# बिना यूपीएससी दिए भी जा सकते हैं LBSNAA, जानिए मसूरी के इस प्रतिष्ठित कैंपस में प्रवेश के अनूठे और दिलचस्प रास्ते

> लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रवेश पाने के लिए केवल यूपीएससी परीक्षा पास करना ही एकमात्र जरिया नहीं है। कानून के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए इंटर्नशिप, मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम और शैक्षणिक दौरों के माध्यम से भी इस प्रसिद्ध संस्थान तक पहुंचा जा सकता है।

**Type:** article · **Category:** करियर · **Published:** 2026-09-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/career/bina-upsc-die-bhi-ja-sakate-hain-lbsnaa-janie-musoorie-ke-isa-pratishthita-kainpasa-men-pravesha-ke-anuthe-aura-dilachaspa-raste-39725 · **Language:** Hindi
**Tags:** LBSNAA, यूपीएससी, आईएएस ट्रेनिंग, मसूरी, प्रशासनिक अकादमी, सिविल सेवा, इंटर्नशिप

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) का नाम सामने आते ही उत्तराखंड के मसूरी की खूबसूरत पहाड़ियों की याद ताजा हो जाती है और जेहन में ट्रेनी आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की तस्वीरें उभरने लगती हैं। देश भर से लाखों युवा हर साल सिविल सेवा परीक्षा की कठिन वैतरणी पार कर इस प्रतिष्ठित संस्थान की दहलीज पर पहुंचने का सपना देखते हैं। हालांकि, कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या बिना यूपीएससी की इस बाधा को पार किए भी कोई इस ऐतिहासिक और विशिष्ट परिसर के अंदर प्रवेश पा सकता है। यह विचार सुनने में भले ही हैरान करने वाला लगे, लेकिन यह पूरी तरह से सच है और इसके कई वैकल्पिक रास्ते भी मौजूद हैं।

आम तौर पर यही माना जाता है कि मसूरी स्थित इस परिसर में केवल वही लोग आ सकते हैं जिनका चयन सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से हुआ है। लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है क्योंकि यह केवल अधिकारियों की बुनियादी ट्रेनिंग का ठिकाना भर नहीं है, बल्कि देश के सबसे बड़े प्रशासनिक और वैचारिक मंथन का प्रमुख केंद्र भी माना जाता है। यहां ऐसे कई विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं जिनके जरिए बिना यूपीएससी की परीक्षा पास किए भी अंदर जाने का मौका मिल जाता है। आइए जानते हैं उन दिलचस्प और अनसुने रास्तों के बारे में जिनके जरिए बिना आईएएस बने भी इस सपनों के कैंपस तक पहुंचना संभव हो पाता है।

## लॉ स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स के लिए इंटर्नशिप के विशेष अवसर
संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को मसूरी स्थित संस्थान में प्रशिक्षण का अवसर मिलता है और जिन लोगों का चयन किसी भी सिविल सेवा के लिए होता है, उनकी शुरुआती यात्रा यहीं से शुरू होती है। इसके बावजूद जो लोग परीक्षा में असफल हो जाते हैं या जिन्होंने कभी यह परीक्षा नहीं दी है, उनके मन में भी इस परिसर के भीतर जाने की तीव्र इच्छा होती है। ऐसे युवाओं के लिए बिना सिविल सेवा परीक्षा दिए अंदर प्रवेश पाने का सबसे बेहतरीन माध्यम इंटर्नशिप साबित होता है। संस्थान के नेशनल सेंटर फॉर लॉ एंड एडमिनिस्ट्रेशन (NCLA) की तरफ से अंतिम वर्ष के कानून के छात्रों के लिए चार सप्ताह की एक शैक्षणिक इंटर्नशिप की शुरुआत की गई है।

इस विशेष व्यवस्था के अंतर्गत देश के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों और वरिष्ठ संकाय सदस्यों के साथ मिलकर गवर्नेंस तथा एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ जैसे विषयों पर गहन शोध करने का सुनहरा अवसर प्राप्त होता है। इसके अलावा यह संस्थान समय-समय पर पब्लिक पॉलिसी, सोशल साइंसेज, मीडिया और रिसर्च जैसे क्षेत्रों से जुड़े युवाओं के लिए भी अपने विभिन्न सेंटर्स के माध्यम से प्रोजेक्ट आधारित इंटर्नशिप के द्वार खोलता रहता है। इसके लिए अभ्यर्थियों को संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर लगातार नजर बनाए रखनी होती है। हालांकि इस चार सप्ताह की अवधि वाली इंटर्नशिप के दौरान किसी प्रकार का स्टाइपेंड नहीं दिया जाता है, लेकिन परिसर के भीतर रहने और खाने की व्यवस्था पूरी तरह से निःशुल्क होती है।

## मिड-करियर ट्रेनिंग और अकादमिक मेहमानों की एंट्री
सिविल सेवा परीक्षा को पास किए बिना इस प्रशासनिक केंद्र में दाखिला पाने का एक अन्य ठोस माध्यम मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP) भी है। देश की अलग-अलग केंद्रीय सेवाओं जैसे कि भारतीय राजस्व सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय वन सेवा और इसके अलावा राज्य सिविल सेवा के अनुभवी अधिकारियों को समय-समय पर रिफ्रेशर कोर्स पूरा करने के लिए मसूरी भेजा जाता है। इन अधिकारियों की गिनती भी उन लोगों में होती है जो सीधे यूपीएससी के ताजा बैच से नहीं आते बल्कि अपनी सेवा के दौरान उन्नत प्रशिक्षण के लिए वहां पहुंचते हैं। इसके साथ ही देश और विदेश से मैनेजमेंट, इकोनॉमिक्स और आधुनिक टेक्नोलॉजी के दिग्गज विशेषज्ञों को बतौर गेस्ट लेक्चरर, कंसलटेंट या रिसर्चर इस प्रतिष्ठित संस्थान में आमंत्रित किया जाता है।

