{
  "type": "article",
  "title": "भूपेश बघेल और विजय शर्मा के बीच रायपुर में आर-पार की बहस, पूर्व मुख्यमंत्री ने मानी चुनाव हारने की वजह",
  "summary": "रायपुर प्रेस क्लब में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर करीब एक घंटे बीस मिनट तक तीखी बहस हुई। इस आमने-सामने की चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने अपने-अपने कार्यकाल के आंकड़े पेश किए और एक-दूसरे के दावों को नकारा।",
  "content": "छत्तीसगढ़ की सियासत में मंगलवार को एक अनूठा और गरमागरम वाकया सामने आया, जब रायपुर प्रेस क्लब के मंच पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा आमने-सामने आ गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के मुद्दे पर छिड़ी इस सीधी बहस के लिए उपमुख्यमंत्री की तरफ से दी गई सार्वजनिक चुनौती को स्वीकार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री खुद प्रेस क्लब पहुंचे थे। करीब 1 घंटे 20 मिनट तक चली इस सियासी भिड़ंत में दोनों नेताओं के बीच तीखे आंकड़ों, दावों और प्रत्यारोप का दौर चलता रहा, जिसने राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को काफी बढ़ा दिया।\n\nप्रेस क्लब के बाहर भारी हंगामा और कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन\nइस हाई-प्रोफाइल डिबेट को लेकर रायपुर प्रेस क्लब के बाहर सुबह से ही गहमागहमी और तनाव का माहौल बना हुआ था। आयोजन स्थल के बाहर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेता और भारी संख्या में कार्यकर्ता जुट गए थे। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रेस क्लब परिसर के अंदर जाने से रोका, जिसके बाद पुलिसकर्मियों के साथ उनकी तीखी बहस हुई। इसके अलावा, दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नारेबाजी हुई और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।\n\nउपमुख्यमंत्री ने रखे अपने कार्यकाल के आंकड़े\nडिबेट की शुरुआत करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सरकारी आंकड़ों का पिटारा खोला और दावा किया कि छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान देश में सबसे अधिक पीएम आवास बनाकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में कुल 17.75 लाख मकानों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। विजय शर्मा ने आगे कहा कि मौजूदा भारतीय जनता पार्टी सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल के भीतर इस योजना पर 16000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसके विपरीत, उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके पांच साल के शासनकाल में मात्र 3900 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिल पाई थी और महज 3 लाख आवास ही पूरे हो सके थे। उनके मुताबिक, सिर्फ प्रधानमंत्री का नाम जुड़ा होने की वजह से पिछली सरकार ने गरीबों के मकानों के इस लक्ष्य और आधिकारिक पोर्टल को स्वीकार करने से परहेज किया था।\n\nपूर्व मुख्यमंत्री का पलटवार और आंकड़ों की जादूगरी का आरोप\nदूसरी तरफ, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार के तमाम दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे महज आंकड़ों की जादूगरी करार दिया। बघेल ने तर्क दिया कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में केंद्र सरकार ने राज्यों का वैध फंड रोक रखा था और उस दौरान केंद्रीय पोर्टल भी बंद कर दिए गए थे। इन तमाम अड़चनों के बावजूद, कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान 6 लाख से अधिक मकानों की आधिकारिक मंजूरी दी थी और लाखों की संख्या में आवासों का निर्माण पूरा करवाया था। उन्होंने मौजूदा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा 46 लाख से अधिक आवास स्वीकृत करने का जो दावा कर रही है, उतने तो पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में मकान ही मौजूद नहीं हैं।