बिना कोचिंग फीस दिए करें नीट और जेईई की तैयारी, सरकार की इन 6 डिजिटल वेबसाइट्स से घर बैठे पूरी होगी पढ़ाई महंगी कोचिंग फीस और किताबों के खर्च से परेशान स्टूडेंट्स के लिए भारत सरकार ने कई बेहतरीन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स शुरू किए हैं। इनकी मदद से नीट, जेईई और स्कूल की पढ़ाई बिल्कुल मुफ्त में की जा सकती है। आज के दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं और कॉलेज की उच्च शिक्षा की तैयारी करना छात्रों और उनके परिवारों के लिए काफी महंगा साबित हो रहा है। कोचिंग संस्थानों की भारी-भरकम फीस और महंगी किताबों का खर्च हर छात्र के सामर्थ्य से बाहर होता जा रहा है। लेकिन अब आर्थिक तंगी की वजह से पढ़ाई रोकने की कोई आवश्यकता नहीं है। यदि आप लगन के साथ पढ़ना चाहते हैं तो देश के जाने-माने प्रोफेसर्स के लेक्चर, मॉक टेस्ट सीरीज और पाठ्यपुस्तकें बिना किसी शुल्क के आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं। भारत सरकार ने देश के हर कोने तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से कई आधुनिक और विश्वस्तरीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की शुरुआत की है। ये माध्यम केवल स्कूली विद्यार्थियों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि कॉलेज के छात्रों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे युवाओं के लिए भी बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं। यदि इन पोर्टल्स का सही तरीके से उपयोग करना सीख लिया जाए तो भारी-भरकम फीस वाली कोचिंग और महंगी गाइड बुक्स पर पैसे खर्च करने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी। आइए सरकार की उन 6 सबसे प्रभावी डिजिटल पहलों के बारे में विस्तार से जानते हैं जो आपकी तैयारी को आसान बना सकती हैं। बिना एक भी रुपया खर्च किए करें अपनी पढ़ाई नीट, जेईई और सिविल सेवा जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हर छात्र के लिए महंगी कोचिंग का खर्च उठाना संभव नहीं होता है। समाज के हर वर्ग और हर पृष्ठभूमि के युवा इन प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता पाने का सपना देखते हैं। ऐसे में सरकार की तरफ से शुरू की गई मुफ्त शिक्षा की ये योजनाएं उन सभी के लिए एक बड़ा सहारा बन सकती हैं जो संसाधनों के अभाव में पीछे छूट जाते हैं। 1. स्वयं (SWAYAM): फोन पर मिलेगी देश के शीर्ष प्रोफेसर्स की क्लास यदि आप स्कूल या कॉलेज स्तर पर हैं और अपने किसी विषय को बेहद गहराई और सरलता से समझना चाहते हैं तो ‘स्वयं’ प्लेटफॉर्म आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प है। इस पोर्टल पर कक्षा नौवीं से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक के सभी पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईटी और भारतीय प्रबंधन संस्थान यानी आईआईएम जैसे देश के सर्वोच्च शिक्षण संस्थानों के अनुभवी प्रोफेसर यहां वीडियो लेक्चर्स के माध्यम से छात्रों को पढ़ाते हैं। सबसे खास बात यह है कि यहां अध्ययन करना पूरी तरह से निःशुल्क है। यदि छात्र को पाठ्यक्रम पूरा होने पर आधिकारिक डिग्री या सर्टिफिकेट प्राप्त करना है, तो उसे केवल निर्धारित परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा। 2. दीक्षा (DIKSHA): स्कूली बच्चों और शिक्षकों के लिए सर्वसमावेशी मार्गदर्शिका विद्यालयी शिक्षा को अधिक सरल, रोचक और बोधगम्य बनाने के लिए ‘दीक्षा’ ऐप एक बेहद शानदार माध्यम साबित हो रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक का संपूर्ण एनसीईआरटी पाठ्यक्रम विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। पाठ्यपुस्तकों में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करते ही उससे संबंधित वीडियो और एनिमेटेड पाठ तुरंत स्क्रीन पर आ जाते हैं। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे विद्यार्थियों के लिए यह पाठ्यक्रम का दोहराव यानी रिवीजन करने का सबसे आसान और प्रभावी उपकरण है। 3. नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी (NDLI): दुर्लभ पुस्तकों और शोध पत्रों का विशाल महासागर यदि पढ़ाई के दौरान आपको कोई दुर्लभ किताब, जरूरी रिसर्च पेपर या पुराना स्टडी मटीरियल ढूंढने में परेशानी आ रही है तो आपको सीधे नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी का रुख करना चाहिए। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर द्वारा संचालित इस विस्तृत प्लेटफॉर्म पर करोड़ों की संख्या में पुस्तकें, ऑडियो बुक्स और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र डिजिटल फॉर्मेट में सुरक्षित रखे गए हैं। आपको केवल एक निःशुल्क अकाउंट बनाना होता है और फिर आप घर बैठे देश-विदेश की बेहतरीन किताबों और शोध सामग्रियों का पूरा लाभ उठा सकते हैं। 