# बस्तर फाइटर में सीमित पदों पर भर्ती के खिलाफ सैकड़ों अभ्यर्थी उतरे सड़कों पर

> बस्तर फाइटर आरक्षक भर्ती में जिले के लिए सिर्फ 79 पद प्रस्तावित किए जाने के विरोध में लगभग 1000 अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन कर पद बढ़ाने की मांग की है।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/bastar-fighter-men-simita-padon-para-bharti-ke-khilapha-saikaron-abhyarthi-utare-sarakon-para-55704 · **Language:** Hindi
**Tags:** बस्तर फाइटर, आरक्षक भर्ती, बस्तर, युवा प्रदर्शन, पुलिस भर्ती, जगदलपुर

बस्तर फाइटर आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय स्तर पर पदों के बेहद कम आवंटन ने क्षेत्र के शिक्षित और बेरोजगार युवाओं में भारी असंतोष पैदा कर दिया है। इसी मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए लगभग एक हजार अभ्यर्थी संगठित होकर सामने आए और प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उम्मीदवारों का सीधा तर्क है कि शासन स्तर से इस पूरी प्रक्रिया के लिए 1588 पदों की प्रशासनिक मंजूरी दी जा चुकी है। इसके बावजूद, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय द्वारा 26 सितंबर 2026 को जारी किए गए पत्राचार में बस्तर जिले के भीतर 199 रिक्तियां दर्ज होने के बाद भी केवल 79 पदों पर ही चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

## प्रतियोगियों का संघर्ष और अन्य जिलों से तुलना
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों से जुटे स्थानीय युवाओं का कहना है कि यह सीमित संख्या उनकी लंबी मेहनत पर पानी फेर रही है। जगदलपुर में बीते तीन वर्षों से किराए का कमरा लेकर अभ्यास कर रहीं अभ्यर्थी यशोदा बघेल ने अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए बताया कि घर में कोई दूसरा कमाने वाला सदस्य न होने के कारण वे भारी आर्थिक तंगी के बीच संघर्ष कर रही हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि पड़ोसी जिलों में जहां 300 से भी अधिक रिक्त पदों पर नियुक्तियां प्रस्तावित की गई हैं, वहीं बस्तर के हिस्से में महज 79 पद दिए गए हैं। अभ्यर्थियों ने दो टूक चेतावनी जारी की है कि यदि शासन ने उनकी बात पर संज्ञान नहीं लिया तो वे व्यापक स्तर पर धरने पर बैठने को बाध्य होंगे।

## आरक्षण का गणित और अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पिछले पांच से छह सालों से वर्दी पहनने का सपना देख रहे दिलीप कश्यप ने भर्ती ढांचे की तकनीकी कमियों को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुल विज्ञापित संख्या में से अग्निवीरों के खाते में 30 प्रतिशत, नगर सैनिकों के लिए 25 प्रतिशत तथा भूतपूर्व सैनिकों को 5 प्रतिशत कोटा तय किया गया है। इन सभी विशेष वर्गों के आरक्षण को अलग करने के बाद सामान्य श्रेणी के साधारण अभ्यर्थियों के लिए बेहद नाममात्र अवसर शेष रह जाते हैं। इस असंतुलन को दूर करने के लिए युवाओं ने मांग रखी है कि बस्तर जिले के कोटे में तत्काल विस्तार किया जाए और कम से कम 60 प्रतिशत के अनुपात में जगह दी जाए। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थियों ने यह विकल्प भी सुझाया है कि नियुक्तियों को अलग-अलग जिलों में बांटने की जगह पूरे संभाग स्तर पर एक साथ भर्ती प्रक्रिया संचालित की जाए।

## इसका आप पर असर
बस्तर फाइटर भर्ती में पदों की संख्या सीमित रहने से वर्षों से तैयारी कर रहे सैकड़ों युवाओं के चयन के अवसरों पर सीधा असर पड़ रहा है।

