# बस्तर नर्सिंग कॉलेज हॉस्टल के खाने में रेंगती इल्लियां मिलने पर छात्राओं का हंगामा, मेस ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग

> छत्तीसगढ़ के बस्तर में महारानी अस्पताल परिसर स्थित शासकीय नर्सिंग कॉलेज हॉस्टल में दोपहर के भोजन में कीड़े मिलने पर छात्राओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्राओं और छात्र नेताओं ने मेस ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त करने और प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/bastar-narsinga-koleja-hostala-ke-khane-men-rengati-illiyan-milane-para-chhatraon-ka-hngama-mesa-thekedara-para-karravai-ki-manga-36900 · **Language:** Hindi
**Tags:** बस्तर, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, महारानी अस्पताल, हॉस्टल मेस, एनएसयूआई, छत्तीसगढ़, छात्र प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिला मुख्यालय में स्थित महारानी अस्पताल परिसर के शासकीय नर्सिंग कॉलेज हॉस्टल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोमवार को दोपहर के भोजन के दौरान छात्राओं की थाली में रेंगते हुए कीड़े और इल्लियां नजर आने के बाद हॉस्टल का माहौल पूरी तरह गरमा गया। भोजन की गिरती गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से नाराजगी झेल रही छात्राओं का धैर्य इस घटना के बाद पूरी तरह टूट गया। अपनी सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरोध में सैकड़ों छात्राओं ने एक साथ आकर मेस संचालक और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ सख्त तेवर अपना लिए।

## लंबे समय से की जा रही शिकायतों की हुई अनदेखी
हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं का कहना है कि मेस में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता काफी समय से खराब चल रही थी। कई दिनों से सड़ा और दुर्गंधयुक्त खाना दिया जा रहा था। भोजन में कभी दाल के नाम पर केवल पानी रहता था, तो कभी रोटियां पूरी तरह से कच्ची दी जाती थीं। इस स्थिति से तंग आकर छात्राओं ने पूर्व में हॉस्टल वार्डन, मेस ठेकेदार और संबंधित कॉलेज अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। शिकायतों को लगातार ठंडे बस्ते में डाले जाने से ठेकेदार की लापरवाही बढ़ती चली गई, जिसका परिणाम यह हुआ कि छात्राओं को कीड़ों से भरा खाना परोसा जाने लगा।

## साक्ष्य जुटाकर धरने पर बैठीं छात्राएं
सोमवार को जैसे ही छात्राओं ने दाल और पकी हुई सब्जियों में इल्लियां तैरती देखीं, उन्होंने भोजन का तुरंत त्याग कर दिया। छात्राओं ने लापरवाही को उजागर करने के लिए अपने मोबाइल फोन से दाल और सब्जियों की तस्वीरें खींचीं और वीडियो रिकॉर्ड कर साक्ष्य सुरक्षित कर लिए। इसके बाद आक्रोशित छात्राओं ने थाली का बहिष्कार किया और कॉलेज परिसर के भीतर धरना देकर बैठ गईं। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने किसी भी तरह का समझौता न करने का नारा बुलंद किया। छात्राओं ने स्पष्ट तौर पर कहा कि वे इस दूषित और बीमारियों को दावत देने वाले भोजन को अब बिल्कुल स्वीकार नहीं करेंगी। उनका साफ कहना था कि जब तक मेस संचालक का अनुबंध समाप्त नहीं किया जाता और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने की पक्की व्यवस्था नहीं होती, उनका धरना जारी रहेगा।

## छात्र संगठन का समर्थन और सड़क पर उतरने की चेतावनी
हॉस्टल के भीतर शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही छात्र संगठन एनएसयूआई के पदाधिकारी भी समर्थन देने नर्सिंग कॉलेज पहुंच गए। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष विशाल खंभारी के साथ छात्र नेता माज लीला और ज्योति राव के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्राओं की मांग का समर्थन किया। छात्र नेताओं का कहना था कि जो छात्राएं भविष्य में अस्पतालों में जाकर मरीजों की देखभाल करेंगी, उन्हीं को अधिकारियों की अनदेखी के चलते अस्वच्छ और कीड़ों वाला खाना दिया जा रहा है। नेताओं ने आरोप लगाया कि यह सीधे तौर पर विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।

## कॉलेज प्रशासन की सफाई और सख्त कार्रवाई का भरोसा
प्रदर्शनकारी छात्राओं और छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रबंधन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि दोषी मेस ठेकेदार के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई और व्यवस्था तुरंत ठीक नहीं की गई, तो यह विरोध केवल परिसर तक सीमित नहीं रहेगा और वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। चौतरफा विरोध और किरकिरी के बाद कॉलेज प्रशासन अब बचाव की मुद्रा में नजर आ रहा है। जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित मेस संचालक के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

