उच्च शिक्षण संस्थानों में 1.09 करोड़ विद्यार्थियों को मिल रही आर्थिक मदद, डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में साझा किया आंकड़ा वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार विभिन्न सामाजिक वर्गों के 1.09 करोड़ छात्रों को पोस्ट-मैट्रिक और उच्च शिक्षा छात्रवृत्तियां प्रदान कर रही है। राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, डीबीटी और रियल-टाइम ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से आर्थिक सहायता सीधे छात्रों के खातों में भेजी जा रही है। उच्च शिक्षा और शोध गतिविधियों में लगे विद्यार्थियों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने छात्रवृत्ति और फेलोशिप योजनाओं के दायरे को व्यापक बनाया है। संसद के उच्च सदन राज्यसभा में प्रस्तुत आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पोस्ट-मैट्रिक और उच्च शिक्षण पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत लगभग 1.09 करोड़ विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति सहायता प्रदान की जा रही है। केंद्रीय शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न छात्रवृत्ति और फेलोशिप योजनाओं का विस्तृत ब्योरा साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वृहद वित्तीय आवंटन का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले प्रतिभाशाली छात्रों को निर्बाध शिक्षा का अवसर देना है, ताकि धन का अभाव उनकी अकादमिक प्रगति में बाधा न बन सके। सामाजिक श्रेणियों के अनुसार छात्रवृत्ति का विस्तृत आवंटन शिक्षा मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों में विभिन्न सामाजिक और आर्थिक वर्गों के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग छात्रवृत्ति आवंटन को रेखांकित किया गया है। सरकार की नीति के तहत पोस्ट-मैट्रिक स्तर से लेकर पीएचडी और उच्च शोध स्तर तक के छात्रों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC) तथा विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों (DT) श्रेणी में आने वाले छात्रों के लिए कुल मिलाकर लगभग 36 लाख छात्रवृत्तियां स्वीकृत की गई हैं। यह वित्तीय सहायता इन वर्गों के युवाओं को उच्च शिक्षा के संस्थानों में प्रवेश लेने और बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी पढ़ाई पूरी करने में मदद करती है। इसी प्रकार, अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के विद्यार्थियों के उत्थान और उन्हें शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए बड़े पैमाने पर बजट प्रावधान किए गए हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए लगभग 48 लाख छात्रवृत्तियां मंजूर की गई हैं। यह विशाल संख्या पोस्ट-मैट्रिक कक्षाओं, स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकित एससी विद्यार्थियों की विविध शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करती है। इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी व्यापक सहायता सुनिश्चित की गई है। सरकार ने एसटी वर्ग के छात्रों के लिए लगभग 24 लाख छात्रवृत्तियों का प्रावधान किया है। जब OBC, EBC, DT, SC और ST श्रेणियों के इन आंकड़ों को जोड़ा जाता है, तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में पोस्ट-मैट्रिक और उच्च शिक्षा हेतु दी जाने वाली कुल छात्रवृत्तियों की संख्या लगभग 1.09 करोड़ तक पहुंच जाती है। नेशनल स्कॉलरशिप फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज की रूपरेखा स्नातकोत्तर यानी पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर पढ़ाई करने वाले युवाओं को केंद्रित वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा नेशनल स्कॉलरशिप फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज (NSPGS) योजना संचालित की जा रही है। इस एकीकृत योजना को शैक्षणिक सत्र 2023-24 में औपचारिक रूप से लागू किया गया था। NSPGS के शुभारंभ से पूर्व स्नातकोत्तर