# बलरामपुर में चेकडैम निर्माण में बड़ा फर्जीवाड़ा, संविदा कर्मी बर्खास्त और 9.13 लाख की रिकवरी

> छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में चेकडैम निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी और गलत मूल्यांकन पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए तकनीकी सहायक को बर्खास्त कर 9.13 लाख रुपये की वसूली का आदेश दिया है.

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-10-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/balrampur-men-chekadaima-nirmana-men-bara-pharjivara-snvida-karmi-barkhasta-aura-9-13-lakha-ki-rikavari-53938 · **Language:** Hindi
**Tags:** बलरामपुर, छत्तीसगढ़, चेकडैम निर्माण, प्रशासनिक कार्रवाई, रोहित कुमार, आशुतोष चतुर्वेदी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में विकास कार्यों में वित्तीय हेराफेरी और निर्माण में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है. चेकडैम निर्माण परियोजनाओं में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और काम का गलत आंकलन कर अधिक मूल्यांकन करने की शिकायतें सामने आने के बाद यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई है. जांच रिपोर्ट में कमियां उजागर होते ही अधिकारियों ने कड़ा कदम उठाते हुए यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी योजनाओं में जनता के पैसे का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

## तकनीकी सहायक की संविदा बर्खास्त, अन्य कर्मियों पर जुर्माना
प्रशासनिक जांच में निर्माण कार्य के मूल्यांकन और तकनीकी मानकों में गंभीर खामियां प्रमाणित होने के बाद तकनीकी सहायक रोहित कुमार की संविदा सेवाएं 30 अक्टूबर को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं. इसके साथ ही गड़बड़ी में शामिल पाए गए दो अन्य तकनीकी सहायकों अविनाश भारती और कृपाशंकर गुप्ता की जवाबदेही भी तय की गई है. प्रशासन ने इन दोनों तकनीकी सहायकों पर अनुशासनहीनता और लापरवाही के चलते एक-एक हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है.

## 9.13 लाख रुपये की वित्तीय वसूली और 17 परियोजनाओं के भुगतान पर रोक
जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने गड़बड़ी के एवज में संबंधित दोषी पक्ष से 9.13 लाख रुपये की शासकीय वसूली का आदेश जारी किया है. जब तक संपूर्ण मामलों की विस्तृत जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कुल 17 चेकडैम निर्माण कार्यों के सरकारी भुगतान पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. भुगतान रोके गए इन कार्यों में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अधीन आने वाले 12 कार्य और राजपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के तहत चल रहे 5 कार्य शामिल हैं.

## कार्यपालन अभियंता, एसडीओ और जनपद सीईओ को कारण बताओ नोटिस
इस पूरे मामले में निचले स्तर के कर्मचारियों के साथ-साथ निगरानी रखने वाले वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों पर भी जिम्मेदारी तय की गई है. कार्य में लापरवाही और पर्यवेक्षण में ढिलाई बरतने को लेकर कार्यपालन अभियंता, एसडीओ और जनपद सीईओ सहित संबंधित उच्चाधिकारियों को औपचारिक कारण बताओ नोटिस थमाया गया है. प्रशासन ने इन अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है कि निर्माण के दौरान ऐसी भारी अनियमितताएं उनकी नजर से कैसे चूक गईं.

## पारदर्शिता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि प्राप्त शिकायतों पर बिना किसी देरी के संज्ञान लेते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई गई थी. उन्होंने बताया कि जांच के दौरान जब निर्माण में तय मानकों की अनदेखी और अधिक मूल्यांकन का मामला सिद्ध हुआ, तो नियमों के अनुरूप संविदा समाप्ति, वसूली और अर्थदंड की कार्रवाई अमल में लाई गई. उन्होंने यह भी दोहराया कि जिले भर में चल रहे सभी विकास कार्यों में पूरी पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

