# मेरठ के पल्हेड़ा में कुकरी और बेकरी ट्रेनिंग के लिए आवेदन शुरू, स्वरोजगार के लिए सरकार देगी 5 लाख तक ब्याज मुक्त कर्ज

> उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र में कुकरी और बेकरी से जुड़े 1 माह और 1 वर्ष के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए प्रवेश शुरू हो गया है।

**Type:** article · **Category:** करियर · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/career/meerut-ke-palhera-men-kukari-aura-bekari-treninga-ke-lie-avedana-shuru-svarojagara-ke-lie-sarakara-degi-5-lakha-taka-byaja-mukta-k-44323 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेरठ, कुकरी प्रशिक्षण, बेकरी कोर्स, स्वरोजगार, उत्तर प्रदेश, सीएम युवा उद्यमी विकास योजना

खाद्य और खानपान उद्योग में बढ़ते अवसरों के बीच उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र में युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत की गई है। तेजी से बदलते खानपान के दौर में फास्ट फूड, पेस्ट्री, पैटीज, डोसा और पाव भाजी जैसी चीजों की भारी मांग देखने को मिल रही है। ऐसे माहौल में अपना रेस्टोरेंट, कैफे या बेकरी यूनिट शुरू करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए यह संस्थान पेशेवर कौशल सीखने का एक व्यवस्थित मंच उपलब्ध करा रहा है। उत्तर प्रदेश शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित इस केंद्र पर युवाओं को व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान देकर आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी की जा रही है।

## पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दाखिला
पल्हेड़ा स्थित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र में दाखिले की प्रक्रिया पूरी तरह पहले आओ पहले पाओ के नियम पर आधारित रखी गई है। विशेषज्ञ प्रेमलता के अनुसार, जो भी इच्छुक अभ्यर्थी कुकरी या बेकरी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना चाहते हैं, वे सीधे केंद्र पर पहुंचकर आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म को पूरी जानकारी के साथ भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा। आवेदन के साथ उम्मीदवारों को अपनी पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षिक प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र तथा जाति प्रमाण पत्र की प्रतियां संलग्न करनी होंगी। सभी कागजात पूरे होने पर ही प्रशिक्षण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

## पाठ्यक्रम की संरचना और व्यावहारिक ज्ञान
इस केंद्र पर मुख्य रूप से दो समयावधि के कोर्स संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 1 माह की अल्पकालिक ट्रेनिंग और 1 वर्ष का विस्तृत डिप्लोमा शामिल है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को थ्योरी के साथ-साथ लैब में प्रैक्टिकल काम कराया जाता है, जिससे वे विभिन्न प्रकार के व्यंजन, बेकरी उत्पाद और कन्फेक्शनरी आइटम तैयार करने में पूरी तरह पारंगत हो सकें। कोर्स पूरा होने के बाद सभी प्रशिक्षुओं को आधिकारिक प्रमाणपत्र भी दिया जाता है। पूर्व में इस केंद्र से प्रशिक्षित कई युवा सफलतापूर्वक अपने बेकरी आउटलेट और रेस्टोरेंट संचालित कर रहे हैं।

## व्यापारिक समझ और लाइसेंसिंग की पूरी जानकारी
केवल खाना बनाना सिखाने तक ही यह प्रशिक्षण सीमित नहीं है, बल्कि यहां प्रशिक्षुओं को मार्केटिंग और बिजनेस मैनेजमेंट के गुर भी सिखाए जाते हैं। संस्थान में कच्चा माल कहां से और किस भाव पर खरीदना है, तैयार माल की बिक्री कैसे करनी है और ग्राहकों तक पहुंच कैसे बनानी है, इसका पूरा ब्यौरा दिया जाता है। इसके अलावा खाद्य व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं, आवश्यक लाइसेंस हासिल करने के नियम और गुणवत्ता नियंत्रण के मानकों की भी विस्तृत जानकारी दी जाती है, ताकि युवा अपना काम शुरू करते समय किसी कानूनी अड़चन में न फंसें।

## महिलाओं के लिए गृह उद्योग और आचार बनाने का प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं के लिए भी घर बैठे स्वरोजगार स्थापित करने का एक मजबूत जरिया बन रहा है। महिलाएं कुकरी से जुड़े विशेष मॉड्यूल में प्रवेश ले सकती हैं, जहां उन्हें पारंपरिक और आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण सिखाया जाता है। इस प्रशिक्षण के तहत विभिन्न किस्मों के अचार, आंवले का मुरब्बा, सेब का मुरब्बा, अलग-अलग तरह के सूप और सॉस बनाने की बारीकियां सिखाई जाती हैं। मेरठ शहर में कई ऐसे प्रतिष्ठित अचार निर्माता सक्रिय हैं, जिन्होंने इसी केंद्र से शुरुआती हुनर हासिल करके अपने ब्रांड को पहचान दिलाई है।

## सीएम युवा उद्यमी विकास योजना से 5 लाख तक की वित्तीय मदद
प्रशिक्षण हासिल करने के बाद यदि कोई अभ्यर्थी वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण अपना उद्यम शुरू नहीं कर पा रहा है, तो उसके लिए सरकारी सहायता का भी प्रावधान है। संस्थान से कोर्स पूरा करने वाले युवा उत्तर प्रदेश सरकार की सीएम युवा उद्यमी विकास योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत नए उद्यम की स्थापना के लिए अधिकतम ₹500000 तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता और इसके लिए किसी प्रकार की गारंटी की भी आवश्यकता नहीं होती, जिससे नए उद्यमियों को शुरुआती पूंजी जुटाने में बड़ी राहत मिलती है।

