नेशनल कैडेट कॉर्प्स से कैसे संवरता है भविष्य, जानिए तीनों सर्टिफिकेट और सेना में मिलने वाले बड़े फायदे एनसीसी सिर्फ परेड और अनुशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके ए, बी और सी सर्टिफिकेट सेना, पैरामिलिट्री और कॉलेज एडमिशन में करियर के कई रास्ते खोलते हैं. स्कूल और कॉलेज के दिनों में खाकी या ऑलिव ग्रीन वर्दी पहनकर कदमताल करना हर युवा के भीतर अनुशासन और देशभक्ति की भावना भर देता है. नेशनल कैडेट कॉर्प्स यानी एनसीसी युवाओं के व्यक्तित्व को तराशने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने का एक मजबूत जरिया है. किताबी ज्ञान के अलावा जीवन के व्यावहारिक अनुभवों को सीखने के लिहाज से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बेहद उपयोगी साबित होता है. कई युवाओं के मन में यह संशय रहता है कि एनसीसी क्या कोई पारंपरिक पढ़ाई का कोर्स है या फिर इससे आगे चलकर सरकारी नौकरियों और सेना में सचमुच कोई सीधा फायदा मिलता है. एनसीसी का स्वरूप और इसकी व्यावहारिक ट्रेनिंग एनसीसी कोई सामान्य अकादमिक कोर्स या स्कूली विषय नहीं है, बल्कि यह युवाओं के लिए एक स्वैच्छिक सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम है. इसका संचालन भारत सरकार का रक्षा मंत्रालय करता है. इसमें शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को अपनी नियमित क्लासरूम पढ़ाई के साथ-साथ हर हफ्ते कुछ घंटे विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है. इस ट्रेनिंग मॉड्यूल में मुख्य रूप से परेड, ड्रिल, हथियारों को संभालने का बुनियादी अभ्यास यानी वेपन ट्रेनिंग, मैप रीडिंग, आपदा प्रबंधन और समाज सेवा से जुड़ी गतिविधियां शामिल होती हैं. इसके अतिरिक्त कैडेट्स को साहसिक शिविरों, ट्रैकिंग और वास्तविक फायरिंग कैंप में हिस्सा लेने का व्यावहारिक अवसर भी मिलता है. तीन स्तरों पर मिलने वाले सर्टिफिकेट और उनकी अहमियत एनसीसी के तहत कैडेट्स को उनकी ट्रेनिंग की अवधि और योग्यता के आधार पर तीन अलग-अलग प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं • ए-सर्टिफिकेट: यह प्रमाणपत्र स्कूल स्तर पर जूनियर विंग के छात्रों को दिया जाता है, जिसे आमतौर पर कक्षा 8वीं से 10वीं की पढ़ाई के दौरान पूरा किया जाता है. • बी-सर्टिफिकेट: यह कॉलेज अथवा सीनियर सेकेंडरी स्तर पर शुरुआती दो वर्षों का कठिन प्रशिक्षण सफलता के साथ पूरा करने पर प्रदान किया जाता है. • सी-सर्टिफिकेट: यह एनसीसी का सबसे प्रतिष्ठित और अहम सर्टिफिकेट माना जाता है, जो कॉलेज के अंतिम वर्ष में कड़े कैंप और लिखित व व्यावहारिक परीक्षा पास करने के बाद मिलता है. उच्च शिक्षा और स्कॉलरशिप में मिलने वाले लाभ एनसीसी सर्टिफिकेट हासिल करने का सीधा असर उच्च शिक्षा के अवसरों पर पड़ता है. देश के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और कॉलेज स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के दौरान एनसीसी कोटे के तहत विशेष वरीयता अथवा वेटेज मार्क्स प्रदान करते हैं. इसके अलावा, प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले और प्रतिष्ठित रिपब्लिक डे कैंप यानी आरडीसी में शामिल होने वाले होनहार कैडेट्स को सरकार की तरफ से विशेष छात्रवृत्तियां भी दी जाती हैं. डिफेंस, पैरामिलिट्री और पुलिस भर्ती में सीधी छूट रक्षा मंत्रालय और विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा एनसीसी प्रमाणपत्रों को आधिकारिक मान्यता दी गई है. यदि किसी अभ्यर्थी के पास बी या सी सर्टिफिकेट है, तो उसे भारतीय थल सेना, नौसेना, वायु सेना के अलावा सीआरपीएफ और बीएसएफ जैसे अर्धसैनिक बलों की भर्तियों में लिखित परीक्षा के दौरान बोनस अंक या विशेष छूट दी जाती है. सेना में सी-सर्टिफिकेट धारकों के लिए स्पेशल एंट्री स्कीम के तहत अवसर मिलते हैं. इसके साथ ही राज्य पुलिस बलों और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की नियुक्तियों में भी एनसीसी कैडेट्स को पहली प्राथमिकता दी