# जामिया मिल्लिया इस्लामिया में खत्म होगी ऑनलाइन पढ़ाई, 10 नवंबर से खुलेंगे क्लासरूम और 16 से पेन-पेपर मोड में मिड-टर्म

> जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने पिछले सभी नोटिस वापस लेते हुए 10 नवंबर 2026 से कैंपस में ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने और 16 से 21 नवंबर तक पेन-पेपर मोड में सेकंड मिड-टर्म कराने का ऐलान किया है.

**Type:** article · **Category:** करियर · **Published:** 2026-10-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/career/jamia-millia-islamia-men-khatma-hogi-nalaina-parhai-10-navnbara-se-khulenge-klasaruma-aura-16-se-pena-pepara-moda-men-mida-tarma-53677 · **Language:** Hindi
**Tags:** जामिया मिल्लिया इस्लामिया, मिड टर्म एग्जाम, ऑफलाइन क्लासेस, विश्वविद्यालय नोटिस, उच्च शिक्षा, नई दिल्ली

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरा फैसला सामने आया है. पिछले कई दिनों से डिजिटल माध्यम से चल रही कक्षाओं और आगामी परीक्षाओं के स्वरूप को लेकर बनी असमंजस की स्थिति को समाप्त करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी पूर्व आदेश निरस्त कर दिए हैं. रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से जारी ताजा अधिसूचना के तहत कैंपस में अब सुचारू रूप से परंपरागत तरीके से पढ़ाई कराई जाएगी, जिससे लंबे समय से चल रहा डिजिटल सत्र समाप्त होने जा रहा है.

## पुराने सभी सर्कुलर निरस्त, रजिस्ट्रार कार्यालय ने जारी किया नया आदेश
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर मो. महताब आलम रिजवी ने 30 अक्टूबर को संशोधित परिपत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट की. इस ताजा निर्देश के प्रभावी होने के साथ ही पूर्व में 24, 26 और 28 अक्टूबर को जारी किए गए सभी आदेश तत्काल प्रभाव से निष्प्रभावी घोषित कर दिए गए हैं. पिछले आदेशों के चलते छात्र लगातार इस बात को लेकर उलझन में थे कि उनकी आगामी पढ़ाई और आंतरिक मूल्यांकन डिजिटल माध्यम से होंगे या उन्हें संस्थान परिसर में उपस्थित होना होगा. प्रशासन द्वारा अपनी पुरानी रूपरेखा में किए गए इस बड़े बदलाव से हजारों विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली है.

## 9 नवंबर तक ही ऑनलाइन सत्र, अगले दिन से क्लासरूम में जुटेंगे छात्र
नवीन शैक्षणिक कार्यक्रम के अनुसार डिजिटल माध्यम से व्याख्यानों का संचालन केवल 9 नवंबर 2026 तक ही जारी रहेगा. इसके उपरांत 10 नवंबर 2026 से सभी संकायों, विभागों और विभिन्न केंद्रों में भौतिक रूप से कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया जाएगा. इस कदम से शिक्षक और विद्यार्थी लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर आमने-सामने संवाद स्थापित कर सकेंगे. खासतौर पर प्रयोगशाला आधारित प्रायोगिक कार्य, समूह चर्चा और शोध परियोजनाओं से जुड़े छात्रों को इसका व्यापक लाभ मिलेगा, जिन्हें डिजिटल सत्र के दौरान व्यावहारिक विषयों को समझने में काफी जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा था.