## इसका आप पर असर
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय युवाओं और महिलाओं को बिना भारी खर्च के पेशेवर पाक कला सीखने और सरकारी मदद से खुद का व्यवसाय खड़ा करने का सीधा अवसर प्रदान करता है।

- **मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में:** इच्छुक अभ्यर्थी पल्हेड़ा स्थित सरकारी केंद्र से तुरंत आवेदन फॉर्म लेकर कुकरी और बेकरी की सीटें सुरक्षित कर सकते हैं। सीटें पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दी जा रही हैं, इसलिए देरी करने पर प्रवेश से वंचित होना पड़ सकता है।
- **महिला उद्यमियों के लिए:** घर से काम करने की इच्छुक महिलाएं अचार, सूप और मुरब्बा निर्माण का वैज्ञानिक प्रशिक्षण लेकर अपना ब्रांड शुरू कर सकती हैं। इससे उन्हें न्यूनतम लागत में घरेलू स्तर पर आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
- **वित्तीय सहायता के नियम:** कोर्स पूरा करने वाले युवा सीएम युवा उद्यमी विकास योजना के तहत ₹500000 तक का बिना ब्याज वाला ऋण ले सकते हैं। इस योजना में किसी भी गारंटी की जरूरत नहीं होने से शुरुआती पूंजी की समस्या हल हो जाती है।
- **बाजार और अनुपालन:** नए कारोबारियों को कच्चा माल खरीदने से लेकर खाद्य लाइसेंस लेने तक की पूरी कानूनी जानकारी दी जाती है। इससे व्यवसाय शुरू करने के बाद सरकारी नियमों को लेकर होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
फास्ट फूड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की बढ़ती बाजार मांग तथा युवाओं में स्वरोजगार की आवश्यकता के चलते उत्तर प्रदेश सरकार इस प्रकार के व्यावहारिक कौशल कार्यक्रम संचालित कर रही है।

- **बदलती खानपान संस्कृति:** बाजार में बेकरी उत्पादों और रेडी-टू-ईट स्नैक्स की खपत बहुत तेजी से बढ़ी है। इसी मांग को भुनाने के लिए कुशल कारीगरों और नए खाद्य उद्यमियों की जरूरत महसूस की जा रही है।
- **कौशल आधारित स्वरोजगार का लक्ष्य:** पारंपरिक डिग्री की तुलना में तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण युवाओं को तेजी से आत्मनिर्भर बनाता है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है।
- **पूंजी की बाधा दूर करने की पहल:** अक्सर कौशल सीखने के बाद भी युवा धन के अभाव में दुकान या यूनिट नहीं लगा पाते हैं। इसी खाई को पाटने के लिए प्रशिक्षण के साथ सीएम युवा उद्यमी विकास योजना के शून्य ब्याज ऋण को जोड़ा गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रशिक्षण के लिए आवेदन कहां और कैसे करना होगा?
इच्छुक उम्मीदवार मेरठ के पल्हेड़ा स्थित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र में जाकर सीधे आवेदन पत्र प्राप्त कर और भरकर जमा कर सकते हैं।

### 2. प्रवेश के लिए चयन किस आधार पर होगा?
केंद्र में दाखिला पूरी तरह 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर दिया जा रहा है।

### 3. आवेदन पत्र के साथ कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे?
अभ्यर्थियों को पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षिक प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र की प्रतियां संलग्न करनी होंगी।

### 4. संस्थान में कौन से कोर्स और कितने समय के लिए उपलब्ध हैं?
यहाँ कुकरी और बेकरी से जुड़े 1 माह के अल्पकालिक और 1 वर्ष के दीर्घकालिक कोर्स उपलब्ध हैं।

### 5. क्या कोर्स पूरा होने के बाद कोई सर्टिफिकेट मिलता है?
हाँ, प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर संस्थान द्वारा आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।

### 6. महिलाओं के लिए इस केंद्र पर क्या सिखाया जाता है?
महिलाओं को कुकरी कोर्स के तहत विभिन्न प्रकार के अचार, आंवले व सेब का मुरब्बा, सॉस और सूप बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

### 7. व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकार से कितना ऋण मिल सकता है?
प्रशिक्षित युवा सीएम युवा उद्यमी विकास योजना के तहत बिना ब्याज और बिना गारंटी के ₹500000 तक का लोन ले सकते हैं।

## प्रेरणा और सबक
यह प्रशिक्षण पहल साबित करती है कि पारंपरिक और आधुनिक खाद्य कौशल को सही मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता के साथ जोड़कर एक सफल व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है।

- **कौशल को व्यवसाय में बदलें:** केवल बुनियादी ज्ञान तक सीमित रहने के बजाय व्यावहारिक प्रशिक्षण लेकर अपने शौक को आय के साधन में बदला जा सकता है।
- **घरेलू स्तर से शुरुआत की ताकत:** स्थानीय स्तर पर अचार या बेकरी का काम शुरू करने वाले उद्यमी भी समर्पित रहकर एक प्रतिष्ठित ब्रांड स्थापित कर सकते हैं।
- **सरकारी योजनाओं का सही उपयोग:** शून्य ब्याज और बिना गारंटी वाले ऋण का लाभ उठाकर पूंजी की कमी को अपने सपनों के आड़े नहीं आने देना चाहिए।

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