बलौदाबाजार में रूह कंपा देने वाली वारदात, पति और चचिया-जेठ-देवर पर 7 साल तक बंधक बनाकर प्रताड़ित करने का आरोप छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक महिला ने अपने पति और अन्य ससुराल वालों पर सात साल तक कमरे में बंधक बनाकर यौन उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप लगाया है। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक बेहद दर्दनाक और इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। कसडोल थाना क्षेत्र की रहने वाली एक पीड़ित महिला ने अपने पति, दो जेठ और दो देवर पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसके साथ पिछले सात साल से लगातार दरिंदगी की जा रही थी। महिला का आरोप है कि उसे घर के एक बंद कमरे में कैद करके रखा जाता था और उसे भरपेट खाना तक नहीं दिया जाता था। इस दौरान उसे शारीरिक और मानसिक रूप से भयंकर यातनाएं झेलनी पड़ीं। सखी सेंटर की मदद से गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती अपनों के बीच नरक जैसी जिंदगी गुजार रही पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर फोन करके मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही सखी सेंटर की टीम सक्रिय हुई और तत्परता दिखाते हुए महिला को सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू करने के बाद उसे बेहद गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बलौदाबाजार जिला अस्पताल में उसका इलाज अभी भी जारी है और डॉक्टरों की देखरेख में उसका स्वास्थ्य सुधारा जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल, अब तक एफआईआर दर्ज नहीं इस सनसनीखेज मामले की जानकारी मिलने के बाद कसडोल थाना क्षेत्र की पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर इस पूरे घटनाक्रम की छानबीन शुरू की। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता का विस्तृत बयान भी दर्ज कर लिया है और इस सिलसिले में अन्य लोगों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। हालांकि, हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी गंभीर शिकायत और बयान के बावजूद पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की है। दूसरी ओर, पीड़िता के मायके वालों और परिजनों ने इस अमानवीय कृत्य पर कड़ी नाराजगी जताते हुए आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग की है। इसका आप पर असर यह घटना महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के मामलों में तुरंत प्रशासनिक सहायता मिलने के महत्व को रेखांकित करती है। • छत्तीसगढ़ में: महिलाओं के खिलाफ होने वाले ऐसे मामलों में 181 हेल्पलाइन और सखी सेंटर जैसी संस्थाएं संकट के समय त्वरित जीवन रक्षा सहायता प्रदान करती हैं। • बलौदाबाजार में: स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवार को न्याय पाने के लिए पुलिस द्वारा त्वरित एफआईआर दर्ज किए जाने और कड़ी कानूनी कार्रवाई का इंतजार है। ऐसा क्यों हुआ इस गंभीर मामले के पीछे के कारणों और परिस्थितियों की शुरुआती जानकारी सामने आ गई है, हालांकि पुलिस जांच अभी पूरी होनी बाकी है। • पारिवारिक उत्पीड़न: पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, वैवाहिक संबंधों के भीतर लंबे समय तक नियंत्रण रखने और प्रताड़ित करने की प्रवृत्ति इस घटना का मुख्य कारण बनी। • बंधक बनाने की स्थिति: आरोपियों द्वारा घर के अंदर ही महिला को अलग-थलग रखकर बाहरी दुनिया से संपर्क काटने के कारण यह शोषण सात साल तक बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के जारी रहा। • सहायता का माध्यम: जब प्रताड़ना असहनीय हो गई, तब पीड़िता द्वारा 181 पर संपर्क करने से प्रशासन को इस गुप्त मामले की जानकारी मिल सकी। सवाल-जवाब 1. यह घटना कहां की है? यह घटना छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र की है। 2. पीड़िता ने किन लोगों पर आरोप लगाया है? पीड़िता ने अपने पति, दो जेठ और दो देवर पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। 3. महिला को कैसे बचाया गया? महिला ने 181 पर कॉल करके मदद मांगी, जिसके बाद सखी सेंटर की टीम ने उसे रेस्क्यू किया। 4. पीड़िता का इलाज कहां चल रहा है? पीड़िता का इलाज बलौदाबाजार जिला अस्पताल में चल रहा है। 5. क्या पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है? पुलिस ने बयान दर्ज कर लिया है लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। https://trendkia.com/chhattisgarh/balaudabajara-men-ruha-knpa-dene-vali-varadata-pati-aura-chachiya-jetha-devara-para-7-sala-taka-bndhaka-banakara-pratarita-karane--48687 TrendKia — Har trend, sabse pehle.