## 16 से 21 नवंबर के बीच पेन-पेपर माध्यम से द्वितीय मिड-टर्म
प्रशासन ने केवल दैनिक कक्षाओं की कार्यप्रणाली ही नहीं बदली, बल्कि आंतरिक मूल्यांकन के तौर-तरीकों को लेकर भी अहम दिशानिर्देश दिए हैं. रजिस्ट्रार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि संस्थान की सेकंड मिड-टर्म परीक्षाएं किसी भी दशा में वर्चुअल मोड में नहीं कराई जाएंगी. यह परीक्षाएं 16 नवंबर से 21 नवंबर 2026 के मध्य आयोजित की जाएंगी. सभी शिक्षार्थियों को निर्धारित समय-सारणी के अनुरूप अपने संबंधित विभागों में भौतिक रूप से उपस्थित होकर पेन और पेपर के माध्यम से पर्चे हल करने होंगे.

## 28 अक्टूबर के सर्कुलर से कितना अलग है नया फैसला
संस्थान द्वारा 28 अक्टूबर को जारी किए गए पुराने परिपत्र और वर्तमान निर्देश के बीच स्पष्ट अंतर देखा जा सकता है. पूर्व आदेश में डिजिटल पढ़ाई की अवधि को 24 नवंबर तक आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई थी, साथ ही दिसंबर महीने में होने वाली सत्र-अंत की परीक्षाओं को भी वर्चुअल माध्यम से कराने की बात कही गई थी. हालांकि परिसर के शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने, शिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने और विद्यार्थियों की चिंताओं को देखते हुए प्रशासन ने इस पूरे ढांचे को पलट दिया. अब सभी अकादमिक गतिविधियां पूर्णतः जमीनी स्तर पर संचालित की जाएंगी.

## 2026-27 के शैक्षणिक कैलेंडर और उपस्थिति पर सख्त निर्देश
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान सत्र की शेष शैक्षणिक गतिविधियां, जिनमें प्रैक्टिकल वर्क, सेमिनार और प्रोजेक्ट असेसमेंट शामिल हैं, वर्ष 2026-27 के मूल शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार ही पूरी की जाएंगी. इसके अतिरिक्त सभी डीन, विभागाध्यक्षों और केंद्र निदेशकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों के दैनिक उपस्थिति रजिस्टर और परीक्षा रिकॉर्ड को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संरक्षित रखें. परिसर खुलने के बाद कक्षाओं में न्यूनतम उपस्थिति के स्थापित नियमों में किसी भी तरह की शिथिलता प्रदान नहीं की जाएगी.

## इसका आप पर असर
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में नामांकित हजारों छात्र-छात्राओं को अब 10 नवंबर 2026 से व्यक्तिगत रूप से कैंपस पहुंचकर पढ़ाई करनी होगी.

- **भारत भर के छात्रों के लिए:** दूरदराज के राज्यों से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को तुरंत दिल्ली लौटने और 10 नवंबर से पहले हॉस्टल या किराए के आवास की व्यवस्था करनी होगी. यात्रा टिकट और ठहरने की अग्रिम योजना न बनाने पर समय पर कक्षाओं में शामिल होना मुश्किल हो सकता है.
- **दिल्ली और एनसीआर में:** स्थानीय विद्यार्थियों को स्क्रीन आधारित पढ़ाई छोड़कर नियमित रूप से संस्थान परिसर तक आने-जाने का दैनिक शेड्यूल फिर से व्यवस्थित करना होगा. इससे मेट्रो और बस यात्रा का समय प्रबंधन दोबारा करना आवश्यक हो जाएगा.
- **मिड-टर्म परीक्षा की तैयारी:** द्वितीय मिड-टर्म परीक्षाएं 16 नवंबर से 21 नवंबर 2026 तक पेन-पेपर माध्यम से आयोजित की जाएंगी. छात्रों को डिजिटल सबमिशन की जगह वर्णनात्मक उत्तर लिखने और इन-पर्सन लिखित परीक्षा के प्रारूप के अनुसार अभ्यास शुरू करना होगा.
- **क्लास अटेंडेंस का नियम:** ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होते ही विभागों में छात्रों की दैनिक उपस्थिति कड़ाई से दर्ज की जाएगी. यदि विद्यार्थियों ने नियमित उपस्थिति बनाए रखने पर ध्यान नहीं दिया, तो उन्हें सत्र-अंत की परीक्षाओं से वंचित किया जा सकता है.

