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  "title": "दिल्ली के इन लोकप्रिय शिक्षकों ने बदल दी छात्रों की किस्मत, डिजिटल शिक्षा से लेकर प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचाई सफलता",
  "summary": "दिल्ली में कई ऐसे शिक्षक और उद्यमी हैं जिन्होंने पारंपरिक शिक्षण से अलग हटकर छात्रों के जीवन में बड़ा बदलाव किया है। मनोज गर्ग, जुगल चौहान, विनोद कुमार यादव, बी. सिंह, आशीष शर्मा और हरप्रीत सिंह जैसे शिक्षक आज के युवाओं को नई दिशा दे रहे हैं।",
  "content": "बिहार के खान सर की तर्ज पर दिल्ली में भी कुछ ऐसे शिक्षक हैं जो किसी पारंपरिक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर नहीं होने के बावजूद छात्रों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र अपने कॉलेज के प्रोफेसरों से ज्यादा इन शिक्षकों को जानते और पहचानते हैं। युवाओं के बीच इनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि छात्र ऑफलाइन कक्षाओं के साथ डिजिटल माध्यमों से भी भारी संख्या में इनसे पढ़ाई करते हैं।\n\nजुगल चौहान का स्टार्टअप\nजुगल चौहान का ‘कोर्स अनबॉक्स’ प्लेटफॉर्म युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने का काम कर रहा है। यह मंच डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषयों की शिक्षा देता है। आईआईटी और नीट जैसी परीक्षाओं में सफल न हो पाने वाले छात्रों के लिए यह एक बहुत अच्छा विकल्प साबित हो रहा है। यहाँ से शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र गूगल और मेटा जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनियों में सेवाएँ दे रहे हैं। जब लोग लाखों रुपये के वेतन वाली आरामदायक जिंदगी जी रहे होते हैं, तब जुगल सिंह चौहान ने एक बड़ा जोखिम उठाते हुए 20 लाख रुपये के पैकेज वाली नौकरी छोड़ दी और इस स्टार्टअप की शुरुआत की।\n\nविनोद कुमार यादव का सामाजिक योगदान\nविनोद कुमार यादव ने एक स्कूटर मरम्मत की दुकान पर काम करते समय एक ऐसे गरीब बच्चे को देखा जिसकी शिक्षा केवल धन की कमी के कारण अधूरी रह गई थी। वह घटना उनके जीवन का एक बड़ा मोड़ साबित हुई। उन्होंने यह दृढ़ संकल्प लिया कि भविष्य में कोई भी बच्चा तंगी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। आज उनके विद्यालय में दर्जनों जरूरतमंद विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा के साथ-साथ कॉपियां और किताबें भी दी जाती हैं। विनोद कुमार यादव दिल्ली के अनेक मंदिरों और गुरुद्वारों से संपर्क रखकर अपने इस सेवा कार्य का दायरा लगातार बढ़ा रहे हैं।\n\nबी. सिंह की संघर्ष और सफलता की कहानी\nदेश के सबसे बड़े आईएएस कोचिंग संस्थानों में गिने जाने वाले संस्थान के प्रमुख बी. सिंह ने अपने शुरुआती दिनों में कड़ाके की ठंड के दौरान सड़कों पर पोस्टर चिपकाने का काम किया था। कृषि पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले और हिंदी माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद बी. सिंह ने न सिर्फ आईईएस परीक्षा में शीर्ष रैंक प्राप्त की, बल्कि वर्तमान में वे ‘आईएएस फैक्ट्री’ के रूप में विख्यात संस्थान का संचालन कर रहे हैं। आज बी. सिंह देश भर के आकांक्षी युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा पास करने के गुर सिखाते हैं। नेक्स्ट आईएएस का संचालन कर रहे उनके संस्थान से पढ़कर निकलने वाले छात्र लगातार आईएएस और आईपीएस पदों पर चयनित हो रहे हैं।