स्तर पर चार अलग-अलग छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जा रही थीं, जिन्हें सुव्यवस्थित और एकीकृत करने के उद्देश्य से इस एकल योजना के तहत विलय कर दिया गया। NSPGS में समाहित की गई चार पूर्ववर्ती योजनाओं का विवरण इस प्रकार है • पीजी सिंगल गर्ल चाइल्ड छात्रवृत्ति: स्नातकोत्तर स्तर पर अध्ययनरत परिवार की एकल बालिका संतान को उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करने के लिए दी जाने वाली छात्रवृत्ति। • पीजी यूनिवर्सिटी रैंक होल्डर्स छात्रवृत्ति: स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में विश्वविद्यालय स्तर पर शीर्ष रैंक हासिल करने वाले मेधावी छात्रों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता। • SC और ST छात्रों के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रम छात्रवृत्ति: प्रोफेशनल यानी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए विशेष वित्तीय योजना। • GATE तथा GPAT आधारित स्नातकोत्तर छात्रवृत्ति: राष्ट्रीय स्तर की इंजीनियरिंग (GATE) और फार्मेसी (GPAT) प्रवेश परीक्षाओं में उत्तीर्ण होकर स्नातकोत्तर में दाखिला लेने वाले छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति। नेशनल स्कॉलरशिप फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज (NSPGS) के अंतर्गत पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को एक शैक्षणिक वर्ष में अधिकतम 10 महीने तक प्रति माह 15,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस प्रकार, एक शैक्षणिक वर्ष में किसी पात्र छात्र को 1.5 लाख रुपये तक की कुल सहायता प्राप्त हो सकती है। इस राशि का उपयोग विद्यार्थी अपनी ट्यूशन फीस, पुस्तकों, शिक्षण सामग्री तथा हॉस्टल या जीवनयापन के अन्य व्यक्तिगत खर्चों को वहन करने के लिए कर सकते हैं, जिससे उच्च अध्ययन के दौरान उनका ध्यान केवल अकादमिक उत्कृष्टता पर केंद्रित रहता है। एकल बालिकाओं के लिए शोध फेलोशिप और सावित्रीबाई फुले योजना उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक व सामाजिक अनुसंधान के क्षेत्र में महिलाओं तथा एकल बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार और UGC ने विशेष फेलोशिप व्यवस्था बनाई है। यूजीसी ने सितंबर 2022 में सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले पोस्ट ग्रेजुएट फेलोशिप फॉर सिंगल गर्ल चाइल्ड नाम से एक प्रमुख योजना शुरू की थी। इस नई योजना ने पहले से संचालित स्वामी विवेकानंद सिंगल गर्ल चाइल्ड फेलोशिप का स्थान लिया। सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले फेलोशिप योजना का मुख्य उद्देश्य देश के मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में उच्च शिक्षा तथा रिसर्च कर रही एकल बालिकाओं को बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रखने में सक्षम बनाना है। इस योजना के तहत पात्र महिला शोधार्थियों को दो साल की अवधि के लिए फेलोशिप राशि उपलब्ध कराई जाती है। दो वर्षों तक मिलने वाली यह निरंतर वित्तीय सहायता महिला शोधकर्ताओं को स्वतंत्रतापूर्वक अपने शोध पत्र तैयार करने और अकादमिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए संबल प्रदान करती है। पारदर्शी भुगतान के लिए DBT और SNA-SPARSH डिजिटल प्लेटफॉर्म छात्रवृत्ति और फेलोशिप की विशाल धनराशि को बिना किसी देरी और मध्यस्थता के सही लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने आधुनिक डिजिटल तकनीक का उपयोग किया है। संपूर्ण भुगतान प्रक्रिया को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से संचालित किया जाता है। इस व्यवस्था के अंतर्गत छात्रवृत्ति और फेलोशिप की स्वीकृत राशि सीधे लाभार्थी विद्यार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है। आधार लिंकेज और डीबीटी व्यवस्था के कारण फंड के दुरुपयोग या किसी तीसरे पक्ष द्वारा भुगतान रोके जाने की संभावना समाप्त हो जाती है। इसके अतिरिक्त, जारी की गई राशि की रियल-टाइम निगरानी