कैट 2026 की तैयारी में न करें ये पांच भूलें, सीधे 10 से 15 पर्सेंटाइल तक लुढ़क सकता है स्कोर आईआईएम बैंगलोर से पढ़ाई करने और गूगल में सेवाएं देने वाली रश्मि सिंह ने कैट परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए पांच अहम गलतियां साझा की हैं, जिनसे बचकर स्कोर सुधारा जा सकता है। देशभर में प्रबंधन संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली कॉमन एडमिशन टेस्ट यानी कैट परीक्षा को सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में गिना जाता है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पास करने के लिए मजबूत रणनीति और गहरी समझ की आवश्यकता होती है। हालांकि, सही दिशा में की गई मेहनत से इसे सफलता पूर्वक पार किया जा सकता है। आईआईएम बैंगलोर से पढ़ाई पूरी करने के बाद गूगल में काम कर चुकीं रश्मि सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए उन पांच बड़ी गलतियों के बारे में खुलकर बात की है, जो अक्सर छात्र अपनी तैयारी के दौरान कर बैठते हैं। इन आम गलतियों के कारण छात्रों को परीक्षा में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है और उनका कुल पर्सेंटाइल सीधे 10 से 15 प्रतिशत तक नीचे गिर सकता है। रश्मि सिंह ने अपने पहले ही प्रयास में इस कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की थी और देश के 25 प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूलों द्वारा शॉर्टलिस्ट की गई थीं, जिसके बाद उन्होंने आईआईएम बैंगलोर में दाखिला लिया था। उनके द्वारा साझा किए गए अनुभव उन सभी उम्मीदवारों के लिए बेहद उपयोगी हैं जो आगामी परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं। कैट 2026 परीक्षा से जुड़ी मुख्य तारीखें आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, कैट 2026 की परीक्षा इस साल 29 नवंबर को तीन अलग-अलग सत्रों में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा देश के प्रमुख भारतीय प्रबंधन संस्थानों में एमबीए पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने का मुख्य जरिया है। इसके अलावा देश के कई अन्य शीर्ष बिजनेस स्कूल भी इसी प्रवेश परीक्षा के स्कोर के आधार पर छात्रों को दाखिला देते हैं, जिससे इस परीक्षा का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। मॉक टेस्ट के समय को लेकर बड़ी चूक रश्मि सिंह ने कैट की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को सलाह दी है कि उन्हें हमेशा उसी समय पर मॉक टेस्ट का अभ्यास करना चाहिए, जो समय उनके एडमिट कार्ड के अनुसार वास्तविक परीक्षा का होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जैसे ही परीक्षा का हॉल टिकट हाथ में आए, छात्रों को उसी समय स्लॉट के हिसाब से मॉक देना शुरू कर देना चाहिए। ऐसा करने से छात्र का मस्तिष्क और शरीर उस निश्चित समय पर पूरी तरह से सक्रिय रहने के लिए अभ्यस्त हो जाता है, जिससे परीक्षा हॉल में किसी तरह की असहजता नहीं होती है। सभी प्रश्नों को हल करने का अनावश्यक दबाव कई उम्मीदवार परीक्षा के दौरान हर एक सवाल को हल करने की कोशिश में अपना बहुमूल्य समय गंवा देते हैं। इस पूर्व छात्रा ने स्पष्ट किया कि कैट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में अंधाधुंध सवाल हल करने के बजाय सटीकता को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने परीक्षा में कुल 66 में से केवल 38 सवालों को ही हाथ लगाया था, इसके बावजूद उनका कुल पर्सेंटाइल 99 से अधिक दर्ज किया गया था, जो इस बात का प्रमाण है कि मात्रा से ज्यादा गुणवत्ता मायने रखती है। रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन की तैयारी को अंत के लिए टालना विशेषज्ञता रखने वाली इस पूर्व छात्रा के अनुसार, रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन यानी आरसी सेक्शन परीक्षा में बहुत बड़ा स्थान रखता है जहाँ 40 अंकों में से 24 अंक केवल इसी हिस्से से आते हैं। यदि कोई उम्मीदवार तेजी से पढ़ने की क्षमता विकसित नहीं करता है और लंबे गद्यांशों को पढ़कर तुरंत याद रखने में असमर्थ रहता है, तो उसे समय की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है। इससे