्ल्ड डेटासेट्स और प्रमुख लाइब्रेरी पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. आईआईटी कानपुर का यह ऑनलाइन कोर्स कब से कब तक चलेगा?
यह ऑनलाइन कोर्स 14 दिसंबर 2026 से शुरू होकर 15 जनवरी 2027 तक कुल 5 हफ्तों के लिए चलेगा।

### 2. इस कोर्स में प्रवेश के लिए कौन से मुख्य रजिस्ट्रेशन चरण और तारीखें उपलब्ध हैं?
इसके लिए गोल्डन रजिस्ट्रेशन (4 अक्टूबर 2026), फ्लैश (25 अक्टूबर), अर्ली-बर्ड (8 नवंबर), रेगुलर (29 नवंबर) और स्पॉट रजिस्ट्रेशन (15 दिसंबर 2026) के विकल्प उपलब्ध हैं।

### 3. इस कोर्स में कौन-कौन सी प्रोग्रामिंग लाइब्रेरी सिखाई जाएंगी?
इस कोर्स के दौरान नमपाई (NumPy), लिनएल्ग (Linalg), मैटप्लॉटलिब (Matplotlib), पांडास (Pandas), साइकिट-लर्न (Scikit-learn), टेंसरफ्लो (TensorFlow) और केरास (Keras) जैसी प्रमुख पाइथन लाइब्रेरी सिखाई जाएंगी।

### 4. क्या वर्किंग प्रोफेशनल्स और कॉलेज फैकल्टी भी इस कोर्स के लिए योग्य हैं?
हां, इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स, आरएंडडी सेक्टर से जुड़े लोग और इंजीनियरिंग, साइंस या मैनेजमेंट स्ट्रीम के फैकल्टी मेंबर्स भी इस कोर्स में भाग ले सकते हैं।

### 5. यह कोर्स किस माध्यम से आयोजित किया जाएगा और इसके लिए कैसे आवेदन करें?
यह पूरा कोर्स ऑनलाइन मोड में ज़ूम (Zoom) प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित किया जाएगा और इसके लिए आईआईटी कानपुर के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन किया जा सकता है।

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