बिजली और गंदे मेस से तंग छात्राएं पैदल पहुंचीं कलेक्ट्रेट, अजीत वसंत ने दिया समाधान का भरोसा सरगुजा के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की 30 से ज्यादा छात्राएं बिजली, पढ़ाई और मेस की गंदगी की शिकायत लेकर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचीं, जहां कलेक्टर अजीत वसंत ने जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बार फिर स्कूली छात्राओं की एकजुटता की तस्वीर सामने आई है। शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की 30 से ज्यादा छात्राएं अपनी समस्याओं का हल न मिलने से इतनी परेशान हो गईं कि वे सुबह-सुबह पैदल ही अंबिकापुर के लिए निकल पड़ीं। उनका इरादा साफ था, सीधे कलेक्टर से मिलकर अपनी बात रखना। रास्ते में प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो उसने बस भेजकर छात्राओं को कलेक्ट्रेट तक पहुंचाया, जहां कलेक्टर अजीत वसंत ने खुद उनसे मुलाकात की। छात्राओं ने गिनाईं तीन बड़ी परेशानियां कलेक्टर को सौंपे शिकायत पत्र में छात्राओं ने अपने विद्यालय की तीन प्रमुख समस्याएं विस्तार से बताईं। पहली और सबसे गंभीर शिकायत बिजली को लेकर थी, छात्राओं का कहना था कि पिछले करीब एक महीने से विद्यालय में बिजली की दिक्कत बनी हुई है, जिसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और हॉस्टल में रहने की व्यवस्था पर पड़ रहा है। दूसरी शिकायत पढ़ाई से जुड़ी थी, छात्राओं के मुताबिक फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषयों की पढ़ाई ठीक ढंग से नहीं हो पा रही, जिससे उनकी परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है। तीसरी और उतनी ही अहम शिकायत मेस को लेकर थी, छात्राओं ने बताया कि मेस में सफाई की हालत खराब है और खाने की गुणवत्ता भी ठीक नहीं रहती। हॉस्टल और प्रिंसिपल के रवैये पर भी नाराजगी छात्राओं ने सिर्फ पढ़ाई और खाने-पीने की दिक्कतें ही नहीं बताईं, बल्कि हॉस्टल की व्यवस्थाओं और प्रिंसिपल के व्यवहार को लेकर भी खुलकर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि इन सभी समस्याओं की शिकायत वे पहले भी कर चुकी थीं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। यही वजह रही कि आखिरकार उन्होंने खुद पैदल चलकर कलेक्टर तक अपनी बात पहुंचाने का फैसला किया। कलेक्टर अजीत वसंत ने दिया तुरंत कार्रवाई का भरोसा छात्राओं की शिकायतें सुनने के बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिजली, पढ़ाई की व्यवस्था और सफाई से जुड़ी सभी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा। साथ ही उन्होंने हॉस्टल की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और जरूरी कदम उठाने का आश्वासन भी दिया। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी पहुंचे कलेक्ट्रेट जैसे ही छात्राओं के कलेक्ट्रेट पहुंचने की खबर फैली, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी वहां पहुंच गए। उन्होंने छात्राओं से मुलाकात कर उनकी परेशानियां ध्यान से सुनीं। छात्राओं के इस कदम ने एक बार फिर दिखा दिया कि आज की युवा पीढ़ी, जिसे जेन अल्फा भी कहा जाता है, अपने अधिकारों और सुविधाओं को लेकर कितनी सजग है और जरूरत पड़ने पर वह चुप बैठने के बजाय खुद आगे आकर प्रशासन से सवाल पूछने से भी नहीं हिचकती। इसका आप पर असर इस घटना से यह साफ होता है कि सरकारी आवासीय विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी अब सीधे प्रशासन तक पहुंचने लगी है, जिसका असर स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही पर पड़ सकता है। • भारत में: देशभर के आवासीय और सरकारी छात्रावासों में पढ़ने वाले बच्चों के मामले में यह घटना एक मिसाल बन सकती है। इससे अन्य जिलों के प्रशासन पर भी बिजली, पढ़ाई और मेस जैसी सुविधाओं की नियमित जांच कराने का दबाव बढ़ सकता है। • सरगुजा में: शिवपुर के एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं को कलेक्टर अजीत वसंत के आश्वासन के बाद जल्द बिजली, बेहतर पढ़ाई और साफ मेस मिलने की उम्मीद है, क्योंकि प्रशासन ने हॉस्टल व्यवस्थाओं की समीक्षा करने की बात कही है। • अभिभावकों के लिए: जिन अभिभावकों के बच्चे आवासीय विद्यालयों में पढ़ते हैं, वे भी अब स्कूल की सुविधाओं से जुड़ी शिकायत सीधे प्रशासन तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं। • प्रशासन के लिए: कलेक्टर के भरोसे के बाद विद्यालय प्रबंधन पर तय समय के भीतर बिजली, शिक्षकों की व्यवस्था और मेस की सफाई सुधारने का दबाव रहेगा, जिसकी निगरानी आगे भी हो सकती है। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस विद्यालय से जुड़ी है? यह सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं से जुड़ी है। 2. छात्राएं कलेक्ट्रेट कैसे पहुंचीं? वे सुबह पैदल ही अंबिकापुर के लिए निकली थीं, बाद में प्रशासन ने बस भेजकर उन्हें कलेक्ट्रेट पहुंचाया। 3. छात्राओं की मुख्य शिकायतें क्या थीं? करीब एक महीने से चली आ रही बिजली की समस्या, फिजिक्स-केमिस्ट्री की पढ़ाई ठीक न होना और मेस में गंदगी व खराब खाना। 4. कलेक्टर ने छात्राओं को क्या आश्वासन दिया? कलेक्टर अजीत वसंत ने बिजली, पढ़ाई और सफाई की समस्याओं के जल्द समाधान और हॉस्टल व्यवस्थाओं की समीक्षा का भरोसा दिलाया। 5. घटनास्थल पर और कौन पहुंचा? छात्राओं के कलेक्ट्रेट पहुंचने की जानकारी मिलते ही पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी वहां पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। 6. कितनी छात्राएं इस पैदल मार्च में शामिल थीं? 30 से अधिक छात्राएं इस पैदल मार्च में शामिल हुई थीं। https://trendkia.com/chhattisgarh/bijali-aura-gnde-mesa-se-tnga-chhatraen-paidala-pahunchin-kalektreta-ajit-vasant-ne-diya-samadhana-ka-bharosa-28983 TrendKia — Har trend, sabse pehle.