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  "type": "article",
  "title": "बोटाद के पीएम श्री प्राथमिक स्कूल में दाखिले की मची होड़, 250 बच्चे पहुंचे वेटिंग लिस्ट में",
  "summary": "गुजरात के बोटाद जिले के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल ने पढ़ाई के उच्च मानक स्थापित कर प्राइवेट संस्थानों को पीछे छोड़ दिया है। 1,364 छात्रों की क्षमता वाले इस विद्यालय में 250 बच्चे प्रवेश की प्रतीक्षा में हैं, जिनमें पुलिस अधिकारियों और बैंक कर्मियों के बच्चे भी शामिल हैं।",
  "content": "गुजरात के बोटाद जिले में स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। पीएम श्री डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन नगर प्राथमिक स्कूल नंबर 24 की शैक्षणिक गुणवत्ता और आधुनिक सुविधाओं से प्रभावित होकर माता-पिता अपने बच्चों को महंगे प्राइवेट स्कूलों से निकालकर यहाँ दाखिला दिला रहे हैं। वर्तमान में पहली से आठवीं कक्षा तक कुल 1,364 छात्र यहाँ अध्ययनरत हैं। स्कूल की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस शैक्षणिक सत्र में जगह न मिल पाने के कारण करीब 250 बच्चों को वेटिंग लिस्ट में रहना पड़ा है।\n\nप्राइवेट स्कूलों को छोड़ सरकारी विद्यालय का रुख कर रहे अभिभावक\nइस विद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि समाज के हर वर्ग में इसका गहरा विश्वास है। यह संस्थान केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि संपन्न और प्रशासनिक सेवा से जुड़े परिवार भी अपने बच्चों के भविष्य के लिए इसी स्कूल का चुनाव कर रहे हैं। वर्तमान में पुलिस सब-इंस्पेक्टर्स और बैंक कर्मचारियों जैसे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के लगभग 82 बच्चे इस सरकारी स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अभिभावकों का मानना है कि जो शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं यहाँ मिल रही हैं, वे महंगे निजी स्कूलों में भी दुर्लभ हैं।\n\n \n\nडिजिटल शिक्षा और प्रैक्टिकल लर्निंग पर विशेष ध्यान\nस्कूल प्रशासन ने रटने की परंपरा को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। प्रिंसिपल भूमिका पटेल के अनुसार, अभिभावकों का भरोसा जीतने का मुख्य कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया जाने वाला जोर है। नई शिक्षा नीति के सिद्धांतों को अपनाते हुए यहाँ की 31 समर्पित शिक्षकों की टीम छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है। स्कूल में अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक साइंस लैब और सुसज्जित कंप्यूटर लैब स्थापित की गई हैं, जहाँ डिजिटल माध्यमों और प्रयोगात्मक तरीकों से विषयों को सरलता से समझाया जाता है।\n\nखेलकूद और प्रतियोगी परीक्षाओं में अव्वल प्रदर्शन\nकिताबी ज्ञान के साथ-साथ यह विद्यालय खेल और कलात्मक गतिविधियों में भी निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। ज्ञान साधना और एनएमएमएस जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में इस स्कूल के विद्यार्थी जिला स्तर पर लगातार शीर्ष स्थान हासिल कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, गुजरात सरकार द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ और कला महाकुंभ की विभिन्न स्पर्धाओं में भी यहाँ के छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।