## ऐसा क्यों हुआ
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने डिजिटल पढ़ाई के कारण उत्पन्न भ्रम, छात्रों के कड़े विरोध और शिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित होने की वजह से अपने पिछले आदेश वापस लिए हैं.

- **विद्यार्थियों का विरोध और असमंजस:** पिछले कुछ दिनों के भीतर 24, 26 और 28 अक्टूबर को जारी किए गए अलग-अलग परिपत्रों से छात्रों में काफी भ्रम फैल गया था, जिसके बाद उपजे विरोध के दबाव में प्रशासन को संशोधित फैसला लेना पड़ा. छात्रों की स्पष्ट मांग थी कि बार-बार आदेश बदलने के बजाय कक्षाओं और परीक्षाओं की निश्चित रूपरेखा तय की जाए.
- **शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रैक्टिकल की जरूरत:** लंबे समय तक ऑनलाइन पढ़ाई चलने की वजह से प्रयोगशालाओं, प्रैक्टिकल असाइनमेंट्स और शोध आधारित विषयों को समझाने में गंभीर बाधाएं आ रही थीं. विश्वविद्यालय प्रशासन ने माना कि अकादमिक मानकों को बरकरार रखने के लिए शिक्षकों और छात्रों का क्लासरूम में आमने-सामने होना अनिवार्य है.
- **दिसंबर सत्र-अंत परीक्षाओं की तैयारी:** 28 अक्टूबर के पुराने आदेश में 24 नवंबर तक ऑनलाइन सत्र खींचने और दिसंबर में परीक्षाएं भी डिजिटल कराने की बात कही गई थी, जिससे पूरे सत्र की प्रमाणिकता प्रभावित होने का खतरा था. सत्र 2026-27 के तय शैक्षणिक कैलेंडर को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने समय रहते परिसर खोलने का निर्णय लिया.

## सवाल-जवाब

### 1. जामिया मिल्लिया इस्लामिया का कैंपस ऑफलाइन कक्षाओं के लिए कब खुलेगा?
यूनिवर्सिटी कैंपस में 10 नवंबर 2026 से सभी विभागों और फैकल्टीज में फिजिकल कक्षाएं शुरू होंगी.

### 2. जामिया में ऑनलाइन पढ़ाई किस तारीख तक जारी रहेगी?
नए निर्देश के तहत जामिया में ऑनलाइन मोड में पढ़ाई केवल 9 नवंबर 2026 तक ही कराई जाएगी.

### 3. सेकंड मिड-टर्म एग्जाम कब और किस माध्यम से आयोजित होंगे?
द्वितीय मिड-टर्म परीक्षाएं 16 नवंबर से 21 नवंबर 2026 के बीच ऑफलाइन यानी पेन-पेपर मोड में होंगी.

### 4. रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा पूर्व के कौन से आदेश रद्द किए गए हैं?
रजिस्ट्रार प्रोफेसर मो. महताब आलम रिजवी के 30 अक्टूबर के नए आदेश के अनुसार 24, 26 और 28 अक्टूबर को जारी पुराने सभी सर्कुलर रद्द कर दिए गए हैं.

### 5. 28 अक्टूबर के पुराने आदेश में क्या प्रावधान किया गया था?
पुराने सर्कुलर में 24 नवंबर तक ऑनलाइन कक्षाएं चलाने और दिसंबर में एंड-सेमेस्टर परीक्षाएं भी डिजिटल माध्यम से कराने की योजना थी.

### 6. क्या ऑफलाइन कक्षाओं में उपस्थिति के नियमों में कोई छूट मिलेगी?
नहीं, प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों और डीन को छात्रों की दैनिक उपस्थिति रिकॉर्ड पारदर्शिता से बनाए रखने और नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है.

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