# छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुली, ताले में बंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर प्रसव पीड़ा से तड़पती रही गर्भवती महिला

> छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है, जहां प्रसव पीड़ा से कराह रही एक गर्भवती महिला को बंद अस्पताल के बाहर रहना पड़ा। वीडियो वायरल होने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-10-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/balaramapura-men-aspatala-men-lage-tale-bahara-prasava-pira-se-tarapa-rahi-garbhavati-mahila-50206 · **Language:** Hindi
**Tags:** बलरामपुर, छत्तीसगढ़, स्वास्थ्य विभाग, रेवतपुर, गर्भवती महिला, लापरवाही

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और गंभीर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्रसव पीड़ा से बुरी तरह तड़प रही एक गर्भवती महिला को अस्पताल के बाहर ही खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया गया, क्योंकि उस वक्त अस्पताल के मुख्य भवन और कर्मचारियों के विश्राम कक्षों दोनों पर ही ताले लटके हुए थे। इस अमानवीय स्थिति से आहत परिजनों ने पूरे घटनाक्रम का अपने मोबाइल फोन से एक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जैसे ही यह वीडियो अधिकारियों तक पहुंचा, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई।

## महतारी एक्सप्रेस से लाई गई थी महिला
वायरल फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि महतारी एक्सप्रेस के जरिए प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाई गई गर्भवती महिला अस्पताल के परिसर के बाहर जमीन पर दर्द से बुरी तरह छटपटा रही है। परिजनों ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे मरीज को लेकर वहां पहुंचे तो अस्पताल के भीतर कोई भी डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था और मुख्य द्वार पर ताला जड़ा हुआ था। बात सिर्फ मुख्य भवन तक सीमित नहीं थी, बल्कि कर्मचारियों के ठहरने के लिए बने कमरों पर भी ताले लटके हुए मिले। इस घटना के सार्वजनिक होने के बाद जिले की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

## स्वास्थ्य विभाग ने दिए जांच के आदेश
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया और जिम्मेदार अधिकारी हरकत में आ गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी विजय सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया गया है। स्थिति की जांच के लिए विकासखंड चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन कर दिया गया है। सीएमएचओ ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

## आपातकालीन सेवाओं पर उठे बड़े सवाल
इस घटना के बाद से आम जनता के मन में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं किस मकसद के लिए संचालित की जाती हैं जब जरूरत पड़ने पर वहां कोई डॉक्टर या स्टाफ मिलता ही नहीं है। परिजनों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ऐसे समय में कोई गंभीर मरीज अस्पताल पहुंच जाए और समय पर इलाज न मिले, तो उसकी जान पर भी बन सकती है। इस तरह की लापरवाही न केवल स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा करती है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल भी खोलती है।

## इसका आप पर असर
स्वास्थ्य केंद्रों पर इस तरह की लापरवाही का सीधा असर ग्रामीण इलाकों के आम नागरिकों और जरूरतमंद मरीजों की जान-माल की सुरक्षा पर पड़ता है।

- **छत्तीसगढ़ में:** इस घटना के बाद राज्य के विभिन्न ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की उपस्थिति और आपातकालीन सेवाओं की निगरानी कड़ी किए जाने की उम्मीद है।
- **आम जनता पर:** समय पर इलाज न मिलने का यह जोखिम ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर जनता के भरोसे को कमजोर करता है और समय रहते प्रशासनिक कार्रवाई की मांग को तेज करता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना स्वास्थ्य केंद्रों पर ड्यूटी से नदारद रहने वाले कर्मचारियों और लचर प्रशासनिक निगरानी के कारण सामने आई है। अस्पताल के जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा अपने निर्धारित समय पर अनुपस्थित रहना और ताला लगाकर चले जाना इस बड़ी लापरवाही का मुख्य कारण बना।

- **स्टाफ की अनुपस्थिति:** प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्साकर्मियों का समय पर ड्यूटी पर मौजूद न होना और विश्राम कक्षों में ताला लगाकर गायब रहना इस घटना की जड़ में है।
- **प्रशासनिक लापरवाही:** स्थानीय स्तर पर नियमित निरीक्षण और निगरानी का अभाव कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने का अवसर देता है।
- **जांच और कार्रवाई:** वीडियो वायरल होने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विकासखंड चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर दी है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना किस जिले में हुई है?
यह घटना छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हुई है।

### 2. गर्भवती महिला अस्पताल कैसे पहुँची थी?
गर्भवती महिला को महतारी एक्सप्रेस के माध्यम से प्रसव के लिए अस्पताल लाया गया था।

### 3. अस्पताल की क्या स्थिति थी जब महिला पहुँची?
अस्पताल का मुख्य भवन और कर्मचारियों के विश्राम कक्ष दोनों पर ताले लटके हुए थे और कोई स्टाफ मौजूद नहीं था।

### 4. इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है?
सीएमएचओ विजय सिंह ने विकासखंड चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर दी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।

### 5. घटना का खुलासा कैसे हुआ?
परिजनों ने अस्पताल के बाहर तड़प रही महिला और बंद तालों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._