# बस्तर के छात्रों के लिए ज्ञानगुड़ी में SSC और NEET की मुफ्त कोचिंग शुरू, 1 लाख रुपये तक की होगी बचत

> छत्तीसगढ़ के बस्तर में ज्ञानगुड़ी पहल के तहत SSC, NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को बड़े शहरों की महंगी फीस से राहत मिल रही है।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-09-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/bastar-ke-chhatron-ke-lie-gyangudi-men-ssc-aura-neet-ki-muphta-kochinga-shuru-1-lakha-rupaye-taka-ki-hogi-bachata-26396 · **Language:** Hindi
**Tags:** बस्तर, ज्ञानगुड़ी, फ्री कोचिंग, SSC परीक्षा, NEET कोचिंग, छत्तीसगढ़ शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए ज्ञानगुड़ी पहल एक बड़ा अवसर बनकर सामने आई है। इस संस्थान में विद्यार्थियों को मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के साथ-साथ हाल ही में शुरू की गई कर्मचारी चयन आयोग (SSC) जैसी केंद्रीय सरकारी नौकरी की परीक्षाओं की भी बिल्कुल मुफ्त कोचिंग दी जा रही है। यह व्यवस्था मुख्य रूप से उन आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले छात्रों के लिए तैयार की गई है, जो बड़े शहरों में जाकर निजी संस्थानों की महंगी फीस और रहने का भारी-भरकम खर्च उठाने में असमर्थ हैं।

## केंद्रीय नौकरियों की तैयारी और 1 लाख रुपये तक की बचत
ज्ञानगुड़ी के प्रभारी एलेक्जेंडर चेरियन ने बताया कि केंद्र सरकार की नौकरियों में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से SSC की कक्षाएं शुरू की गई हैं, जबकि NEET की तैयारी पहले से ही कराई जा रही थी। उन्होंने बताया कि बाहरी या निजी कोचिंग सेंटरों में SSC और व्यापम जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को 1 लाख रुपये या उससे भी अधिक की राशि खर्च करनी पड़ती है। ज्ञानगुड़ी की इस मुफ्त व्यवस्था से गरीब परिवारों को सीधे तौर पर इस भारी खर्च से राहत मिल रही है। पढ़ाई के सुचारू संचालन के लिए विद्यार्थियों को दो अलग-अलग शिफ्ट में पढ़ाया जा रहा है, जिससे उन पर पढ़ाई और समय का अतिरिक्त दबाव न बने।

## मुफ्त शिक्षण से छात्रों को मिल रही बड़ी राहत
ज्ञानगुड़ी में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि इस व्यवस्था से उनका शैक्षणिक और मानसिक तनाव काफी कम हुआ है। बहीगांव की निवासी और छात्रा मुस्कान खतरे ने बताया कि उन्हें ज्ञानगुड़ी से जुड़े हुए अधिक समय नहीं हुआ है, लेकिन यहां अध्यापन का स्तर काफी बेहतर है और उन्हें अपनी तैयारी में बहुत मदद मिल रही है। मुस्कान ने साझा किया कि आर्थिक तंगी के कारण वह कभी महंगी कोचिंग नहीं ले सकीं और ज्ञानगुड़ी में पढ़ाई करना उनका पहला कोचिंग अनुभव है।

## लाखों रुपये के खर्च से मुक्ति और बस्तर संभाग के लिए अवसर
ज्ञानगुड़ी के एक अन्य छात्र मनोज कुमार मंडावी ने इस पहल को बस्तर संभाग के सभी अभ्यर्थियों के लिए एक बेहतरीन अवसर करार दिया। उन्होंने कहा कि शहरों में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग का खर्च लाखों रुपये तक पहुंच जाता है, जिसे वहन करना उनके जैसे सामान्य परिवारों के लिए नामुमकिन था। ऐसे में ज्ञानगुड़ी में मिल रहा मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उनके करियर के सपनों को साकार करने में बेहद मददगार साबित हो रहा है। इस पहल के जरिए NEET, SSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी घर के पास ही संभव हो पा रही है।

## इसका आप पर असर
बस्तर में ज्ञानगुड़ी की निःशुल्क कोचिंग पहल से स्थानीय विद्यार्थियों और परिवारों पर सीधा सकारात्मक असर पड़ रहा है।

- **छत्तीसगढ़ और बस्तर में:** बस्तर संभाग के प्रतियोगी छात्र बिना बड़े शहरों में गए अपने गृह क्षेत्र में ही SSC, NEET और व्यापम जैसी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी मुफ्त में कर सकते हैं। इससे गरीब परिवारों को प्रति छात्र 1 लाख रुपये या उससे अधिक की कोचिंग फीस और रहने-खाने के बड़े खर्च की बचत होगी।
- **भारत भर में:** यह पहल देश के अन्य दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों के लिए एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करती है। इससे साबित होता है कि स्थानीय स्तर पर मुफ्त संसाधनों के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को सुलभ बनाया जा सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. बस्तर में ज्ञानगुड़ी में किन-किन परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग दी जा रही है?
ज्ञानगुड़ी में NEET के साथ-साथ हाल ही में शुरू की गई SSC और व्यापम जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है।

### 2. ज्ञानगुड़ी की कोचिंग से छात्रों की कितनी राशि की बचत हो रही है?
निजी कोचिंग संस्थानों में SSC या व्यापम जैसी परीक्षाओं के लिए 1 लाख रुपये या उससे अधिक का खर्च आता है, जो यहां पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है।

### 3. ज्ञानगुड़ी में कक्षाओं का संचालन किस तरह किया जाता है?
ज्ञानगुड़ी में अभ्यर्थियों को दो शिफ्ट में पढ़ाया जाता है ताकि वे बिना मानसिक या आर्थिक दबाव के सुचारू रूप से पढ़ाई कर सकें।

### 4. ज्ञानगुड़ी के प्रभारी का क्या नाम है और उन्होंने SSC कोचिंग क्यों शुरू की?
ज्ञानगुड़ी के प्रभारी एलेक्जेंडर चेरियन हैं। उन्होंने बस्तर के छात्रों को केंद्रीय सरकारी नौकरियों में अवसर दिलाने के लिए SSC कोचिंग की शुरुआत की है।

### 5. स्थानीय छात्रों का ज्ञानगुड़ी में मिल रही कोचिंग पर क्या कहना है?
बहीगांव की मुस्कान खतरे और मनोज कुमार मंडावी जैसे छात्रों ने बताया कि आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बाहर लाखों रुपये खर्च करना संभव नहीं था, और यह मुफ्त कोचिंग उनके लिए बेहद मददगार है।

## प्रेरणा और सबक
ज्ञानगुड़ी की यह पहल दर्शाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

- **आर्थिक तंगी को बाधा न बनने देना:** बस्तर के छात्रों जैसे मुस्कान और मनोज की कहानी सिखाती है कि महंगी कोचिंग के बिना भी उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाकर आगे बढ़ा जा सकता है।
- **नियमित अध्ययन का महत्व:** दो शिफ्टों में संचालित कक्षाओं में लगन से पढ़ाई कर छात्र मानसिक दबाव को दूर कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
- **सामुदायिक पहल की ताकत:** स्थानीय स्तर पर मिली मुफ्त कोचिंग युवाओं को केंद्रीय सेवाओं और मेडिकल क्षेत्र में पहुंचने का समान अवसर देती है।

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