# बालोद के सियनमरा में महिला सरपंच अंजू साहू ने जहर खाकर की खुदकुशी की कोशिश, वित्तीय दबाव और दुर्व्यवहार के आरोप

> बालोद के सियनमरा गांव की महिला सरपंच अंजू साहू ने कर्ज के दबाव और कथित दुर्व्यवहार से तंग आकर जहर खा लिया। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-11-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/balod-ke-siyanmara-men-mahila-sarapncha-anju-sahu-ne-jahara-khakara-ki-khudakushi-ki-koshisha-vittiya-dabava-aura-durvyavahara-ke--54549 · **Language:** Hindi
**Tags:** बालोद, सियनमरा, अंजू साहू, महिला सरपंच, सनौद पुलिस, पंचायत विवाद, जातिगत दुर्व्यवहार

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सनौद थाना इलाके के तहत आने वाले ग्राम पंचायत सियनमरा में प्रशासनिक खींचतान और उत्पीड़न का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। गांव की निर्वाचित महिला सरपंच अंजू साहू ने शनिवार की देर रात विषैला पदार्थ निगलकर अपनी जान देने की कोशिश की। जहर का सेवन करने की जानकारी मिलते ही उनके परिवार के सदस्यों में हड़कंप मच गया और वे उन्हें आनन-फानन में बालोद के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम तुरंत उनके उपचार में जुट गई। चिकित्सकों के मुताबिक उनका सघन इलाज जारी है और वर्तमान में उनकी शारीरिक स्थिति खतरे से पूरी तरह बाहर बताई गई है।

## छह महीने पहले संपन्न उपचुनाव में संभाली थी पंचायत की बागडोर
अस्पताल प्रशासन और परिजनों से घटना की सूचना मिलते ही बालोद पुलिस की एक टीम तुरंत जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल के वार्ड में भर्ती पीड़ित सरपंच अंजू साहू से बातचीत की और उनका विधिवत बयान दर्ज किया। इस प्राथमिक बयान के आधार पर पुलिस विभाग ने पूरे प्रकरण में कानूनी प्रक्रिया और वैधानिक कार्रवाई को आगे बढ़ा दिया है। प्रशासनिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो ग्राम पंचायत सियनमरा में करीब 6 महीने पहले ही पंचायत उपचुनाव आयोजित किए गए थे। उस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदाताओं का विश्वास हासिल कर अंजू साहू विजय घोषित हुई थीं और उन्होंने बतौर सरपंच गांव की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली थी।

## पूर्व सरपंच के साढ़े तीन लाख के कर्ज का निपटारा करने का दबाव
महिला सरपंच द्वारा उठाए गए इस चरम कदम की तह में पंचायत के कामकाज से जुड़े गंभीर वित्तीय मतभेद और लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना की मुख्य वजह निकलकर आई है। सामने आए तथ्यों के मुताबिक, ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच अपने कार्यकाल के दौरान पंचायत पर लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये की भारी-भरकम देनदारी छोड़ गए थे। इस छोड़े गए कर्ज की भरपाई वर्तमान पंचायत के मद से करने अथवा किसी भी तरह इस पूरी राशि को माफ करवाने के लिए मौजूदा सरपंच अंजू साहू पर निरंतर अनुचित और गलत तरीके से दबाव डाला जा रहा था। इस वित्तीय गड़बड़ी का बोझ नए नेतृत्व पर थोपे जाने के कारण भारी विवाद की स्थिति बन गई थी।

## उप सरपंच पर जातिगत दुर्व्यवहार और प्रताड़ना का संगीन आरोप
पंचायत पर छोड़े गए पुराने कर्ज के आर्थिक तनाव के साथ-साथ वर्तमान उप सरपंच की भूमिका को लेकर भी गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। दर्ज कराए गए आरोपों के अनुसार, वर्तमान उप सरपंच द्वारा महिला सरपंच के साथ लगातार जातिगत आधार पर दुर्व्यवहार किया जा रहा था और उन्हें हर स्तर पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पंचायत के आर्थिक गतिरोध, कर्ज चुकाने की अनुचित मांग और जातिगत अपमान से उत्पन्न भारी मानसिक तनाव से तंग आकर सरपंच ने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का घातक फैसला लिया। अब बालोद पुलिस प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम के हर एक पहलू, वित्तीय रिकॉर्ड और उत्पीड़न के आरोपों की सघनता से पड़ताल कर रहा है।

