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  "title": "अंबिकापुर की रानी सोनी ने यूट्यूब से सीखकर शुरू किया 'स्वाद स्टेशन', बेटे के साथ मिलकर खड़ा किया कारोबार",
  "summary": "छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में गृहिणी रानी सोनी ने अपने बेटे के साथ मिलकर ढाई लाख रुपये की लागत से 'स्वाद स्टेशन' नाम से एक नया स्टार्टअप शुरू किया है, जहां वे डोसा, मोमोज और सैंडविच बेच रही हैं।",
  "content": "छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के नवापारा इलाके में 'स्वाद स्टेशन' नाम से एक नया फूड स्टार्टअप शुरू किया गया है। इस अनोखे उद्यम की शुरुआत एक गृहिणी रानी सोनी ने अपने बेटे के साथ मिलकर की है, जहां ग्राहकों को डोसा, मोमोज और सैंडविच जैसे लजीज व्यंजन परोसे जा रहे हैं। रानी सोनी ने अपने अब तक के जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि वह लंबे समय से एक गृहणी के रूप में घर संभालती आ रही हैं और उनके दो बच्चे हैं। परिवार में पति की पेंशन से गुजर-बसर होती है, लेकिन दिनभर के खाली समय में घर पर बैठे रहना उन्हें बोरियत भरा लगता था। ऐसे में उनके बेटे ने उन्हें जीवन में कुछ नया करने और खुद का काम शुरू करने की सलाह दी, जिसके बाद उन्होंने इस खाली पड़ी दुकान में खान-पान का व्यवसाय जमाने का पक्का इरादा कर लिया।\n\nढाई लाख रुपये की शुरुआती लागत\nइस नए स्टार्टअप को जमीन पर उतारने के लिए रानी सोनी और उनके परिवार ने करीब 2 से 2.5 लाख रुपये का निवेश किया है। इस शुरुआती बजट से दुकान की रूपरेखा तैयार की गई है और फिलहाल ग्राहकों के लिए डोसा, मोमोज, सैंडविच और तरह-तरह के शेक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संचालकों का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है और आने वाले दिनों में ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए मेन्यू में कई नए व्यंजनों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को और अधिक विकल्प मिल सकें।\n\nयूट्यूब वीडियो से हासिल किया हुनर\nसबसे दिलचस्प बात यह है कि डोसा और अन्य फूड आइटम्स तैयार करने की कोई व्यावसायिक ट्रेनिंग रानी ने नहीं ली है। उन्होंने यह पूरा हुनर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म यूट्यूब और मोबाइल पर मौजूद वीडियो देखकर खुद ही सीखा है। वह पहले भी अपने घर पर तरह-तरह के व्यंजन बनाने के नए-नए प्रयोग करती रहती थीं, और इसी घरेलू अनुभव और अभ्यास को उन्होंने अब अपने इस व्यावसायिक सफर में पूरी मेहनत के साथ इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।\n\nमेन्यू में शामिल हैं ये खास व्यंजन\nफिलहाल उनकी इस दुकान पर ग्राहकों को सादा डोसा, मसाला डोसा और पनीर डोसा के अलावा स्वादिष्ट मोमोज, सैंडविच और रिफ्रेशिंग शेक परोसे जा रहे हैं। रानी का मानना है कि चूंकि उन्होंने अभी इस काम की शुरुआत ही की है, इसलिए वह धीरे-धीरे अपने काम को विस्तार देंगी और खाने-पीने की वस्तुओं की रेंज को और बढ़ाएंगी।