और उपयोग पर नज़र रखने के लिए सरकार ने SNA-SPARSH प्लेटफॉर्म को लागू किया है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों द्वारा स्वीकृत फंड की रियल-टाइम ट्रैकिंग में मदद करता है। SNA-SPARSH प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि आवंटित बजट का किस स्तर पर और किस तरह से इस्तेमाल हो रहा है, तथा क्या विद्यार्थियों तक समय पर धनराशि पहुंच रही है या नहीं। इस प्रशासनिक पारदर्शिता से प्रणाली में जवाबदेही बढ़ी है और देरी की समस्याओं का समाधान हुआ है। उच्च शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति संसद में पेश किए गए ये आंकड़े केंद्र सरकार की उस दीर्घकालिक रणनीति को दर्शाते हैं, जिसका उद्देश्य भारत में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारना और शोध संस्कृति को सुदृढ़ बनाना है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1.09 करोड़ छात्रवृत्तियों का प्रावधान यह स्पष्ट करता है कि सरकार समाज के पिछड़े, वंचित और मध्यम वर्गीय परिवारों के युवाओं को शिक्षा के समान अवसर देने के प्रति गंभीर है। पोस्ट-मैट्रिक स्तर पर बड़े पैमाने पर सहायता देने के साथ-साथ UGC की NSPGS जैसी स्नातकोत्तर योजनाओं और सावित्रीबाई फुले फेलोशिप जैसी शोध पहलों के माध्यम से हर स्तर पर योग्य विद्यार्थियों की सहायता की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सुव्यवस्थित वित्तीय सहयोग से न केवल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) में सुधार होगा, बल्कि उच्च शोध के क्षेत्रों में प्रतिभाशाली युवाओं का रिटेंशन भी बढ़ेगा। Direct Benefit Transfer और रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग के समन्वय ने इस पूरी व्यवस्था को अत्यधिक कुशल और छात्र-अनुकूल बना दिया है। इसका आप पर असर छात्रों और अभिभावकों के लिए असर: • भारत भर के छात्रों के लिए: पोस्ट-मैट्रिक और उच्च शिक्षा में अध्ययनरत छात्र NSPGS तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। • पारदर्शी भुगतान: छात्रवृत्ति राशि सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाती है, इसलिए विद्यार्थियों को अपना बैंक खाता और आधार विवरण अपडेट रखना चाहिए। सवाल-जवाब 1. वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार कितनी छात्रवृत्तियां दे रही है? सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में पोस्ट-मैट्रिक और उच्च शिक्षा के लिए लगभग 1.09 करोड़ छात्रवृत्तियां प्रदान कर रही है। 2. विभिन्न सामाजिक श्रेणियों को कितनी छात्रवृत्तियां आवंटित की गई हैं? OBC, EBC और DT छात्रों को लगभग 36 लाख, SC छात्रों को लगभग 48 लाख तथा ST छात्रों को लगभग 24 लाख छात्रवृत्तियां आवंटित की गई हैं। 3. NSPGS योजना के तहत विद्यार्थियों को प्रति माह कितनी राशि मिलती है? नेशनल स्कॉलरशिप फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज (NSPGS) के तहत पात्र छात्रों को 10 महीने तक प्रति माह 15,000 रुपये की सहायता मिलती है। 4. NSPGS योजना में किन-किन पुरानी योजनाओं को शामिल किया गया है? इसमें पीजी सिंगल गर्ल चाइल्ड, पीजी यूनिवर्सिटी रैंक होल्डर्स, SC/ST व्यावसायिक पाठ्यक्रम तथा GATE/GPAT आधारित पोस्टग्रेजुएट छात्रवृत्ति योजनाओं का विलय किया गया है। 5. सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले पोस्ट ग्रेजुएट फेलोशिप की अवधि कितनी है? यह फेलोशिप एकल बालिकाओं को उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए दो साल की अवधि हेतु प्रदान की जाती है। 6. छात्रवृत्ति का भुगतान और ट्रैकिंग कैसे की जाती है? राशि सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है और इसकी रियल-टाइम निगरानी SNA-SPARSH प्लेटफॉर्म द्वारा होती है। https://trendkia.com/career/uchcha-shikshana-snsthanon-men-1-09-karora-vidyarthiyon-ko-mila-rahi-arthika-madada-dr-sukanta-majumdar-ne-rajya-sabha-men-sajha-k-16251 TrendKia — Har trend, sabse pehle.