- **भारत में:** राज्यों में विशेष सुरक्षा बलों की भर्ती नीतियों और आरक्षण नियमों पर प्रतियोगी छात्रों की निगाहें बनी हुई हैं। सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए विभिन्न कोटा लागू होने के बाद सीमित सीटें बचने की समस्या नीतिगत चर्चा का विषय बनती जा रही है।
- **बस्तर में:** बस्तर जिले के स्थानीय अभ्यर्थियों को 199 रिक्तियों के मुकाबले सिर्फ 79 पदों पर प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है। यदि शासन स्तर पर पदों का पुनर्आवंटन नहीं हुआ तो सामान्य वर्ग के युवाओं के लिए चयन के रास्ते बेहद कठिन हो जाएंगे।
- **प्रतियोगी छात्रों के लिए:** कई वर्षों से जगदलपुर जैसे केंद्रों में कमरा लेकर तैयारी कर रहे युवाओं पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ गया है। पदों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर छात्र अब प्रशासनिक स्तर पर अपना पक्ष मजबूती से रखने की योजना बना रहे हैं।
- **भर्ती प्रक्रिया पर:** अभ्यर्थियों ने संभागीय स्तर पर केंद्रीकृत भर्ती कराने या जिले के अनुपात को 60 प्रतिशत करने की मांग उठाई है। मांगें पूरी न होने की दशा में युवाओं ने आगामी दिनों में नियमित धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विरोध प्रदर्शन बस्तर फाइटर भर्ती में जिले की रिक्तियों के अनुपात में काफी कम पदों के प्रस्ताव और भारी आरक्षण कोटे के कारण उपजा है।

- **सीटों के आवंटन में भारी अंतर:** शासन द्वारा कुल 1588 पदों की स्वीकृति दिए जाने और पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के पत्र में बस्तर जिले में 199 पद खाली दर्ज होने के बावजूद जिले को केवल 79 पद आवंटित किए गए हैं। वहीं अन्य जिलों को 300 से अधिक पद दिए जाने से स्थानीय युवाओं में भारी असंतोष फैल गया।
- **आरक्षण का भारी अनुपात:** विज्ञापित पदों में से 30 प्रतिशत अग्निवीर, 25 प्रतिशत नगर सैनिक और 5 प्रतिशत भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। कुल 60 प्रतिशत सीटें विशिष्ट श्रेणियों में चले जाने से आम प्रतियोगी युवाओं के लिए पद अत्यंत सीमित रह गए।
- **लंबे इंतजार के बाद निराशा:** क्षेत्र के अभ्यर्थी 12वीं के बाद पांच से छह वर्षों से किराए का कमरा लेकर तैयारी कर रहे थे। पर्याप्त सीटें न मिलने पर छात्रों ने एकजुट होकर करीब 1000 की संख्या में प्रदर्शन किया और धरने पर बैठने की चेतावनी दी।

## सवाल-जवाब

### 1. अभ्यर्थी किस बात का विरोध कर रहे हैं?
बस्तर जिले में 199 रिक्तियां होने के बावजूद बस्तर फाइटर आरक्षक भर्ती में केवल 79 पद प्रस्तावित किए जाने का विरोध हो रहा है।

### 2. शासन ने कुल कितने पदों की स्वीकृति दी है?
बस्तर फाइटर भर्ती के तहत शासन ने कुल 1588 पदों की प्रशासनिक स्वीकृति दी है।

### 3. पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज का पत्र किस तारीख का है?
यह पत्र 26 सितंबर 2026 की तारीख का है, जिसमें बस्तर जिले के पदों की स्थिति का उल्लेख है।

### 4. प्रस्तावित भर्ती में किन श्रेणियों को कितना आरक्षण मिला है?
विज्ञापित पदों में अग्निवीरों के लिए 30 प्रतिशत, नगर सैनिकों के लिए 25 प्रतिशत और पूर्व सैनिकों के लिए 5 प्रतिशत कोटा तय है।

### 5. युवाओं की मुख्य मांगें क्या हैं?
युवाओं की मांग है कि बस्तर जिले के पदों में कम से कम 60 प्रतिशत के अनुपात में वृद्धि की जाए अथवा संभागीय स्तर पर भर्ती कराई जाए।

### 6. मांगें पूरी न होने पर अभ्यर्थियों ने क्या चेतावनी दी है?
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे धरने पर बैठने के लिए बाध्य होंगे।

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