भनवारटंक सुरंग में पटरियों पर टहला तेंदुआ, लोको पायलट ने समझदारी से ट्रेन धीमी कर बचाई वन्यजीव की जान बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग की भनवारटंक टनल में सामने तेंदुआ आने पर लोको पायलट ने तुरंत ब्रेक लगाकर ट्रेन की रफ्तार धीमी की। पटरियों पर कुछ देर चलने के बाद तेंदुआ सुरक्षित जंगल की ओर चला गया। बिलासपुर-कटनी रेल खंड पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब सुरंग के भीतर अचानक ट्रेन के आगे एक भारी-भरकम तेंदुआ आ गया। लोको पायलट ने बिना समय गंवाए सूझबूझ का परिचय दिया और ट्रेन की गति को तुरंत काफी कम कर दिया। इस वजह से न केवल पटरियों पर मौजूद वन्यजीव की जान बच गई, बल्कि एक गंभीर दुर्घटना होने से भी रुक गई। सुरंग के अंदर शाही अंदाज में पटरियों पर चलता रहा तेंदुआ यह पूरा मामला बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर स्थित भनवारटंक सुरंग का है। रोज की तरह ट्रेन अपनी गति से टनल के अंदर दाखिल हो रही थी। तभी अचानक ट्रेन चला रहे चालक को पटरी पर एक तेंदुआ टहलता हुआ दिखाई दिया। लोको पायलट ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए ट्रेन के ब्रेक लगाए और रफ्तार को बेहद धीमा कर दिया। इसके बाद तेंदुआ किसी भी तरह की घबराहट या हड़बड़ाहट के बिना पटरियों पर आगे-आगे चलता रहा। देखने वालों को ऐसा लग रहा था मानो वह शाही चाल में रास्ता नापता हुआ आगे बढ़ रहा हो। कुछ दूरी तक ट्रेन के आगे चलने के बाद तेंदुआ सुरंग के निकास द्वार से बाहर निकला और घने जंगल की तरफ चला गया। लोको पायलट की सतर्कता की हर तरफ हो रही सराहना ट्रेन की गति समय रहते धीमी कर देने से तेंदुए को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा। इस पूरी घटना के दौरान ट्रेन के चालक दल में मौजूद किसी सदस्य ने अपने कैमरे में तेंदुए का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया मंचों पर तेजी से देखा और साझा किया जा रहा है। पटरियों पर ट्रेन के आगे शांत भाव से चलते तेंदुए का दृश्य लोगों को काफी रोमांचित कर रहा है। लोको पायलट की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और वन्यजीव सुरक्षा के प्रति उनकी सतर्कता की लोग जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। घने जंगलों के बीच से गुजरता है बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग रेलवे का बिलासपुर-कटनी खंड अपने प्राकृतिक वातावरण और घने जंगलों के लिए जाना जाता है। इस रेल मार्ग का एक बड़ा हिस्सा जंगलों के बीच से होकर गुजरता है, जिसके कारण अक्सर जंगली जानवर रेल पटरियों के आसपास या सुरंगों के करीब आ जाते हैं। पटरियों पर वन्यजीवों की आवाजाही से कई बार हादसों का खतरा बना रहता है। यात्रियों के लिए जंगलों के बीच से गुजरती ट्रेन की खिड़की से इन जानवरों को देखना एक रोमांचक अनुभव होता है, लेकिन लोको पायलटों के लिए ऐसे मोड़ों और सुरंगों में अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। इस घटना में भी यदि लोको पायलट की नजर समय पर न पड़ती तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। इसका आप पर असर यह घटना दर्शाती है कि वन्यजीव क्षेत्रों से गुजरने वाले रेल मार्गों पर सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण है। • भारत में: घने जंगलों से गुजरने वाले रेल मार्गों पर ट्रेनों की गति नियंत्रित रखने के नियम और सख्त किए जा सकते हैं, जिससे देश भर में ट्रेन हादसों में मारे जाने वाले वन्यजीवों की संख्या कम की जा सके। • बिलासपुर-कटनी मार्ग में: इस मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों को वन्यजीव क्षेत्रों और सुरंगों से गुजरते समय ट्रेन की गति धीमी होने के कारण सुरक्षित सफर का अनुभव मिलेगा। • लोको पायलटों के लिए: संवेदनशील जंगल वाले रेल खंडों पर लोको पायलटों को विशेष निगरानी रखने और नियंत्रित गति से ट्रेन चलाने के सुरक्षा दिशा-निर्देश दोहराए जा सकते हैं। • वन्यजीव सुरक्षा के लिए: रेल प्रशासन द्वारा संवेदनशील इलाकों में वन्यजीव कॉरिडोर और सुरक्षा चेतावनी तंत्र को मजबूत करने के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा। सवाल-जवाब 1. घटना किस रेल मार्ग पर हुई? यह घटना बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर स्थित भनवारटंक सुरंग में हुई। 2. लोको पायलट ने तेंदुए को देखकर क्या किया? लोको पायलट ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए ब्रेक लगाए और ट्रेन की रफ्तार को काफी धीमा कर दिया। 3. क्या तेंदुए को कोई नुकसान पहुंचा? नहीं, लोको पायलट की सतर्कता के कारण तेंदुआ सुरक्षित सुरंग से बाहर निकलकर जंगल में चला गया। 4. क्या इस घटना का वीडियो सामने आया है? हां, ट्रेन के चालक दल के सदस्य द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। https://trendkia.com/chhattisgarh/bhanwartank-surnga-men-patariyon-para-tahala-tendua-loko-payalata-ne-samajhadari-se-trena-dhimi-kara-bachai-vanyajiva-ki-jana-23135 TrendKia — Har trend, sabse pehle.