\n\nबेटे का मिल रहा है पूरा साथ\nइस कारोबार को आगे बढ़ाने में रानी के बेटे उनका पूरा हाथ बंटा रहे हैं। उनके बेटे ने दुकान के कामकाज और डोसा बनाने की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताते हुए कहा कि वह अपनी मां के साथ मिलकर दुकान संभालते हैं। डोसा तैयार करने की विधि के बारे में उन्होंने बताया कि इसके लिए सबसे पहले चावल और दाल को पानी में भिगोकर अच्छी तरह पीसा जाता है, जिसके बाद उस तैयार घोल को कुछ घंटों के लिए रख दिया जाता है ताकि वह फर्मेंट हो सके। इसके बाद उसमें तय मात्रा में नमक मिलाया जाता है और तवे को पूरी तरह गर्म कर उस पर करीने से डोसा तैयार किया जाता है। बेटे ने यह भी जानकारी दी कि ग्राहकों की मांग को देखते हुए दुकान के मेन्यू में बहुत जल्द इडली को भी शामिल किया जाएगा।\n\nइसका आप पर असर\nयह स्टार्टअप उन गृहिणियों के लिए प्रेरणा है जो खाली समय में अपने हुनर के दम पर खुद का रोजगार शुरू करना चाहती हैं।\n\n• भारत में: गृहिणियों और छोटे उद्यमियों के लिए ऑनलाइन माध्यमों से हुनर सीखकर स्वरोजगार अपनाने का यह एक बेहतरीन उदाहरण है।\n• अंबिकापुर में: स्थानीय ग्राहकों को किफायती दाम पर नए फूड विकल्प मिलने लगे हैं और युवाओं को छोटे व्यवसायों से जुड़ने की प्रेरणा मिल रही है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nपारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच खाली समय के सदुपयोग और स्वरोजगार की चाहत ने इस स्टार्टअप को जन्म दिया।\n\n• खाली समय का सदुपयोग: पति की पेंशन के सहारे के बाद भी गृहिणी के पास दिन में काफी समय खाली रहता था, जिससे कुछ उत्पादक शुरू करने की प्रेरणा मिली।\n• बेटे का सहयोग: बेटे की सलाह और शुरुआती निवेश ने मां को नया व्यावसायिक कदम उठाने का साहस दिया।\n• डिजिटल संसाधनों की पहुंच: मोबाइल और यूट्यूब के जरिए बिना किसी महंगे प्रशिक्षण के आसानी से व्यंजन बनाना सीखने की सुविधा ने इस काम को मुमकिन बनाया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. स्वाद स्टेशन की शुरुआत किसने की है?\nइस स्टार्टअप की शुरुआत गृहिणी रानी सोनी ने अपने बेटे के साथ मिलकर की है।\n\n2. यह दुकान कहां पर स्थित है?\nयह दुकान छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के नवापारा इलाके में है।\n\n3. इस स्टार्टअप को शुरू करने में कितनी लागत आई है?\nइस स्टार्टअप को शुरू करने में लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये की लागत आई है।\n\n4. रानी सोनी ने डोसा बनाना कहां से सीखा?\nउन्होंने डोसा और अन्य व्यंजन बनाने की जानकारी यूट्यूब और मोबाइल वीडियो से सीखी है।\n\n5. फिलहाल दुकान पर कौन-कौन से व्यंजन मिल रहे हैं?\nदुकान पर सादा डोसा, मसाला डोसा, पनीर डोसा, मोमोज, सैंडविच और शेक उपलब्ध हैं।\n\nप्रेरणा और सबक\nरानी सोनी की यह कहानी दिखाती है कि उम्र या पारंपरिक पृष्ठभूमि किसी भी नए काम को शुरू करने में बाधा नहीं बनती।\n\n• सीखने की कोई उम्र नहीं: रानी ने यूट्यूब और मोबाइल के जरिए बिना किसी औपचारिक क्लास के नई कला सीखी।\n• सीमित बजट में शुरुआत: इस व्यवसाय को महज ढाई लाख रुपये की छोटी लागत से शुरू किया गया है।\n• पारिवारिक सहयोग: बेटे के साथ मिलकर काम करने से पारिवारिक बंधन और व्यावसायिक सफलता दोनों को मजबूती मिलती है।\n• छोटे से शुरुआत: एक सीमित मेन्यू से शुरुआत करके अनुभव के साथ काम को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जा सकता है।",
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  "category": "छत्तीसगढ़",
  "publishedAt": "2026-09-18",
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