## इसका आप पर असर
यह घटना ग्रामीण स्थानीय निकायों में नव-निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों पर पड़ने वाले अनुचित वित्तीय दबाव और प्रशासनिक सुरक्षा के अभाव को उजागर करती है।

- **भारत में:** पंचायती राज संस्थाओं में महिला जनप्रतिनिधियों के लिए सुरक्षित और निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित करने की आवश्यकता रेखांकित होती है। पूर्व प्रशासनों द्वारा छोड़े गए ऋणों के लिए नए प्रतिनिधियों की कानूनी जवाबदेही स्पष्ट करने की मांग उठ सकती है।
- **बालोद और सियनमरा में:** सियनमरा ग्राम पंचायत के नियमित विकास कार्य और वित्तीय संव्यवहार पुलिस जांच पूरी होने तक प्रभावित रह सकते हैं। स्थानीय ग्रामीणों को लंबित योजनाओं और आधिकारिक प्रमाणन के लिए आगामी प्रशासनिक निर्देशों का इंतजार करना पड़ सकता है।
- **पंचायत प्रतिनिधियों के लिए:** पदभार ग्रहण करने से पूर्व पंचायत के ऑडिट और पूर्ववर्ती देयताओं की स्पष्ट लेखा परीक्षा की अहमियत साबित होती है। किसी भी अनधिकृत वित्तीय दबाव या उत्पीड़न की स्थिति में समय रहते उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत दर्ज कराना आवश्यक है।
- **सार्वजनिक व्यवस्था पर:** क्षेत्र में जातीय उत्पीड़न और निर्वाचित पदों पर दबाव डालने के मामलों में पुलिस तथा प्रशासन द्वारा सख्त निगरानी और जांच की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इससे अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह दुखद घटना ग्राम पंचायत में पहले से चले आ रहे गंभीर वित्तीय गतिरोध और जातिगत भेदभाव से उपजे मानसिक तनाव के कारण घटी।

- **विरासत में मिला भारी कर्ज:** पूर्व सरपंच द्वारा ग्राम पंचायत के खाते पर करीब 3 लाख 50 हजार रुपये की भारी देनदारी छोड़ी गई थी। इस पुराने कर्ज को चुकता करने या जबरन माफ कराने का अनुचित दबाव वर्तमान सरपंच पर बनाया जा रहा था।
- **उप सरपंच द्वारा मानसिक प्रताड़ना:** ग्राम पंचायत के वर्तमान उप सरपंच पर आरोप है कि वे महिला सरपंच के साथ लगातार जातिगत दुर्व्यवहार कर रहे थे। इस निरंतर सामाजिक और मानसिक उत्पीड़न ने सरपंच की मानसिक स्थिति को गंभीर रूप से विचलित कर दिया।
- **नव-निर्वाचित होने के बाद असहयोग:** महज 6 महीने पहले उपचुनाव जीतकर पद संभालने के कारण अंजू साहू पर विरोधी गुटों और पूर्व व्यवस्था का दबाव हावी हो गया था। प्रशासनिक स्तर पर समय पर समाधान न मिलने के कारण स्थिति इस अतिवादी कदम तक पहुंच गई।

## सवाल-जवाब

### 1. सियनमरा की महिला सरपंच का क्या नाम है और उन्होंने क्या कदम उठाया?
महिला सरपंच का नाम अंजू साहू है। उन्होंने शनिवार की देर रात जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जान देने की कोशिश की।

### 2. अंजू साहू की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति कैसी है?
उन्हें बालोद के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अब खतरे से बाहर है।

### 3. अंजू साहू सियनमरा की सरपंच कब चुनी गई थीं?
वे करीब छह महीने पहले संपन्न हुए ग्राम पंचायत उपचुनाव में निर्वाचित होकर सरपंच बनी थीं।

### 4. महिला सरपंच पर किस बात को लेकर दबाव बनाया जा रहा था?
पूर्व सरपंच द्वारा पंचायत पर छोड़े गए लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये के कर्ज की भरपाई करने या उसे माफ कराने को लेकर उन पर दबाव बनाया जा रहा था।

### 5. वर्तमान उप सरपंच पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
वर्तमान उप सरपंच पर महिला सरपंच के साथ लगातार जातिगत दुर्व्यवहार करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है।

### 6. इस मामले में पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
बालोद पुलिस की टीम ने जिला अस्पताल पहुंचकर अंजू साहू का बयान दर्ज किया है और मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है।

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