4. ई-पीजी पाठशाला (e-PG Pathshala): उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की मजबूत चाबी स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए ‘ई-पीजी पाठशाला’ किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। इस उपयोगी पोर्टल को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा विशेष रूप से तैयार किया गया है। इस ऑनलाइन मंच पर सत्तर से अधिक विभिन्न विषयों का उच्च स्तरीय ई-कंटेंट, ई-बुक्स और महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। यूजीसी नेट, सेट या अन्य उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को यहां का पाठ्यक्रम बेहद मददगार और सटीक लगता है। 5. साथी (SATHEE): जेईई और नीट की निःशुल्क तैयारी का आधुनिक ठिकाना शिक्षा मंत्रालय और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर की यह एक बेहद नई और सराहनीय पहल है। इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा यानी जेईई और मेडिकल प्रवेश परीक्षा यानी नीट जैसी बेहद कठिन परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्रों के लिए ‘साथी’ प्लेटफॉर्म को विशेष रूप से लॉन्च किया गया है। इस मंच पर एआई आधारित व्यक्तिगत लर्निंग टूल्स के साथ-साथ आईआईटी के मेधावी छात्रों द्वारा तैयार किए गए वीडियो लेक्चर्स मिलते हैं, जो उन बच्चों के लिए अत्यधिक उपयोगी हैं जो महंगी कोचिंग का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। 6. स्वयंप्रभा (SWAYAM Prabha): बिना इंटरनेट के भी निर्बाध रूप से जारी रहेगी पढ़ाई यदि आपके निवास स्थान या आसपास के क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या बनी रहती है तो आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। स्वयंप्रभा अस्सी से अधिक चौबीसों घंटे प्रसारित होने वाले डीटीएच चैनलों का एक ऐसा समूह है, जहां दिन-रात शैक्षिक कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाता है। प्रत्येक दिन कम से कम चार घंटे नया शैक्षिक कंटेंट दिखाया जाता है, जिसे पूरे दिन में पांच बार दोहराया जाता है। आप अपने टेलीविजन सेट पर ही अपनी सुविधानुसार समय निकालकर कक्षाएं अटेंड कर सकते हैं और अपनी पढ़ाई को जारी रख सकते हैं. इस आधुनिक डिजिटल युग में सही मार्गदर्शन और उपयुक्त अध्ययन सामग्री का चयन ही किसी भी छात्र की सफलता की दिशा तय करता है। इन सरकारी पोर्टल्स का अधिकतम लाभ उठाकर आप बिना किसी प्रकार के वित्तीय दबाव के अपनी प्रतियोगी और अकादमिक तैयारी को एक नया और ऊंचा मुकाम दे सकते हैं. इसका आप पर असर शिक्षा के क्षेत्र में इन डिजिटल पहलों से उन करोड़ों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा जो महंगी कोचिंग का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। • भारत में: छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब लाखों रुपये खर्च करने की अनिवार्यता से राहत मिलेगी और वे घर बैठे उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। • छात्रों के लिए: बिना किसी वित्तीय दबाव के नीट, जेईई और यूजीसी नेट जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए अध्ययन सामग्री, वीडियो लेक्चर्स और टेस्ट सीरीज पूरी तरह मुफ्त में उपलब्ध होंगी। ऐसा क्यों हुआ सरकार द्वारा इन डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म्स की शुरुआत देश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। • कोचिंग का बढ़ता खर्च: निजी कोचिंग संस्थानों द्वारा वसूली जाने वाली भारी फीस के कारण आम परिवारों के मेधावी छात्र पीछे छूट जाते थे। • शिक्षा का डिजिटलीकरण: देश के हर कोने तक इंटरनेट और दूरदर्शन के माध्यम से डिजिटल शिक्षा पहुँचाने के लिए सरकार ने यह तकनीकी ढांचा तैयार किया है। • संस्थानों का सहयोग: आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों को जोड़कर छात्रों के लिए उत्कृष्ट शैक्षणिक सामग्री तैयार की गई है। सवाल-जवाब 1. स्वयं पोर्टल पर किस कक्षा से पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं? स्वयं पोर्टल पर कक्षा 9 से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक के सभी पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। 2. दीक्षा ऐप का मुख्य उपयोग क्या है? दीक्षा ऐप में पहली से बारहवीं कक्षा तक का एनसीईआरटी सिलेबस और क्यूआर कोड स्कैन करने पर वीडियो लेसन मिलते हैं। 3. नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन कौन सा संस्थान करता है? नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन आईआईटी खड़गपुर द्वारा किया जाता है। 4. ई-पीजी पाठशाला को किसने तैयार किया है? ई-पीजी पाठशाला को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी ने तैयार किया है। 5. साथी प्लेटफॉर्म किसके लिए लॉन्च किया गया है? साथी प्लेटफॉर्म जेईई और नीट जैसी कठिन प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए लॉन्च किया गया है। 6. स्वयंप्रभा के जरिए पढ़ाई कैसे की जा सकती है? स्वयंप्रभा 80 से अधिक डीटीएच चैनलों का समूह है, जहां टीवी पर दिन-रात एजुकेशनल प्रोग्राम प्रसारित होते हैं। https://trendkia.com/career/neet-aur-jee-ki-taiyari-kare-bina-coaching-fees-sarkar-ki-6-digital-websites-se-30689 TrendKia — Har trend, sabse pehle.