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  "type": "article",
  "title": "बस्तर के जगदलपुर में दीयों का बाजार गुलजार, सिरहासार चौक पर एक रुपए से लेकर सौ रुपए तक मिल रहे दीपक",
  "summary": "दीपावली के पर्व से पहले जगदलपुर के सिरहासार चौक पर मिट्टी के दीयों की दुकानें सज गई हैं। बाजार में एक रुपए से लेकर सौ रुपए तक की कीमत वाले और दस से ज्यादा वैरायटी के दीये उपलब्ध हैं।",
  "content": "बस्तर में दीपावली के पावन पर्व को लेकर जगदलपुर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है और प्रमुख बाजारों में दीयों की दुकानें सजकर तैयार हैं। सिरहासार चौक पर दस से अधिक वैरायटी के दीये उपलब्ध हैं, जिनकी शुरुआती कीमत एक रुपए से लेकर अधिकतम सौ रुपए तक तय की गई है। इस पारंपरिक बाजार में खरीदारी करने के लिए स्थानीय लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।\n\nओडिशा और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे विक्रेता\nदीपावली के इस बड़े त्योहार से ठीक पहले जगदलपुर के सिरहासार चौक पर दीयों की दुकानें पूरी तरह सज चुकी हैं। इस बार इस बाजार में ओडिशा तथा जगदलपुर के आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में दीया विक्रेता पहुंचे हैं। यहां मिट्टी के विभिन्न प्रकार के दीये एक रुपए से लेकर सौ रुपए तक की अलग-अलग कीमतों में बेचे जा रहे हैं।\n\nकई तरह के डिजाइन और वैरायटी उपलब्ध\nजगदलपुर के सिरहासार चौक पर लैंप दीये, कलश दीये और छोटे-बड़े आकारों में कई प्रकार के आकर्षक दीये आसानी से मिल रहे हैं। बाजार में कुल मिलाकर दस से अधिक वैरायटी के दीये ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। मावली मंदिर के पास अपनी दुकान लगाने वाले राजेन नाग ने बताया कि वह हर साल नियमित रूप से यहां दीये बेचने आते हैं और इस बार भी उनके पास छह से सात प्रकार के विभिन्न दीये उपलब्ध हैं।\n\nअलग-अलग दरों पर बिक रहे दीये\nविक्रेता राजेन नाग के अनुसार उनके पास दस रुपए और बीस रुपए मूल्य के दीये मुख्य रूप से उपलब्ध हैं। इसके अलावा बीस रुपए में पंद्रह दीये और कुछ विशेष दीये बीस रुपए में तीन की दर से ग्राहकों को बेचे जा रहे हैं। स्थानीय मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के लिए अलग तरह के और बड़े दीये भी दुकानों पर सजाकर रखे गए हैं।\n\nमंदिरों में पूजा और छोटे दीयों की भारी मांग\nमंदिरों में पूजा-पाठ के दौरान प्रज्वलित करने के लिए दीयों की सबसे अधिक मांग बनी हुई है। छोटे दीये दिखने में बेहद सुंदर होने के कारण ग्राहकों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। इन छोटे दीयों की कीमत भी काफी कम है, जैसे बीस रुपए में पंद्रह नग मिल जाते हैं। इसके अतिरिक्त स्टाइलिश लैंप दीये और कलश दीये भी आने-जाने वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। राजेन नाग पिछले दस वर्षों से भी अधिक समय से इस बाजार में दीये बेचने का काम कर रहे हैं.\n\nहर बजट के ग्राहकों के लिए विशेष विकल्प\nइस बार जगदलपुर के इस दीया बाजार में हर वर्ग और हर बजट के ग्राहकों के लिए खरीदारी के बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। यहां एक रुपए से लेकर सौ रुपए तक के दाम वाले दीये मिल रहे हैं। बाजार में दस से अधिक वैरायटी उपलब्ध होने के कारण ग्राहक अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार खुलकर खरीदारी कर रहे हैं। दीपावली के अवसर पर मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा सदियों पुरानी चली आ रही है। ऐसे में जगदलपुर के सिरहासार चौक का यह गुलजार बाजार न केवल इस पावन त्योहार की रौनक में चार चांद लगा रहा है, बल्कि पारंपरिक मिट्टी के दीपक बनाने और बेचने वाले मेहनतकश लोगों की आजीविका का एक मजबूत सहारा भी बना हुआ है।\n\nइसका आप पर असर\nत्योहार के सीजन में स्थानीय बाजारों से मिट्टी के दीये खरीदने से पारंपरिक कुम्हारों और छोटे दुकानदारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलता है।\n\n• छत्तीसगढ़ में: जगदलपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए सिरहासार चौक का बाजार किफायती दरों पर खरीदारी करने का मुख्य केंद्र बन गया है। यहां एक रुपए से लेकर सौ रुपए तक के विकल्प उपलब्ध होने से हर वर्ग के लोग अपनी जरूरत के अनुसार खरीदारी कर पा रहे हैं।\n• व्यापारिक असर: ओडिशा और आसपास के इलाकों से आए विक्रेताओं को इस त्योहारी बाजार से अपनी आजीविका चलाने के लिए अच्छी बिक्री का अवसर मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर मंदिरों और घरों में पूजा के लिए छोटे और विशेष दीयों की मांग बढ़ने से कारोबार को गति मिली है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nदीपावली के पर्व पर मिट्टी के दीये जलाने की प्राचीन परंपरा और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के कारण इस बाजार में भारी रौनक देखने को मिलती है।\n\n• सांस्कृतिक परंपरा: दीपावली पर मिट्टी के दीपक प्रज्वलित करना सदियों पुरानी भारतीय संस्कृति का एक अनिवार्य हिस्सा रहा है, जिससे त्योहारी सीजन में दीयों की मांग में भारी उछाल आता है।\n• व्यापारी आवागमन: ओडिशा और बस्तर के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में विक्रेताओं का जगदलपुर पहुंचना इस बात की पुष्टि करता है कि यह चौक क्षेत्र त्योहारी व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है।\n• किफायती विकल्प: एक रुपए से लेकर सौ रुपए तक की अलग-अलग कीमतों और दस से अधिक वैरायटी के उपलब्ध होने के कारण यह बाजार हर वर्ग के उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जगदलपुर में दीयों का बाजार कहाँ सजा है?\nजगदलपुर के सिरहासार चौक पर दीपावली के अवसर पर दीयों का बाजार सजा है।\n\n2. बाजार में दीयों की कीमत कहाँ से कहाँ तक है?\nबाजार में दीये एक रुपए से लेकर सौ रुपए तक की कीमत में बिक रहे हैं।\n\n3. बाजार में कितने प्रकार के दीये उपलब्ध हैं?\nजगदलपुर के इस बाजार में दस से अधिक वैरायटी के दीये मिल रहे हैं।\n\n4. विक्रेता राजेन नाग कितने वर्षों से दीये बेच रहे हैं?\nराजेन नाग पिछले दस वर्षों से अधिक समय से दीये बेचने का काम कर रहे हैं।\n\n5. छोटे दीये किस दर पर बेचे जा रहे हैं?\nसुंदर छोटे दीये बीस रुपए में पंद्रह नग की दर से बेचे जा रहे हैं।",
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  "category": "छत्तीसगढ़",
  "publishedAt": "2026-11-06",
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