सिर्फ 4-5 घंटे रोज पढ़कर आईआईटी मुंबई पहुंचीं तमन्ना, रांची की इस स्टूडेंट ने बताया क्वालिटी वाला फॉर्मूला रांची की तमन्ना अब आईआईटी मुंबई में कंप्यूटर साइंस पढ़ रही हैं और उन्होंने बताया कि रोज सिर्फ 4-5 घंटे फोकस्ड सेल्फ स्टडी, तय रूटीन और एनसीईआरटी पर भरोसे से उन्होंने 2 साल में जेईई क्रैक किया. झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली तमन्ना अब आईआईटी मुंबई में कंप्यूटर साइंस ब्रांच की पढ़ाई कर रही हैं. आईआईटी जैसे मुश्किल एग्जाम को क्रैक करने के लिए उन्होंने कोई शॉर्टकट नहीं अपनाया, बल्कि 2 साल तक बेहद अनुशासित तरीके से एक तय रणनीति पर काम किया. उन्होंने अपना कमरा, अपनी कॉपी और किताबें दिखाते हुए बताया कि आईआईटी में पढ़ने वाले स्टूडेंट की तैयारी असल में कैसी दिखती है. कमरे में झलकती मेहनत की कहानी तमन्ना ने बताया कि उनके कमरे में रखे सारे नोट्स ऑरेंज रंग से हाईलाइट किए हुए मिलेंगे. उनके पास किताबों की तादाद ज्यादा नहीं है, लेकिन जो भी किताबें उनके पास रहीं, उन्हें बेहद बारीकी से पढ़ा गया. उनका मानना है कि जितनी किताबें आप जमा कर लें, उससे फर्क नहीं पड़ता, फर्क इस बात से पड़ता है कि आपने जो पढ़ा उसे कितनी अच्छी तरह समझा. क्वालिटी पहले, क्वांटिटी नहीं तमन्ना हमेशा क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी को तरजीह देती रही हैं. उनका कहना है कि कोई स्टूडेंट 12 से 14 घंटे पढ़कर भी कॉन्सेप्ट नहीं समझ पाता, जबकि कोई सिर्फ 8 घंटे पढ़कर भी अच्छा स्कोर कर लेता है. यानी पढ़ाई के घंटे नहीं, बल्कि पढ़ाई की गुणवत्ता मायने रखती है. तमन्ना की खुद की सेल्फ स्टडी रोज सिर्फ 4 से 5 घंटे की होती थी और उनके मुताबिक इतना समय काफी है, बशर्ते वह पूरी ईमानदारी और फोकस के साथ की जाए. सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक का रूटीन तमन्ना ने अपनी 2 साल की तैयारी के दौरान एक सख्त रूटीन अपनाया था. सुबह 6:00 बजे उठना, फिर स्कूल जाना, स्कूल से लौटकर कोचिंग अटेंड करना और उसके बाद सेल्फ स्टडी करना, यही उनका रोज का शेड्यूल था. रात 10:00 बजे तक वह सो जाती थीं और कभी रातभर जागकर पढ़ाई नहीं की. समय पर सोना और समय पर उठना, इस नियम का उन्होंने पूरी तरह पालन किया. जो भी पढ़ती थीं, उसे पूरे फोकस और ईमानदारी के साथ पढ़ती थीं और यही उनकी असली स्ट्रैटेजी रही. एनसीईआरटी और मॉक टेस्ट पर फोकस किताबों के मामले में तमन्ना ने एनसीईआरटी को ही आधार बनाया. इसके अलावा कोचिंग इंस्टीट्यूट से मिले नोट्स का इस्तेमाल किया. उन्होंने अपना पूरा फोकस सिर्फ इन्हीं दो चीजों पर बनाए रखा और इधर-उधर की दर्जनों किताबों में उलझने से बचीं. साथ ही उन्होंने कई बार मॉक टेस्ट दिए और हर बार यह देखा कि उनसे कहां-कहां गलतियां हो रही हैं. इसके बाद उन गलतियों को तब तक सुधारा जब तक कॉन्सेप्ट पूरी तरह से 100% क्लियर नहीं हो गया. पार्टी नहीं, सिर्फ थोड़ा रिफ्रेशमेंट तमन्ना का मानना है कि एक ही अच्छी किताब को 25 बार पढ़कर उसका कॉन्सेप्ट पूरी तरह क्लियर कर लेना, बाजार में मिलने वाली हजारों किताबें खरीदने से कहीं ज्यादा फायदेमंद है, क्योंकि इतनी सारी किताबें कोई भी स्टूडेंट पूरी तरह नहीं पढ़ पाता. तैयारी के 2 सालों के दौरान उन्होंने किसी पार्टी में शिरकत नहीं की. कभी-कभार एक-दो मौकों पर शामिल हुईं तो वह अलग बात है, लेकिन आमतौर पर मूड फ्रेश करने के लिए वह नीचे साइकिल चला लेती