\n\nबढ़ती छात्र संख्या के कारण 19 नए क्लासरूम का निर्माण\nविद्यालय में प्रवेश के लिए बढ़ते दबाव और छात्रों की निरंतर वृद्धि को देखते हुए बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया गया है। शुरुआत में इस प्राथमिक विद्यालय में केवल 15 क्लासरूम उपलब्ध थे। राज्य सरकार ने स्कूल की सफलता और बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए हाल ही में 19 नए कमरों का निर्माण कराया है। इस विस्तार से अब अधिक से अधिक बच्चों को एक सुरक्षित, आधुनिक और सुविधायुक्त माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।\n\nइसका आप पर असर\nयह उपलब्धि सिद्ध करती है कि सरकारी विद्यालयों में ढांचागत सुधार से जनसाधारण और सरकारी अधिकारियों का सरकारी शिक्षा तंत्र पर विश्वास फिर से बहाल हो सकता है।\n\n• भारत में: नई शिक्षा नीति और पीएम श्री योजना के तहत सरकारी स्कूलों के कायाकल्प का एक सफल मॉडल सामने आया है। इससे अन्य राज्यों के सरकारी विद्यालयों को भी बुनियादी ढांचा और डिजिटल शिक्षण सुविधाएं सुधारने की प्रेरणा मिलेगी।\n• गुजरात में: बोटाद जिले का यह मॉडल राज्य भर के प्राथमिक स्कूलों के लिए एक मिसाल बन गया है। राज्य सरकार अन्य जिलों में भी इसी तर्ज पर स्मार्ट क्लास और प्रयोगशालाओं का विस्तार कर सकती है।\n• अभिभावकों के लिए: प्राइवेट स्कूलों की महंगी फीस के बोझ से माता-पिता को बड़ी राहत मिल सकती है। वे अपने बच्चों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा दिलाकर घरेलू बजट में बचत कर सकते हैं।\n• छात्रों के लिए: प्रयोगात्मक शिक्षण और डिजिटल प्रयोगशालाओं से बच्चों में वैज्ञानिक सोच और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित होगी। इससे ज्ञान साधना और एनएमएमएस जैसी परीक्षाओं में उनका प्रदर्शन बेहतर होगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. स्कूल का पूरा नाम और स्थान क्या है?\nयह गुजरात के बोटाद में स्थित पीएम श्री डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन नगर प्राथमिक स्कूल नंबर 24 है।\n\n2. वर्तमान में इस सरकारी स्कूल में कितने बच्चे पढ़ रहे हैं और वेटिंग लिस्ट कितनी है?\nस्कूल में पहली से आठवीं कक्षा तक 1,364 छात्र नामांकित हैं और स्थान सीमित होने के कारण करीब 250 बच्चे वेटिंग लिस्ट में हैं।\n\n3. इस स्कूल में किस तरह की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं?\nस्कूल में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक साइंस लैब और कंप्यूटर लैब मौजूद हैं, जहाँ प्रैक्टिकल और डिजिटल माध्यमों से पढ़ाई कराई जाती है।\n\n4. क्या सरकारी अधिकारियों के बच्चे भी इस स्कूल में पढ़ते हैं?\nहाँ, पुलिस सब-इंस्पेक्टर्स और बैंक कर्मचारियों जैसे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के करीब 82 बच्चे इस स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं।\n\n5. छात्र संख्या बढ़ने पर गुजरात सरकार ने क्या कदम उठाया है?\nसरकार ने स्कूल की बढ़ती मांग को देखते हुए 15 मूल क्लासरूम के अलावा 19 नए कमरों का निर्माण कराया है।\n\nप्रेरणा और सबक\nयह कहानी दर्शाती है कि सही दृष्टि, निष्ठा और संसाधनों के सदुपयोग से किसी भी सार्वजनिक संस्थान की तस्वीर बदली जा सकती है।\n\n• दृढ़ संकल्प से बदलाव संभव: सीमित साधनों में भी यदि गुणवत्ता और निष्ठा पर ध्यान दिया जाए तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।\n• व्यवहारिक ज्ञान की महत्ता: किताबी ज्ञान की तुलना में डिजिटल और प्रैक्टिकल शिक्षण बच्चों के कौशल विकास में अधिक प्रभावी होता है।\n• सामूहिक प्रयास का परिणाम: शिक्षकों के समर्पण और सरकारी सहयोग के समन्वय से ही बड़े पैमाने पर सफलता हासिल की जा सकती है।",
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  "category": "करियर",
  "publishedAt": "2026-08-28",
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