\n\nवित्तीय साझेदारी और हार की बात स्वीकार\nयोजना के वित्तपोषण पर बात करते हुए भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया कि अतीत में इंदिरा आवास योजना के तहत केंद्र सरकार शत-प्रतिशत राशि मुहैया कराती थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं में 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र का और 40 प्रतिशत राज्य सरकार का होता है, जिससे राज्यों के वित्तीय बजट पर भारी दबाव पड़ता है। चर्चा के दौरान एक बड़ा मोड़ तब आया जब भूपेश बघेल ने स्वीकार किया कि हमने पीएम आवास नहीं बनाए और इसी वजह से जनता ने हमें चुनावों में हार की सजा दी। बहस के दौरान दोनों ही दिग्गजों ने एक-दूसरे के आंकड़ों को गलत बताया। विजय शर्मा ने इस तरह की खुली चर्चा को जनता के सामने पारदर्शिता लाने की एक स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा बताया, वहीं भूपेश बघेल ने दोहराया कि यदि कांग्रेस के शासनकाल में कोई कमी रह गई थी, तो जनता ने विधानसभा चुनाव में मतों के जरिए उन्हें उसका स्पष्ट जवाब दे दिया है।\n\nइसका आप पर असर\nयह राजनीतिक बहस छत्तीसगढ़ के नागरिकों और आवास योजनाओं के लाभार्थियों के लिए सीधी प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है।\n\n• भारत में: केंद्र और राज्यों के बीच आवास योजनाओं के बजट और वित्तपोषण का यह मॉडल देश के अन्य राज्यों में भी राजनीतिक चर्चाओं को प्रभावित करता है।\n• छत्तीसगढ़ में: राज्य के गरीब परिवारों और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के लिए राजनीतिक दलों के इन दावों और आंकड़ों से आवास आवंटन की प्रक्रिया और रफ़्तार पर सीधी नज़र रहेगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह बहस उपमुख्यमंत्री द्वारा दी गई सार्वजनिक चुनौती और विपक्षी नेता द्वारा उसे स्वीकार किए जाने के कारण संभव हुई।\n\n• राजनीतिक चुनौती: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सार्वजनिक रूप से डिबेट की चुनौती दी थी जिसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वीकार किया।\n• आंकड़ों का विवाद: प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों, वित्तीय आवंटन और पिछले कार्यकाल के प्रदर्शन को लेकर दोनों पक्षों में गहरा मतभेद था।\n• चुनावी परिणाम: पिछले विधानसभा चुनावों में मिली हार और जनता की नाराजगी के कारणों को लेकर दोनों दलों के अपने-अपने तर्क और राजनीतिक दावे हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. भूपेश बघेल और विजय शर्मा के बीच यह बहस कहां हुई?\nयह बहस रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित की गई थी।\n\n2. यह बहस कितने समय तक चली?\nयह सीधी चर्चा लगभग 1 घंटे 20 मिनट तक चली।\n\n3. विजय शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए क्या दावा किया?\nविजय शर्मा ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ ने इस दौरान देश में सबसे अधिक पीएम आवास बनाकर रिकॉर्ड बनाया है।\n\n4. भूपेश बघेल ने आवास योजनाओं की फंडिंग को लेकर क्या स्पष्ट किया?\nउन्होंने बताया कि मौजूदा पीएम आवास योजना में 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र का और 40 प्रतिशत राज्य का होता है।\n\n5. पूर्व मुख्यमंत्री ने चुनाव हारने का क्या कारण बताया?\nभूपेश बघेल ने स्वीकार किया कि उन्होंने पीएम आवास नहीं बनाए और इसी वजह से जनता ने उन्हें सजा दी।",
  "url": "https://trendkia.com/chhattisgarh/bhupesha-baghela-aura-vijaya-sharma-ke-bicha-rayapura-men-ara-para-ki-bahasa-purva-mukhyamntri-ne-mani-chunava-harane-ki-vajaha-32512",
  "category": "छत्तीसगढ़",
  "publishedAt": "2026-09-15",
  "tags": [
    "भूपेश बघेल",
    "विजय शर्मा",
    "छत्तीसगढ़ राजनीति",
    "प्रधानमंत्री आवास योजना",
    "रायपुर प्रेस क्लब",
    "भाजपा कांग्रेस बहस"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}