## इसका आप पर असर
संस्थानों के हॉस्टलों में खान-पान की स्वच्छता को लेकर छात्रों की जागरूकता और प्रशासनिक जवाबदेही पर इस घटना का सीधा असर पड़ेगा।

- **बस्तर में:** महारानी अस्पताल परिसर स्थित नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं के लिए भोजन व्यवस्था की तत्काल निगरानी बढ़ेगी। इसके चलते हॉस्टल मेस की मौजूदा खान-पान प्रणाली में बदलाव और स्वच्छता संबंधी नियमों की सख्त समीक्षा हो सकती है।
- **भारत में:** सरकारी संस्थानों के छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को खराब भोजन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने और साक्ष्य सुरक्षित रखने की सीख मिलेगी। लंबे समय से शिकायतों की अनदेखी करने वाले कॉलेज प्रशासनों पर निगरानी तंत्र मजबूत करने का दबाव बढ़ेगा।
- **मेस ठेकेदारों के लिए:** सरकारी शिक्षण संस्थानों में भोजन आपूर्ति के अनुबंधों पर तय स्वच्छता मानकों के उल्लंघन पर अनुबंध रद्द होने का खतरा रहेगा। लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ प्राथमिकी और कानूनी कार्रवाई की मिसाल स्थापित हो सकती है।
- **अभिभावकों के लिए:** हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे बच्चों के स्वास्थ्य और खान-पान की स्थिति पर नजर रखने के प्रति सतर्कता बढ़ेगी। अभिभावक कॉलेज प्रबंधन से बुनियादी सुविधाओं के अधिकार पर सीधे सवाल पूछ सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
नर्सिंग कॉलेज हॉस्टल में दूषित भोजन परोसे जाने की यह घटना लंबे समय से जारी प्रशासनिक लापरवाही और ठेकेदार की मनमानी का परिणाम है। पूर्व में की गई औपचारिक शिकायतों पर कार्रवाई न होने से यह स्थिति पैदा हुई।

- **मेस ठेकेदार की लापरवाही:** मेस संचालक द्वारा लंबे समय से घटिया राशन सामग्री, अधपकी रोटियों और पतली दाल का इस्तेमाल किया जा रहा था। स्वच्छता नियमों की अनदेखी के चलते दाल और पकी हुई सब्जियों में कीड़े और इल्लियां पनपने लगीं।
- **प्रशासनिक अनदेखी:** छात्राओं ने पहले भी वार्डन और कॉलेज अधिकारियों को लिखित रूप में कई बार सूचना दी थी। जिम्मेदारों द्वारा इन शिकायतों को लगातार ठंडे बस्ते में डाले रखने से ठेकेदार को मनमानी करने की छूट मिलती रही।
- **साक्ष्य जुटाने के बाद फूटा आक्रोश:** सोमवार को भोजन में रेंगते कीड़े दिखने पर छात्राओं ने वीडियो और तस्वीरें बनाकर सबूत इकट्ठा किए। इसके बाद खान-पान का पूरी तरह बहिष्कार करते हुए धरने पर बैठने का फैसला लिया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. बस्तर के नर्सिंग कॉलेज हॉस्टल में क्या विवाद हुआ?
महारानी अस्पताल परिसर स्थित शासकीय नर्सिंग कॉलेज हॉस्टल में दोपहर के खाने की दाल और सब्जी में कीड़े और इल्लियां मिलीं, जिसके बाद छात्राओं ने भोजन का बहिष्कार कर धरना शुरू कर दिया।

### 2. प्रदर्शनकारी छात्राओं की प्रमुख मांगें क्या हैं?
छात्राएं मेस ठेकेदार का लाइसेंस रद्द करने, जिम्मेदार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराने और हॉस्टल में स्वच्छ भोजन सुनिश्चित करने की मांग कर रही हैं।

### 3. क्या छात्राओं ने इस संबंध में पहले भी कोई शिकायत की थी?
हां, छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन और कॉलेज प्रशासन को भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर कई बार लिखित शिकायतें दी थीं, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।

### 4. छात्राओं के समर्थन में कौन सा संगठन आगे आया?
एनएसयूआई संगठन के जिलाध्यक्ष विशाल खंभारी, माज लीला और ज्योति राव के नेतृत्व में कार्यकर्ता कॉलेज परिसर पहुंचे और छात्राओं के समर्थन में प्रदर्शन किया।

### 5. हॉस्टल प्रबंधन ने इस पूरे मामले में क्या कदम उठाया है?
विरोध प्रदर्शन और हंगामे के बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच कराने और दोषी मेस ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._