थीं या थोड़ी देर वॉकिंग कर लेती थीं. इससे ज्यादा उन्होंने खुद को किसी और चीज में नहीं उलझाया. क्लास 11 के स्टूडेंट्स के लिए सलाह अभी जो बच्चे क्लास 11 में पहुंच रहे हैं, उनके लिए तमन्ना की सलाह है कि कंसिस्टेंसी के साथ मेहनत करें, क्योंकि सिर्फ एक दिन जमकर पढ़ लेने से कुछ हासिल नहीं होता. हर दिन एक तय समय पर पढ़ाई करनी जरूरी है. उन्होंने खास तौर पर कहा कि एनसीईआरटी पर फोकस बनाए रखें और जो भी कॉन्सेप्ट पढ़ें, उसे पूरी तरह क्लियर करें, तभी बड़ी सफलता मिल सकती है. इसका आप पर असर • जेईई और अन्य कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए: तमन्ना की कहानी बताती है कि सिर्फ ज्यादा घंटे किताब खोलकर बैठने से फायदा नहीं होता, बल्कि तय रूटीन, एनसीईआरटी पर पूरा फोकस और मॉक टेस्ट से बार-बार गलतियां सुधारने की आदत सफलता दिला सकती है. सवाल-जवाब 1. तमन्ना कहां की रहने वाली हैं? तमन्ना झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली हैं. 2. तमन्ना फिलहाल कहां और किस ब्रांच में पढ़ाई कर रही हैं? वह आईआईटी मुंबई में कंप्यूटर साइंस ब्रांच में पढ़ाई कर रही हैं. 3. तमन्ना रोज कितने घंटे सेल्फ स्टडी करती थीं? उनकी रोज की सेल्फ स्टडी सिर्फ 4 से 5 घंटे की होती थी. 4. तमन्ना का रोज का रूटीन क्या था? वह सुबह 6:00 बजे उठतीं, स्कूल जातीं, स्कूल के बाद कोचिंग अटेंड करतीं, फिर सेल्फ स्टडी करतीं और रात 10:00 बजे तक सो जाती थीं. 5. उन्होंने तैयारी के लिए किन किताबों का इस्तेमाल किया? उन्होंने एनसीईआरटी की किताबों और अपने कोचिंग इंस्टीट्यूट के नोट्स पर ही पूरा फोकस रखा. 6. क्या तमन्ना ने कभी रातभर जागकर पढ़ाई की? नहीं, उन्होंने कभी रातभर पढ़ाई नहीं की और हमेशा समय पर सोने-जागने के नियम का पालन किया. 7. क्या तमन्ना अपनी तैयारी के दौरान पार्टी अटेंड करती थीं? नहीं, 2 साल की तैयारी के दौरान उन्होंने लगभग कोई पार्टी अटेंड नहीं की, कभी-कभार एक-दो मौकों पर गईं तो वह अपवाद था. 8. तमन्ना क्लास 11 के स्टूडेंट्स को क्या सलाह देती हैं? वह सलाह देती हैं कि कंसिस्टेंसी के साथ रोज तय समय पर पढ़ाई करें और एनसीईआरटी पर फोकस बनाए रखते हुए हर कॉन्सेप्ट पूरी तरह क्लियर करें. प्रेरणा और सबक तमन्ना की तैयारी से कई सीख मिलती हैं, जो कोई भी स्टूडेंट अपनी पढ़ाई में उतार सकता है. • घंटों से ज्यादा गुणवत्ता मायने रखती है: रोज सिर्फ 4-5 घंटे की फोकस्ड सेल्फ स्टडी ने उन्हें आईआईटी तक पहुंचाया, जबकि कई स्टूडेंट 12-14 घंटे पढ़कर भी कॉन्सेप्ट क्लियर नहीं कर पाते. • अनुशासन में लगातार बने रहना: 2 साल तक सुबह 6 बजे उठने और रात 10 बजे सोने के नियम को बिना तोड़े निभाया, कभी रातभर जागकर पढ़ाई नहीं की. • सीमित संसाधनों का गहराई से इस्तेमाल: ढेर सारी किताबें जमा करने की बजाय सिर्फ एनसीईआरटी और कोचिंग के नोट्स पर फोकस रखा और उन्हें बार-बार पढ़ा. • गलतियों से सीखने की आदत: मॉक टेस्ट बार-बार दिए और हर बार अपनी गलतियां पकड़कर तब तक सुधारा जब तक कॉन्सेप्ट 100% क्लियर नहीं हो गया. • संतुलन के साथ फोकस: पार्टी और बाहरी डिस्ट्रैक्शन से दूर रहीं, लेकिन मूड फ्रेश रखने के लिए साइकिलिंग और वॉकिंग जैसी छोटी चीजों को जगह दी. https://trendkia.com/career/sirpha-4-5-ghnte-roja-parhakara-iit-bombay-pahunchin-tamanna-ranchi-ki-isa-studenta-ne-bataya-kvaliti-vala-phormula-7239 TrendKia — Har trend, sabse pehle.