## इसका आप पर असर
सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जवाबदेही पर सीधा असर पड़ेगा.

- **भारत में:** ग्रामीण विकास योजनाओं में निगरानी सख्त होने से सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार करने वालों पर अंकुश लगेगा. इससे करदाताओं के पैसों का सही उपयोग सुनिश्चित होने की संभावना मजबूत होगी.
- **बलरामपुर में:** जिले के किसानों और ग्रामीणों को अब बेहतर गुणवत्ता वाले मजबूत चेकडैम मिल सकेंगे, जिससे भूजल स्तर में सुधार होगा. साथ ही 17 रुके हुए निर्माण कार्यों की नए सिरे से जांच होने से क्षेत्र में जल संरक्षण परियोजनाओं में पारदर्शिता आएगी.
- **प्रशासनिक स्तर पर:** सरकारी निर्माण कार्यों में लगे संविदा कर्मियों और तकनीकी सहायकों को कड़ी चेतावनी मिली है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी भारी पड़ेगी. कार्यपालन अभियंता और एसडीओ स्तर के अफसरों को नोटिस मिलने से विभागीय कार्यशैली में सख्ती आएगी.
- **ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में:** संबंधित 12 परियोजनाओं और राजपुर जनपद के 5 कार्यों के रुकने से काम में देरी होगी, लेकिन आगे होने वाला निर्माण मजबूत होगा. इससे भविष्य में होने वाले निर्माण कार्यों के भौतिक सत्यापन पर कड़ा पहरा रहेगा.

## ऐसा क्यों हुआ
चेकडैम निर्माण में तकनीकी मानकों की घोर अनदेखी और कागजों पर अत्यधिक मूल्यांकन कर वित्तीय अनियमितता करने की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है.

- **मूल्यांकन में भारी गड़बड़ी:** तकनीकी सहायक द्वारा मौके पर हुए वास्तविक निर्माण से कहीं अधिक का मूल्यांकन दर्ज किया गया था. इसी फर्जीवाड़े के जरिए अतिरिक्त सरकारी राशि आहरित करने की योजना बनाई गई थी.
- **घटिया निर्माण गुणवत्ता:** जांच टीम को भौतिक सत्यापन के दौरान चेकडैम संरचनाओं की मजबूती और सामग्री में गंभीर तकनीकी कमियां मिलीं. गुणवत्ता के साथ इस समझौते से जलभराव के दौरान संरचना के टूटने का सीधा खतरा था.
- **पर्यवेक्षण तंत्र की विफलता:** कार्यपालन अभियंता, एसडीओ और जनपद सीईओ जैसे उच्च स्तर के अधिकारियों ने मौके पर नियमित जांच नहीं की. वरिष्ठ अफसरों की इसी निगरानी ढिलाई के चलते यह गड़बड़ी लगातार बढ़ती चली गई.
- **शिकायत और निष्पक्ष जांच:** ग्रामीणों और स्थानीय स्तर से मिली शिकायतों का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन ने स्वतंत्र जांच कमेटी बिठाई. कमेटी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों में अनियमितता सिद्ध होते ही प्रशासनिक कार्रवाई का चक्र चला.

## सवाल-जवाब

### 1. बलरामपुर जिले में प्रशासन ने किस मामले में सख्त कार्रवाई की है?
प्रशासन ने चेकडैम निर्माण कार्यों में गंभीर गुणवत्ता कमियों और अधिक मूल्यांकन की अनियमितता पाए जाने पर यह कार्रवाई की है.

### 2. किस कर्मचारी की संविदा सेवा समाप्त की गई है?
जांच में मूल्यांकन और निर्माण गुणवत्ता में खामियां मिलने पर तकनीकी सहायक रोहित कुमार की संविदा सेवा 30 अक्टूबर को समाप्त कर दी गई.

### 3. प्रशासन ने कितनी राशि वसूलने का आदेश जारी किया है?
गड़बड़ी के एवज में प्रशासन ने संबंधित पक्ष से 9.13 लाख रुपये की शासकीय वसूली का आदेश दिया है.

### 4. किन अन्य कर्मचारियों पर जुर्माना लगाया गया है?
दो अन्य तकनीकी सहायकों अविनाश भारती और कृपाशंकर गुप्ता पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

### 5. कुल कितने चेकडैम कार्यों का भुगतान रोका गया है?
अनियमितता की जांच के चलते 17 चेकडैम कार्यों का भुगतान रोका गया है, जिनमें ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 12 और राजपुर जनपद के 5 कार्य शामिल हैं.

### 6. किन वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है?
लापरवाही के चलते कार्यपालन अभियंता, एसडीओ और जनपद सीईओ सहित संबंधित उच्चाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

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