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  "title": "दिल्ली यूनिवर्सिटी में हिंदू कॉलेज का जलवा, जानिए कैसे मिलता है देश के नंबर-1 संस्थान में दाखिला",
  "summary": "दिल्ली यूनिवर्सिटी का हिंदू कॉलेज एनआईआरएफ रैंकिंग में देश में पहले पायदान पर है। जानिए इस प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान के प्रमुख कोर्सेस, प्रवेश प्रक्रिया और सीटों से जुड़ी जरूरी बातें।",
  "content": "देशभर के विद्यार्थियों के बीच दिल्ली यूनिवर्सिटी का हिंदू कॉलेज हमेशा से ही सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शुमार रहा है। नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क यानी एनआईआरएफ की देश के सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों की सूची में इस संस्थान को पहला स्थान प्राप्त है। साल 1899 में स्थापित हुए इस नामी कॉलेज की पहचान केवल इसकी बेहतरीन शिक्षा और अनुशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सांस्कृतिक परिवेश और परिसर का जीवन भी बेहद शानदार है। देश को कई प्रख्यात राजनेता, कलाकार, सिविल सेवक और पत्रकार देने वाला यह कॉलेज अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए भी जाना जाता है।\n\nयदि आप भी दिल्ली यूनिवर्सिटी के इस शीर्ष संस्थान में प्रवेश पाकर अपने भविष्य को संवारना चाहते हैं, तो यहां की पाठ्यक्रम सूची की पूरी जानकारी होना आवश्यक है। ऐसा न हो कि आपकी पसंद का विषय वहां संचालित ही न होता हो। इसके अलावा, दाखिला प्रक्रिया और उसके लिए जरूरी तैयारियों के बारे में भी पूरी जानकारी होनी चाहिए। आइए जानते हैं कि इस कॉलेज में कौन-कौन से मुख्य विषय पढ़ाए जाते हैं, शिक्षण शुल्क कितना है और यहां प्रवेश पाने का क्या तरीका है।\n\nकौन सा संस्थान है दिल्ली यूनिवर्सिटी का सर्वश्रेष्ठ कॉलेज\nराष्ट्रीय राजधानी के इस प्रतिष्ठित शैक्षिक केंद्र यानी हिंदू कॉलेज की स्थापना वर्ष 1899 में कृष्ण दासजी गुरवाले द्वारा की गई थी। आगे चलकर जब साल 1922 में दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई, तो इसके निर्माण में तीन मूल कॉलेजों की मुख्य भूमिका रही थी, जिनमें सेंट स्टीफंस कॉलेज जिसकी स्थापना 1881 में हुई, हिंदू कॉलेज जो 1899 में बना, और रामजस कॉलेज जो 1917 में स्थापित हुआ, शामिल थे।\n\nहिंदू कॉलेज में किन विषयों की होती है पढ़ाई\nइस संस्थान में कला, विज्ञान और वाणिज्य यानी आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स तीनों ही प्रमुख संकायों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के बेहतरीन पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। कला और मानविकी संकाय के अंतर्गत राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, इतिहास, हिंदी, समाजशास्त्र, दर्शनशास्त्र और संस्कृत में ऑनर्स की पढ़ाई होती है। वाणिज्य संकाय के तहत बीकॉम ऑनर्स की सुविधा है, जो विद्यार्थियों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय पाठ्यक्रमों में से एक है। इसके अलावा विज्ञान संकाय में भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, सांख्यिकी, वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान विषयों में ऑनर्स पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।\n\nप्रवेश पाने की क्या है पूरी प्रक्रिया\nइस प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में दाखिला पाना इतना आसान नहीं है, क्योंकि यहां देश की सबसे कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। प्रवेश के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित सीयूईटी यूजी परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है, क्योंकि अब बारहवीं कक्षा के अंकों के आधार पर सीधी कटऑफ सूची तैयार नहीं की जाती है। परीक्षा परिणाम आने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के सीएसएएस पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है।\n\nऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान पोर्टल पर इस कॉलेज और अपनी पसंद के विषय को पहली प्राथमिकता देना अनिवार्य होता है, अन्यथा उस विद्यार्थी के नाम पर विचार नहीं किया जाता है। इसके बाद प्रवेश परीक्षा के अंकों और रैंक के आधार पर यूनिवर्सिटी द्वारा सीटें आवंटित की जाती हैं। केवल बेहतरीन अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को ही पहली या दूसरी सूची में इस कॉलेज में प्रवेश मिल पाता है.\n\nप्रवेश से जुड़े कुछ विशेष नियम और स्थितियां\nइस संस्थान में दाखिले को लेकर कुछ ऐसी खास बातें हैं जिन्हें हर आवेदक को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। सबसे पहले यह जान लें कि अब बारहवीं कक्षा के प्रतिशत के आधार पर सीधा प्रवेश पूरी तरह बंद हो चुका है। यदि किसी छात्र के बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत अंक भी आए हैं, तब भी बिना सीयूईटी परीक्षा दिए यहां दाखिला मिलना असंभव है। इसके अलावा यह एक सरकारी और डीयू से संबद्ध संस्थान है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार के मैनेजमेंट कोटे, पैसों के लेन-देन या डोनेशन के आधार पर डायरेक्ट सीट पाने की कोई व्यवस्था नहीं है।\n\nयदि कोई विद्यार्थी खेलकूद कोटा या अतिरिक्त पाठ्येतर गतिविधियों जैसे नाटक, संगीत या वाद-विवाद के माध्यम से आवेदन करना चाहता है, तो उसके लिए भी प्रवेश परीक्षा देना अनिवार्य है। इन श्रेणियों में खेल ट्रायल और प्रमाणपत्रों के अंकों को परीक्षा के स्कोर के साथ जोड़कर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाती है। हालांकि, कॉलेज कभी-कभी अंशकालिक या विदेशी भाषाओं से जुड़े अल्पकालिक सर्टिफिकेट कोर्स भी संचालित करता है, जिनके लिए प्रवेश परीक्षा की अनिवार्यता नहीं होती। ऐसे विशेष पाठ्यक्रमों के लिए संस्थान बारहवीं के अंकों या अपने स्वयं के परीक्षण के आधार पर आवेदन आमंत्रित करता है, लेकिन यह नियम नियमित डिग्री पाठ्यक्रमों पर लागू नहीं होता है.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. दिल्ली यूनिवर्सिटी का नंबर-1 कॉलेज कौन सा है?\nNIRF रैंकिंग के अनुसार हिंदू कॉलेज को देश और डीयू का नंबर-1 कॉलेज माना गया है।\n\n2. हिंदू कॉलेज की स्थापना कब हुई थी?\nइस प्रतिष्ठित कॉलेज की स्थापना साल 1899 में कृष्ण दासजी गुरवाले ने की थी।\n\n3. क्या 12वीं के अंकों के आधार पर डायरेक्ट एडमिशन मिल सकता है?\nनहीं, अब 12वीं के परसेंटेज या कटऑफ से सीधे दाखिला नहीं मिलता, इसके लिए CUET परीक्षा देना अनिवार्य है।\n\n4. क्या हिंदू कॉलेज में मैनेजमेंट कोटा या डोनेशन सीट की सुविधा है?\nनहीं, यह कॉलेज सरकारी और डीयू से संबद्ध है जहां किसी भी प्रकार के मैनेजमेंट कोटे या डोनेशन सीट की व्यवस्था नहीं है।",
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  "publishedAt": "2026-08-24",
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