# मूल निवास प्रमाण पत्र की झंझट खत्म, करोड़ों SC और OBC छात्रों की पढ़ाई की राह हुई आसान

> केंद्र सरकार ने SC और OBC छात्रों की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप से डोमिसाइल सर्टिफिकेट की अनिवार्यता हटा दी है, जिसका सीधा फायदा करीब 1.2 करोड़ छात्रों को मिलेगा।

**Type:** article · **Category:** करियर · **Published:** 2026-06-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/career/mula-nivasa-pramana-patra-ki-jhnjhata-khatma-karoron-sc-aura-obc-chhatron-ki-parhai-ki-raha-hui-asana-2866 · **Language:** Hindi
**Tags:** SC OBC स्कॉलरशिप, डोमिसाइल सर्टिफिकेट, सेतु पोर्टल, उमंग ऐप, सामाजिक न्याय मंत्रालय, प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप, पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप, छात्रवृत्ति नियम

घर से दूर रहकर पढ़ाई कर रहे लाखों छात्रों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) ने अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों के लिए चलने वाली प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजनाओं में अहम बदलाव किया है। अब तक इन योजनाओं का फॉर्म भरने के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट यानी मूल निवास प्रमाण पत्र देना जरूरी होता था, लेकिन सरकार ने यह शर्त पूरी तरह खत्म कर दी है। इस एक फैसले का सीधा फायदा देश के करीब 1.2 करोड़ छात्रों तक पहुंचेगा।

डोमिसाइल सर्टिफिकेट राज्य सरकार की ओर से जारी होने वाला वह दस्तावेज है जो यह साबित करता है कि कोई व्यक्ति किस जगह का स्थायी निवासी है। स्कॉलरशिप का आवेदन करते समय इसे जमा करना अनिवार्य था। इस शर्त से सबसे ज्यादा दिक्कत उन छात्रों को होती थी जो अपने गृह राज्य से बाहर रहकर पढ़ रहे हैं। पढ़ाई के बीच में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए घर लौटना या दफ्तरों और दलालों के चक्कर काटना पड़ता था, जिसमें वक्त और पैसा दोनों बर्बाद होते थे। प्रशासनिक उलझनों को घटाकर सरकार ने छात्रों के हक में यह कदम उठाया है।

## आखिर यह बदलाव जरूरी क्यों था
शिक्षा मंत्रालय (MoE) के आंकड़े इस फैसले की वजह साफ कर देते हैं। देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले कुल 4.13 करोड़ छात्रों में से करीब 58 लाख SC और 1.47 करोड़ OBC छात्र रजिस्टर्ड हैं। नेशनल सैंपल सर्वे (NSS) और जनगणना के माइग्रेशन डेटा के मुताबिक उच्च शिक्षा हासिल करने वाले करीब 30 से 35 फीसदी छात्र अपने गृह जिले या राज्य से बाहर जाकर पढ़ाई करते हैं। मंत्रालय के सीनियर अफसरों के मुताबिक इस अनिवार्य शर्त को हटाने का असली मकसद कागजी कार्रवाई का बोझ कम करना, छात्रों के खर्च में कटौती करना और पात्र छात्रों तक बिना किसी रुकावट के स्कॉलरशिप का पैसा सीधे पहुंचाना है।

## किन छात्रों को मिलता है इन योजनाओं का लाभ
ये दोनों योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई जारी रखने में मदद करती हैं। पात्रता इस तरह तय की गई है।

- **SC छात्र (प्री-मैट्रिक):** कक्षा 9वीं और 10वीं के वे छात्र इसमें आते हैं जिनके माता-पिता की सालाना आय 2.5 लाख रुपये तक है।
- **SC छात्र (पोस्ट-मैट्रिक):** 10वीं के बाद से लेकर पीएचडी (Doctoral Level) तक की उच्च शिक्षा के लिए यह स्कॉलरशिप मिलती है।
- **OBC छात्र योजनाएं:** इनके लिए भी प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कीम्स चलती हैं, जिनकी पारिवारिक आय सीमा क्रमशः 2.5 लाख रुपये और 1 लाख रुपये सालाना रखी गई है।

## सेतु ऐप से एक ही जगह मिलेगी हर सुविधा
कागजी राहत के साथ सरकार ने डिजिटल मोर्चे पर भी बड़ा कदम उठाया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने उमंग (UMANG) प्लेटफॉर्म पर सेतु (SETU यानी Scholarship for Educational Transformation and Upliftment) नाम का नया डिजिटल पोर्टल शुरू किया है। यह एक सिंगल विंडो समाधान है, यानी अब छात्रों को अलग-अलग वेबसाइटों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। स्कॉलरशिप का फॉर्म भरने से लेकर उसका स्टेटस देखने तक का पूरा काम इसी एक प्लेटफॉर्म पर मिनटों में हो जाएगा।

## बराबरी का मौका और डिजिटल इंडिया की ताकत
मंत्रालय का कहना है कि नियमों को आसान बनाने और सेतु जैसे आधुनिक डिजिटल टूल को लाने का मकसद देश में समावेश यानी इन्क्लूजन को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि पढ़ाई के बीच में कागजी कार्रवाई और सरकारी नियम रुकावट नहीं बनने चाहिए। इन बदलावों से वेलफेयर योजनाओं की डिलीवरी पारदर्शी और तेज होगी, साथ ही दूर-दराज के गांवों से निकलकर शहरों में पढ़ रहे गरीब और पिछड़े वर्ग के युवाओं को नया हौसला भी मिलेगा।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** घर से बाहर पढ़ रहे SC और OBC छात्रों को अब स्कॉलरशिप के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने का झंझट नहीं उठाना पड़ेगा, जिससे समय और पैसा दोनों बचेंगे।
- **आवेदकों के लिए:** सेतु पोर्टल पर एक ही जगह फॉर्म भरने से लेकर स्टेटस ट्रैक करने तक का काम होने से आवेदन आसान और तेज हो जाएगा।

## सवाल-जवाब

### 1. सरकार ने स्कॉलरशिप के नियम में क्या बदलाव किया है?
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने SC और OBC छात्रों की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट की अनिवार्यता खत्म कर दी है।

### 2. इस फैसले से कितने छात्रों को फायदा होगा?
इस बदलाव का सीधा फायदा देश के करीब 1.2 करोड़ छात्रों को पहुंचेगा।

### 3. सेतु पोर्टल क्या है?
सेतु (Scholarship for Educational Transformation and Upliftment) उमंग प्लेटफॉर्म पर शुरू किया गया एक नया डिजिटल सिंगल विंडो पोर्टल है, जहां फॉर्म भरने से लेकर स्टेटस ट्रैक करने तक का काम एक ही जगह हो जाएगा।

### 4. SC प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए आय सीमा क्या है?
कक्षा 9वीं और 10वीं के SC छात्रों के लिए यह स्कॉलरशिप तब मिलती है जब माता-पिता की सालाना आय 2.5 लाख रुपये तक हो।

### 5. OBC योजनाओं की पारिवारिक आय सीमा कितनी है?
OBC प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक योजनाओं के लिए पारिवारिक आय सीमा क्रमशः 2.5 लाख रुपये और 1 लाख रुपये सालाना तय की गई है।

### 6. डोमिसाइल सर्टिफिकेट से किन छात्रों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती थी?
सबसे ज्यादा दिक्कत उन छात्रों को होती थी जो अपने गृह राज्य से बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे थे, क्योंकि उन्हें प्रमाण पत्र बनवाने के लिए घर लौटना पड़ता था।

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