जाती है. इसका आप पर असर एनसीसी की ट्रेनिंग और इसके प्रमाणपत्र छात्रों को उच्च शिक्षा और सरकारी सुरक्षा सेवाओं में सीधी बढ़त दिलाते हैं. • एडमिशन में प्राथमिकता: स्कूल और कॉलेज के छात्र एनसीसी कोटे के तहत प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज में वेटेज मार्क्स या सीट रिजर्वेशन हासिल कर सकते हैं. प्रवेश प्रक्रिया के दौरान छात्रों को अपना ए, बी या सी सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होता है. • सेना भर्ती में लाभ: सी-सर्टिफिकेट धारकों को भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना में विशेष प्रवेश योजनाओं और बोनस अंकों का लाभ मिलता है. उम्मीदवार लिखित परीक्षा में छूट और सीधी चयन प्रक्रिया का लाभ उठा सकते हैं. • अर्धसैनिक व पुलिस बल: बीएसएफ, सीआरपीएफ और राज्य पुलिस की भर्तियों में एनसीसी कैडेट्स को चयन सूची में अतिरिक्त वरीयता दी जाती है. सुरक्षा क्षेत्र में करियर तलाश रहे युवाओं के लिए यह सीधा रास्ता तैयार करता है. • छात्रवृत्ति के अवसर: रिपब्लिक डे कैंप में भाग लेने वाले और ट्रेनिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स सरकारी स्कॉलरशिप के लिए पात्र होते हैं. इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई जारी रखने में सीधी वित्तीय मदद मिलती है. ऐसा क्यों हुआ एनसीसी की स्थापना युवाओं में अनुशासन, धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण और राष्ट्र सेवा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी. यह कार्यक्रम सशस्त्र बलों के लिए प्रशिक्षित और प्रेरित युवाओं का एक मजबूत बैकअप तैयार करता है. • स्वैच्छिक सैन्य प्रशिक्षण की जरूरत: आधुनिक शिक्षा में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं होता, इसलिए युवाओं को व्यावहारिक अनुशासन और शारीरिक दृढ़ता सिखाने के लिए यह ढांचा तैयार किया गया. रक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित होने के कारण इसका प्रशिक्षण उच्च मानकों पर आधारित रहता है. • सशस्त्र बलों के लिए पूर्व-तैयारी: सेना और अर्धसैनिक बलों में सीधी भर्ती के लिए पहले से बुनियादी सैन्य समझ रखने वाले युवाओं को तैयार करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रहा है. वेपन ट्रेनिंग और मैप रीडिंग से कैडेट्स को सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली की शुरुआती समझ मिलती है. • नागरिक चेतना और सामाजिक दायित्व: आपदा प्रबंधन, रक्तदान और सामाजिक सेवा अभियानों के जरिए कैडेट्स को नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग किया जाता है. इससे युवा वर्ग संकट के समय समाज और देश के काम आने के लिए तैयार रहता है. सवाल-जवाब 1. क्या एनसीसी कोई अकादमिक डिग्री या कोर्स है? नहीं, एनसीसी कोई डिग्री या शैक्षणिक कोर्स नहीं है बल्कि रक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित एक स्वैच्छिक सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम है. 2. एनसीसी में कुल कितने प्रकार के सर्टिफिकेट दिए जाते हैं? एनसीसी में तीन प्रकार के प्रमाणपत्र होते हैं: जूनियर विंग के लिए ए-सर्टिफिकेट, कॉलेज के शुरुआती वर्षों में बी-सर्टिफिकेट और अंतिम वर्ष में सी-सर्टिफिकेट. 3. एनसीसी सी-सर्टिफिकेट का सबसे बड़ा फायदा क्या है? सी-सर्टिफिकेट धारकों को भारतीय सेना में स्पेशल एंट्री स्कीम का लाभ मिलता है और अन्य सुरक्षा बलों की भर्ती में बोनस अंक या परीक्षा में छूट दी जाती है. 4. क्या एनसीसी कैडेट्स को कॉलेज एडमिशन और स्कॉलरशिप में लाभ मिलता है? हां, कई विश्वविद्यालय एनसीसी कोटे के तहत प्रवेश में वेटेज देते हैं और रिपब्लिक डे कैंप में शामिल होने वाले उत्कृष्ट कैडेट्स को सरकारी छात्रवृत्ति मिलती है. https://trendkia.com/career/national-cadet-corps-se-kaise-snvarata-hai-bhavishya-janie-tinon-sartiphiketa-aura-sena-men-milane-vale-bare-phayade-38846 TrendKia — Har trend, sabse pehle.