\n\nआशीष शर्मा का आईआईटी शिक्षण\nआईआईटी जेईई की तैयारी के क्षेत्र में एक जाने-माने नाम आशीष शर्मा स्वभाव से बेहद शांत प्रतीत होते हैं लेकिन शैक्षणिक मामलों में वे खुद हमेशा से अव्वल रहे हैं। आईआईटी रुड़की से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल करने वाले आशीष शर्मा यदि चाहते तो किसी अन्य क्षेत्र में भारी-भरकम पैकेज वाली नौकरी चुन सकते थे। इसके विपरीत उन्होंने शिक्षण कार्य को चुना और आज वे आईआईटी तथा जेईई जैसी कठिन प्रवेश परीक्षाओं को पास करने की तकनीक सिखाते हैं। आशीष शर्मा आईआईटी जेईई के शिक्षकों के बीच एक प्रतिष्ठित नाम बन चुके हैं।\n\nहरप्रीत सिंह और नीट परीक्षा की तैयारी\nजब भी नीट परीक्षा का जिक्र होता है, तो दिल्ली में यूँ तो इस परीक्षा की तैयारी कराने वाले कई शिक्षक मौजूद हैं लेकिन छात्रों के बीच एक ऐसा चेहरा सबसे पसंदीदा बना हुआ है जो सोशल मीडिया पर हमेशा चर्चा में रहता है। नीट परीक्षा के परिणाम हों, तैयारी के नुस्खे हों या परीक्षा की रणनीति से जुड़ी कोई अन्य जानकारी हो, हरप्रीत सिंह का चेहरा हमेशा आगे रहता है। वे दिल्ली की एक बड़ी कोचिंग संस्था में नीट की तैयारी करा रहे हैं और उनके मार्गदर्शन में पढ़ने वाले छात्र मेडिकल प्रवेश परीक्षा में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं.\n\nइसका आप पर असर\nदिल्ली के इन प्रसिद्ध शिक्षकों और संस्थानों की सफलता का असर देश भर के छात्रों और शिक्षा जगत पर सीधा पड़ता है।\n\n• भारत में: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों को नए डिजिटल और ऑफलाइन विकल्पों तक पहुँच मिलती है, जिससे छोटे शहरों के युवाओं को भी बेहतर मार्गदर्शन प्राप्त होता है।\n• दिल्ली में: स्थानीय स्तर पर शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को उन्नत तकनीकी कोर्स और विशेष कोचिंग का सीधा लाभ मिलता है, जिससे उनके करियर के अवसर मजबूत होते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जुगल चौहान का प्लेटफॉर्म क्या सिखाता है?\nजुगल चौहान का ‘कोर्स अनबॉक्स’ प्लेटफॉर्म डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक डिजिटल कोर्स सिखाता है।\n\n2. विनोद कुमार यादव किस तरह से समाजसेवा करते हैं?\nविनोद कुमार यादव दिल्ली के कई मंदिरों और गुरुद्वारों से जुड़कर जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा और कॉपी-किताबें उपलब्ध कराते हैं।\n\n3. बी. सिंह कौन सा संस्थान चलाते हैं?\nबी. सिंह ‘आईएएस फैक्ट्री’ के नाम से मशहूर संस्थान और नेक्स्ट आईएएस का संचालन करते हैं।\n\n4. आशीष शर्मा ने अपनी शिक्षा कहाँ से पूरी की है?\nआशीष शर्मा ने आईआईटी रुड़की से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है।\n\n5. हरप्रीत सिंह किस परीक्षा की तैयारी कराते हैं?\nहरप्रीत सिंह दिल्ली की एक बड़ी कोचिंग संस्था में नीट परीक्षा की तैयारी करवाते हैं।\n\nप्रेरणा और सबक\nइन शिक्षकों और संस्थापकों की यात्रा से युवाओं और आकांक्षी उद्यमियों को महत्वपूर्ण सीख मिलती है।\n\n• बड़ा जोखिम उठाना: जुगल चौहान ने अच्छी खासी नौकरी छोड़कर स्टार्टअप शुरू किया, जो यह सिखाता है कि बड़े लक्ष्य के लिए सुरक्षित दायरे से बाहर निकलना जरूरी होता है।\n• दूसरों की मदद करना: विनोद कुमार यादव का उदाहरण यह बताता है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए संसाधनों की कमी नहीं बल्कि सेवा भाव की जरूरत होती है।\n• कड़ी मेहनत और संघर्ष: बी. सिंह का संघर्ष यह साबित करता है कि कठिन परिस्थितियों और हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने के बावजूद शीर्ष पदों को हासिल किया जा सकता है।\n• विशेषज्ञता पर ध्यान: आशीष शर्मा और हरप्रीत सिंह का सफर यह सिखाता है कि किसी एक क्षेत्र में गहरी पकड़ और लगातार मेहनत से ही छात्रों का भरोसा जीता जा सकता है।",
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  "category": "करियर",
  "publishedAt": "2026-09-04",
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