क्या आम नागरिक भी इस परिसर में घूम सकते हैं, यह एक ऐसा सवाल है जो अक्सर लोगों के जेहन में आता है। यह बात भली-भांति समझ लेनी चाहिए कि यह कोई आम पर्यटन स्थल नहीं है, जिसके कारण यहां सीधे तौर पर आम लोगों की एंट्री पूरी तरह से प्रतिबंधित है। हालांकि, देश के चुनिंदा विश्वविद्यालयों और प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थानों के विद्यार्थी शैक्षणिक दौरों यानी एजुकेशनल टूर के तहत विशेष अनुमति लेकर यहां आ सकते हैं। यह प्रशासनिक सोच का एक ऐसा मंदिर है जहां केवल ज्ञान, बुद्धिमत्ता और उच्च स्तर के प्रोफेशनलिज्म के दम पर ही इन चुनिंदा रास्तों के माध्यम से प्रवेश पाया जा सकता है।

## इसका आप पर असर
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी से जुड़े इन वैकल्पिक रास्तों का असर उन युवाओं और शोधकर्ताओं पर पड़ता है जो प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से समझना चाहते हैं।

- **भारत में:** देश भर के कानून के अंतिम वर्ष के छात्रों और शोधकर्ताओं को बिना सिविल सेवा परीक्षा दिए इस प्रतिष्ठित संस्थान में अनुसंधान करने का सीधा मौका मिलता है।
- **उत्तराखंड में:** मसूरी स्थित इस प्रमुख परिसर के आसपास शैक्षणिक और शोध गतिविधियों से जुड़ी यात्राओं के जरिए स्थानीय स्तर पर अकादमिक जुड़ाव बढ़ता है।
- **इंटर्नशिप लाभ:** चार सप्ताह की इस विशेष शैक्षणिक इंटर्नशिप के दौरान चयनित युवाओं को परिसर में मुफ्त आवास और भोजन की सुविधा प्राप्त होती है।
- **व्यावसायिक अनुभव:** केंद्रीय और राज्य सेवाओं के अनुभवी अधिकारियों के लिए संचालित मिड-करियर कार्यक्रमों से प्रशासनिक दक्षता और कौशल में सुधार होता है।
- **प्रतिबंध नीति:** आम पर्यटकों के लिए संस्थान में सीधे प्रवेश पर रोक होने के कारण केवल अनुमति प्राप्त शैक्षणिक प्रतिनिधिमंडल ही परिसर का दौरा कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रवेश के लिए केवल सिविल सेवा परीक्षा ही एकमात्र पैमाना नहीं होने के पीछे संस्थान का व्यापक शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण है।

- **शैक्षणिक विस्तार:** संस्थान केवल नए अधिकारियों को प्रशिक्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि गवर्नेंस और एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ पर उच्चस्तरीय शोध को भी बढ़ावा देता है।
- **व्यावहारिक अनुभव:** युवा शोधकर्ताओं और कानून के छात्रों को जमीनी स्तर की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम तैयार किए गए हैं।
- **विशेषज्ञता का आदान-प्रदान:** देश और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों से तकनीकी और आर्थिक विशेषज्ञों को आमंत्रित करने की परंपरा प्रशासनिक सोच को समृद्ध करती है।
- **सेवाकालीन प्रशिक्षण:** विभिन्न केंद्रीय और राज्य सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के कौशल को समय-समय पर अपडेट करने के लिए रिफ्रेशर कोर्स अनिवार्य होते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. क्या बिना यूपीएससी पास किए LBSNAA जा सकते हैं?
हाँ, इंटर्नशिप, मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम और शैक्षणिक दौरों के माध्यम से बिना यूपीएससी पास किए भी LBSNAA के अंदर प्रवेश पाया जा सकता है।

### 2. लॉ स्टूडेंट्स के लिए LBSNAA में कौन सा प्रोग्राम शुरू किया गया है?
संस्थान के नेशनल सेंटर फॉर लॉ एंड एडमिनिस्ट्रेशन (NCLA) द्वारा अंतिम वर्ष के कानून के छात्रों के लिए 4 हफ्ते की एकेडमिक इंटर्नशिप शुरू की गई है।

### 3. क्या LBSNAA इंटर्नशिप के दौरान कोई स्टाइपेंड मिलता है?
इस 4 हफ्ते की इंटर्नशिप में कोई स्टाइपेंड नहीं मिलता है, लेकिन कैंपस में रहना और खाना बिल्कुल मुफ्त होता है।

### 4. मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP) में कौन भाग लेता है?
विभिन्न केंद्रीय सेवाओं के सीनियर अफसरों और राज्य सिविल सेवा के अनुभवी अधिकारियों को रिफ्रेशर कोर्स के लिए भेजा जाता है।

### 5. क्या आम लोग LBSNAA घूम सकते हैं?
यह कोई आम टूरिस्ट स्पॉट नहीं है, इसलिए डायरेक्ट एंट्री बैन है, हालांकि चुनिंदा विश्वविद्यालयों के स्टूडेंट्स एजुकेशनल टूर के तहत विशेष अनुमति से आ सकते हैं।

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