# बस्तर में तेजी से उभर रहा मोबाइल रिपेयरिंग का कारोबार, कम पूंजी में शुरू कर सकते हैं कमाई

> छत्तीसगढ़ के बस्तर में ग्रामीण क्षेत्रों के भीतर मोबाइल रिपेयरिंग का बिजनेस तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। बहुत कम निवेश के साथ इस सेक्टर में हर महीने अच्छी कमाई की संभावना है।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-10-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/bastara-men-teji-se-ubhara-raha-mobile-repairing-ka-karobara-kama-punji-men-shuru-kara-sakate-hain-kamai-51855 · **Language:** Hindi
**Tags:** मोबाइल रिपेयरिंग, बस्तर बिजनेस, ग्रामीण रोजगार, छोटानागपुर, स्वयंरोजगार, मोबाइल बिजनेस

देश के सुदूर और ग्रामीण अंचलों में मोबाइल रिपेयरिंग का बिजनेस आज के समय में बेहद तेजी से विस्तार ले रहा है। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल और हर हाथ में स्मार्टफोन पहुंच जाने के कारण यह सेक्टर स्थानीय स्तर पर एक बेहद डिमांडिंग रोजगार का जरिया बनता जा रहा है। खासकर बस्तर क्षेत्र में युवा इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और कम लागत में अपना खुद का रोजगार स्थापित कर रहे हैं। इस काम को शुरू करने के लिए बहुत बड़े बजट या किसी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की आवश्यकता नहीं होती है, जिससे छोटे दुकानदारों के लिए राह आसान हो जाती है।

## कम निवेश में शुरू करें दुकान
ग्रामीण इलाकों में एक छोटा सा मोबाइल सेंटर स्थापित करने के लिए शुरुआती तौर पर अधिक पैसों की आवश्यकता नहीं होती है। इस बिजनेस को मात्र 60 से 70 हजार रुपये तक के मामूली निवेश के साथ आसानी से शुरू किया जा सकता है। कमाई की बात करें तो एक सामान्य दुकान से महीने भर में कम से कम 20 से 30 हजार रुपये की शुद्ध आमदनी आसानी से हो जाती है। वहीं यदि दुकान की लोकेशन अच्छी हो और ग्राहकों की संख्या बढ़ जाए, तो यह कमाई बढ़कर 50 से 60 हजार रुपये प्रति महीने तक भी पहुंच सकती है।

## प्रशिक्षण और सरकारी सहायता का लाभ
स्थानीय स्तर पर रामदास नाम के एक दुकानदार पिछले 2 साल से सफलतापूर्वक अपना मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर चला रहे हैं। कोरोना काल के दौरान जब वह बेरोजगार हो गए थे, तब उन्हें आरटीसी मोबाइल रिपेयरिंग ट्रेनिंग के बारे में जानकारी मिली थी। उन्होंने वहां से 1 महीने की निशुल्क ट्रेनिंग पूरी की। सरकार की तरफ से यह मोबाइल रिपेयरिंग प्रशिक्षण पूरी तरह मुफ्त दिया जाता है, जिसमें उपकरणों की मरम्मत और तकनीकी खराबी यानी फॉल्ट को ठीक करने की बारीकियों को बहुत गहराई से सिखाया जाता है। कोर्स पूरा करने के बाद नियमानुसार सरकार की ओर से बिजनेस को बढ़ाने के लिए लोन की सुविधा भी मुहैया कराई जाती है, हालांकि रामदास ने बिना लोन लिए ही अपने संसाधनों से काम शुरू किया था।

## लागत और मुनाफे का पूरा गणित
शहरों और गांवों के खर्च में काफी अंतर होता है। ग्रामीण स्तर पर एक मोबाइल की दुकान शुरू करने के लिए 50 से 60 हजार रुपये पर्याप्त होते हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में यही सेटअप लगाने के लिए डेढ़ लाख रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। कमाई के अन्य स्रोतों की बात करें तो केवल एक डिस्प्ले तैयार करने या बदलने पर लगभग 400 रुपये तक का सीधा मुनाफा मिल जाता है। इसके अलावा दुकान पर ब्लूटूथ डिवाइस, हेडफोन, चार्जिंग केबल और मोबाइल कवर जैसे एसेसरीज की मांग सबसे अधिक बनी रहती है, जो नियमित आय का बड़ा स्रोत साबित होते हैं।