उसके अंक और समय दोनों का भारी नुकसान तय है। मॉक टेस्ट देने के बाद उसका विश्लेषण न करना केवल मॉक टेस्ट देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके परिणामों की गहराई से समीक्षा करना उससे भी ज्यादा जरूरी है। रश्मि सिंह का कहना है कि 90 पर्सेंटाइल पाने वाले छात्र और 99 पर्सेंटाइल तक पहुँचने वाले मेधावी छात्रों के बीच मुख्य अंतर यही होता है कि दूसरा वर्ग अपने मॉक टेस्ट के नतीजों का बारीक विश्लेषण करता है। अपनी कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करना ही सफलता की असली कुंजी है। शुरुआती पाँच मिनट का सही इस्तेमाल अक्सर छात्र परीक्षा शुरू होते ही बिना सोचे-समझे प्रश्नों को हल करना शुरू कर देते हैं, जो कि बिल्कुल गलत तरीका है। आईआईएम बैंगलोर की इस पूर्व छात्रा ने सलाह दी है कि हर उम्मीदवार को परीक्षा के शुरुआती पांच मिनट पूरे पेपर और विभिन्न सेटों को शांति से पढ़ने में लगाने चाहिए। सही और स्कोरिंग सेट का चुनाव करना ही स्मार्ट रणनीति का हिस्सा है, जिससे परीक्षा के दौरान अनावश्यक दबाव से बचा जा सकता है। इसका आप पर असर कैट परीक्षा की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों के लिए यह समय प्रबंधन और सही रणनीति अपनाने का सबसे अहम दौर है। • राष्ट्रीय स्तर पर: जिन छात्रों की परीक्षा 29 नवंबर को है, वे समय प्रबंधन में सुधार करके अपना पर्सेंटाइल सुरक्षित कर सकते हैं। सही मॉक एनालिसिस से अंतिम समय की घबराहट और नकारात्मक अंकन से बचा जा सकता है। • छात्रों के लिए: रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन और समय के सही उपयोग पर ध्यान देने से परीक्षा में स्कोर बेहतर होता है। गलत रणनीतियों से बचने पर छात्रों के भविष्य के बिजनेस स्कूल के विकल्पों में सुधार आ सकता है। ऐसा क्यों हुआ कैट जैसी प्रवेश परीक्षाओं में अत्यधिक प्रतिस्पर्धा और सीमित समय के कारण छात्रों को सटीक रणनीति की आवश्यकता होती है। कई बार छात्र गलत अभ्यास आदतों के कारण अपना स्कोर गिरा लेते हैं। • समय प्रबंधन की कमी: वास्तविक परीक्षा समय के अनुसार मॉक टेस्ट न देने से मस्तिष्क उस घड़ी में सक्रिय नहीं रह पाता है। • सटीकता की उपेक्षा: सभी प्रश्नों को हल करने के चक्कर में नेगेटिव मार्किंग बढ़ जाती है और कुल स्कोर गिर जाता है। • तैयारी में देरी: रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन और मॉक विश्लेषण जैसे जरूरी पहलुओं को आखिरी समय के लिए छोड़ना असफलता का बड़ा कारण बनता है। सवाल-जवाब 1. कैट 2026 की परीक्षा कब आयोजित होगी? कैट 2026 की परीक्षा इस साल 29 नवंबर को तीन अलग-अलग सत्रों में आयोजित की जाएगी। 2. रश्मि सिंह ने किस संस्थान से एमबीए किया है? रश्मि सिंह ने आईआईएम बैंगलोर से एमबीए की पढ़ाई पूरी की है और वह गूगल में भी काम कर चुकी हैं। 3. मॉक टेस्ट कब से शुरू कर देने चाहिए? हॉल टिकट मिलते ही छात्रों को वास्तविक परीक्षा के समय के अनुसार मॉक टेस्ट देना शुरू कर देना चाहिए। 4. रश्मि सिंह ने अपने पहले प्रयास में कितने सवाल हल किए थे? उन्होंने 66 में से केवल 38 सवाल हल किए थे, फिर भी उनका पर्सेंटाइल 99 से अधिक रहा था। 5. रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन का परीक्षा में कितना महत्व है? रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन के 40 अंकों में से 24 अंक होते हैं, इसलिए इसकी अच्छी तैयारी आवश्यक है। प्रेरणा और सबक रश्मि सिंह का सफर उन छात्रों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों या दबाव के बावजूद शीर्ष संस्थानों में जगह बनाना चाहते हैं। • पहला प्रयास: सही रणनीति और सटीक समय प्रबंधन से पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की जा सकती है। • गुणवत्ता बनाम मात्रा: परीक्षा में सभी सवाल हल करने के बजाय कम सवाल हल करके भी उच्च पर्सेंटाइल लाया जा सकता है। • निरंतर विश्लेषण: अपनी गलतियों से सीखकर और मॉक टेस्ट का नियमित विश्लेषण करके शीर्ष संस्थानों तक पहुँचा जा सकता है। https://trendkia.com/career/cat-2026-ki-tyari-mein-n-karein-yeh-paanch-bhulein-52627 TrendKia — Har trend, sabse pehle.