# नीट यूजी परीक्षा पैटर्न में बड़े बदलाव की तैयारी, पेन-पेपर की जगह ऑनलाइन कंप्यूटर पर देने होंगे जवाब

> देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी को कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने इस बात के संकेत दिए हैं ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।

**Type:** article · **Category:** करियर · **Published:** 2026-09-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/career/neet-ug-to-go-digital-as-national-testing-agency-prepares-for-computer-based-test-shift-32102 · **Language:** Hindi
**Tags:** नीट यूजी, एनटीए, मेडिकल परीक्षा, कंप्यूटर आधारित परीक्षा, अभिषेक सिंह, नंदन नीलेकणि

देशभर के मेडिकल उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी जल्द ही देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा नीट यूजी के पैटर्न में भारी फेरबदल करने जा रही है। इस बदलाव के तहत पारंपरिक पेन और पेपर आधारित ओएमआर शीट व्यवस्था को हमेशा के लिए विदाई दी जा सकती है और परीक्षार्थियों को कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर ऑनलाइन माध्यम से सवालों के जवाब देने होंगे।

## ऑनलाइन मोड की तरफ बढ़ने की वजह
इस बड़े कदम के पीछे मुख्य मकसद परीक्षा प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शिता लाना और किसी भी प्रकार की धांधली या गड़बड़ी को पूरी तरह से समाप्त करना है। पिछले दिनों नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और विवादों के बाद सरकार ने कड़े कदम उठाने का फैसला किया था। इसी स्थिति से निपटने के लिए इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स का गठन किया गया था, जो देश की पूरी परीक्षा व्यवस्था को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

## सीबीटी मोड के फायदे और चुनौतियां
पारंपरिक पेन और पेपर फॉर्मेट वाली परीक्षाओं में अक्सर पेपर लीक होने, ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ करने और परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके विपरीत, कंप्यूटर आधारित टेस्ट में एन्क्रिप्टेड प्रश्न, डिजिटल लॉग्स और सख्त सर्वर सुरक्षा के कारण लीक होने की संभावनाएं लगभग शून्य हो जाती हैं। हालांकि, देश भर में लाखों छात्रों की संख्या को देखते हुए इतने बड़े स्तर पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कंप्यूटर लैब तैयार करना एक बड़ी चुनौती जरूर है, लेकिन जेईई मेन, यूजीसी नेट और सीयूईटी जैसी अन्य प्रमुख परीक्षाएं पहले ही ऑनलाइन मोड में सफलतापूर्व आयोजित की जा रही हैं।

## आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक स्तर की तकनीक
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी केवल ऑनलाइन प्रणाली तक ही सीमित नहीं रहना चाहती है, बल्कि वह परीक्षा की सुरक्षा को और चाक-चौबंद करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर भी विशेष जोर दे रही है। परीक्षा हॉल के भीतर किसी भी प्रकार की नकल या धोखाधड़ी रोकने के वास्ते एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम और उन्नत डेटा एनालिटिक्स की मदद ली जाएगी। इसके अलावा, भारत अपनी घरेलू परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के बाद ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर वैश्विक स्तर पर क्रॉस-बॉर्डर परीक्षाएं आयोजित करने की दिशा में भी विचार कर रहा है और चीन की प्रसिद्ध गाओकाओ परीक्षा जैसी कठिन व्यवस्थाओं से सीख लेकर तकनीकी सुरक्षा को मजबूत कर रहा है।

## इसका आप पर असर
नीट यूजी परीक्षा के ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित मोड में बदलने से देश भर के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों और उनके अभिभावकों की तैयारी की रणनीति पर सीधा असर पड़ेगा।

- **भारत में:** देशभर के मेडिकल छात्रों को अब भौतिक ओएमआर शीट के अभ्यास के बजाय कंप्यूटर आधारित मॉक टेस्ट और डिजिटल फॉर्मेट की आदत डालनी होगी। इससे देश भर के परीक्षा केंद्रों पर पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों पर लगाम लगने की उम्मीद है।
- **छात्रों के लिए:** परीक्षा केंद्रों पर डिजिटल सुरक्षा और एआई आधारित निगरानी बढ़ने से अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर रोक लगेगी, जिससे ईमानदार छात्रों को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का लाभ मिलेगा।
- **बुनियादी ढांचे पर:** छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के छात्रों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए कंप्यूटर लैब्स और डिजिटल उपकरणों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक तैयारी करनी होगी।
- **प्रवेश प्रक्रिया में:** परीक्षा परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया तेज होगी क्योंकि डिजिटल उत्तर पुस्तिकाओं की कंप्यूटर द्वारा जांच में कम समय लगेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
नीट यूजी परीक्षा को पेन-पेपर मोड से हटाकर ऑनलाइन सीबीटी फॉर्मेट में ले जाने का निर्णय पिछली परीक्षाओं में सामने आई गंभीर गड़बड़ियों और प्रशासनिक कमियों की वजह से लिया गया है।

- **लीक और छेड़छाड़ की समस्या:** पारंपरिक भौतिक प्रश्नपत्रों और ओएमआर शीट में छपाई, परिवहन और मूल्यांकन के दौरान छेड़छाड़ या लीक होने का जोखिम हमेशा बना रहता था।
- **टास्क फोर्स की सिफारिशें:** पिछली अनियमितताओं के बाद सरकार द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और फूल-प्रूफ बनाने के लिए कड़े तकनीकी सुधार सुझाए हैं।
- **सफल पूर्व उदाहरण:** एनटीए द्वारा पहले ही जेईई मेन, यूजीसी नेट और सीयूईटी जैसी बड़ी परीक्षाओं को ऑनलाइन मोड में सफलतापूर्व संचालित किए जाने से इस बड़े बदलाव का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
- **तकनीकी सुरक्षा की जरूरत:** आधुनिक साइबर सुरक्षा उपायों, एन्क्रिप्शन और डिजिटल लॉग्स के जरिए परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए डिजिटल मोड सबसे प्रभावी समाधान माना गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. नीट यूजी परीक्षा को किस मोड में शिफ्ट किया जा रहा है?
नीट यूजी परीक्षा को पारंपरिक पेन-पेपर मोड से हटाकर ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में शिफ्ट किया जा रहा है।

### 2. इस बदलाव की घोषणा किसने की है?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने इस बदलाव के साफ संकेत दिए हैं।

### 3. परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए किस टास्क फोर्स का गठन किया गया था?
इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अगुवाई में उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स का गठन किया गया था।

### 4. ऑनलाइन मोड में परीक्षा कराने का मुख्य कारण क्या है?
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना और पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों को जड़ से खत्म करना इसका मुख्य कारण है।

### 5. कौन सी अन्य परीक्षाएं पहले ही ऑनलाइन आयोजित हो रही हैं?
जेईई मेन, यूजीसी नेट और सीयूईटी जैसी परीक्षाएं पहले ही ऑनलाइन सीबीटी मोड में आयोजित हो चुकी हैं।

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