## इसका आप पर असर
इस उभरते हुए बिजनेस से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।

- **ग्रामीण क्षेत्रों में:** ग्रामीण इलाकों के युवाओं को कम पूंजी में खुद का काम शुरू करने का बेहतरीन अवसर मिल रहा है। इससे उन्हें शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और स्थानीय स्तर पर ही अच्छी कमाई हो सकेगी।
- **वित्तीय लाभ:** इस बिजनेस को 60 से 70 हजार रुपये में शुरू करके हर महीने 20 से 60 हजार रुपये तक की ठोस आमदनी सुनिश्चित की जा सकती है।
- **लागत का अंतर:** ग्रामीण इलाकों में दुकान खोलने पर शहरों की तुलना में काफी कम खर्च आता है, जिससे वित्तीय जोखिम बहुत कम हो जाता है।
- **अतिरिक्त कमाई:** रिपेयरिंग के साथ-साथ मोबाइल एसेसरीज और डिस्प्ले बदलने से मिलने वाला मुनाफा दुकान की आय को और बढ़ा देता है।
- **सरकारी सहायता:** निशुल्क प्रशिक्षण और लोन जैसी सुविधाएं मिलने से इच्छुक युवाओं के लिए इस क्षेत्र में उतरना बेहद सुलभ हो गया है।

## ऐसा क्यों हुआ
बस्तर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल रिपेयरिंग के काम में अचानक तेजी आने के पीछे तकनीक की बढ़ती पहुंच और मुफ्त प्रशिक्षण की उपलब्धता मुख्य कारण हैं। हर हाथ में स्मार्टफोन पहुंचने के कारण गांवों में भी रिपेयरिंग सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

- **स्मार्टफोन की पैठ:** ग्रामीण इलाकों में मोबाइल उपयोगकर्ताओं की संख्या में भारी उछाल आया है, जिससे स्थानीय स्तर पर मरम्मत सेवाओं की मांग बढ़ गई है।
- **निशुल्क प्रशिक्षण:** सरकार द्वारा आयोजित मुफ्त ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के कारण युवाओं को बिना किसी आर्थिक बोझ के तकनीकी कौशल सीखने का अवसर मिल रहा है।
- **कम शुरुआती लागत:** गांवों में कम किराए और छोटे सेटअप की वजह से बहुत कम पूंजी में व्यवसाय खड़ा करना संभव हो जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. बस्तर में मोबाइल रिपेयरिंग बिजनेस शुरू करने के लिए कितना निवेश चाहिए?
इस बिजनेस को ग्रामीण इलाकों में 60 से 70 हजार रुपये के निवेश के साथ शुरू किया जा सकता है।

### 2. इस बिजनेस से महीने में कितनी कमाई हो सकती है?
सामान्य तौर पर महीने में 20 से 30 हजार रुपये की आमदनी होती है और दुकान अच्छी चलने पर यह 50 से 60 हजार रुपये तक पहुंच सकती है।

### 3. मोबाइल रिपेयरिंग की ट्रेनिंग कहां और कैसे मिलती है?
सरकार की ओर से निशुल्क मोबाइल रिपेयरिंग ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें पार्ट्स और फॉल्ट सुधारने की ट्रेनिंग मिलती है।

### 4. इस काम में सबसे ज्यादा किस चीज की मांग रहती है?
ब्लूटूथ, हेडफोन, चार्जिंग केबल और मोबाइल कवर की मांग सबसे अधिक रहती है।

### 5. एक डिस्प्ले बनाने पर कितना मुनाफा होता है?
एक डिस्प्ले बनाने में लगभग 400 रुपये का मुनाफा मिल जाता है।

## प्रेरणा और सबक
बस्तर के रामदास जैसे स्थानीय दुकानदारों की यह यात्रा उन युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं।

- **संकट को अवसर बनाएं:** महामारी के दौरान आई बेरोजगारी के बीच नए कौशल सीखकर रामदास ने अपने जीवन की नई शुरुआत की।
- **कौशल विकास का महत्व:** निशुल्क प्रशिक्षण का लाभ उठाकर किसी भी तकनीकी क्षेत्र में महारत हासिल की जा सकती है।
- **कम निवेश से शुरुआत:** बड़े बजट का इंतजार किए बिना छोटे पैमाने पर भी सफल व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है।

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