# बिजली बिल बढ़ने की शिकायतों पर छत्तीसगढ़ में सियासत गरमाई, चरणदास महंत ने साय को लिखा पत्र, कंपनी ने बताया मीटर सटीक

> छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटरों से जुड़ी शिकायतों पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर जांच की मांग की, वहीं बिजली कंपनी ने मीटरों को पूरी तरह सटीक बताया है।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-09-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/bijali-bila-barhane-ki-shikayaton-para-chhattisgarh-men-siyasata-garamai-charandas-mahant-ne-sai-ko-likha-patra-knpani-ne-bataya-m-29423 · **Language:** Hindi
**Tags:** स्मार्ट मीटर, चरणदास महंत, विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़, बिजली बिल, विद्युत वितरण कंपनी, रायपुर, NABL लैब

रायपुर में डिजिटल बिजली मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा अब सड़क से निकलकर विधानसभा तक जा पहुंचा है। नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र भेजकर स्मार्ट मीटरों की वजह से आ रहे भारी-भरकम बिजली बिलों और रीडिंग में गड़बड़ी की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

## महंत के पत्र में क्या मांग
महंत ने पत्र में मुख्यमंत्री साय का ध्यान इस तरफ खींचा कि जब से नए स्मार्ट मीटर लगे हैं, तभी से उपभोक्ता बिजली खपत में अचानक बढ़ोतरी और मोटे बिलों से परेशान हो गए हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि जनहित से जुड़ी इन शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया जाए। साथ ही उन्होंने मांग रखी कि सभी विवादित मीटरों की तकनीकी जांच कराई जाए और जो मीटर खराब निकलें, उन्हें बिना देर किए बदला जाए।

## मेन स्विच बंद फिर भी दौड़ती रीडिंग की शिकायत
वहीं दूसरी तरफ राज्य के कई इलाकों से लोग यह शिकायत कर रहे हैं कि घर की मुख्य बिजली सप्लाई बंद करने के बाद भी उनके मीटर की रीडिंग आगे खिसकती दिख रही है। इस पर तकनीकी जानकारों ने सफाई दी है कि मीटर की स्क्रीन का जलते रहना या उसका डिजिटल सिग्नल भेजते रहना एक सामान्य प्रक्रिया है, इसे बिजली की असल खपत नहीं समझा जाना चाहिए। दरअसल स्मार्ट मीटर हर 30 मिनट के अंतराल पर अपने आप रीयल-टाइम डेटा दर्ज करते रहते हैं, इसी वजह से स्क्रीन पर हलचल दिखती रहती है।

## घर बैठे 5 मिनट में ऐसे परखें अपना मीटर
उपभोक्ताओं की उलझन दूर करने के लिए बिजली विभाग ने एक आसान और 5 मिनट में पूरा होने वाला तरीका बताया है, जिससे कोई भी खुद अपने मीटर की सच्चाई जांच सकता है। इसके लिए पहले घर के सभी बिजली उपकरण, जैसे कूलर, पंखा, टीवी, फ्रिज, एसी और मोटर बंद कर दें। इसके बाद मीटर की स्क्रीन पर दिख रही kWh रीडिंग की एक साफ फोटो खींच लें और उस वक्त का सही समय नोट कर लें। इसके ठीक बाद घर का मुख्य स्विच भी बंद कर दें। ठीक 5 मिनट बाद दोबारा मीटर की kWh रीडिंग की फोटो लें। अगर मेन स्विच बंद रहने के बावजूद इस दौरान रीडिंग में कोई फर्क या बढ़ोतरी दिखे, तो उपभोक्ता इन दोनों फोटो को सबूत बनाकर नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

## बिजली कंपनी बोली, मीटर पूरी तरह सटीक
लगातार उठ रहे सवालों के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने अपनी सफाई में स्मार्ट मीटरों को पूरी तरह सटीक और पारदर्शी बताया है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 4,800 से ज्यादा उपभोक्ताओं के घरों में मुख्य स्मार्ट मीटर के साथ एक अतिरिक्त चेक मीटर लगाकर दोनों की रीडिंग का मिलान किया गया, और इसमें दोनों के बीच रीडिंग का अंतर शून्य पाया गया। इसके अलावा भिलाई की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त NABL लैब में खुद उपभोक्ताओं की मौजूदगी में 74 स्मार्ट मीटरों की गहराई से फॉरेंसिक जांच भी कराई गई, जिसमें सभी मीटर तय मानकों पर पूरी तरह खरे उतरे।

## इसका आप पर असर
अगर आपके घर में भी नया स्मार्ट मीटर लगा है और बिल अचानक बढ़ गया है, तो अब आपके पास घर बैठे उसकी सच्चाई जांचने का एक आसान तरीका है।

- **भारत में:** जिन भी राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, वहां के उपभोक्ता भी यही 5 मिनट वाला तरीका आजमाकर अपने मीटर की रीडिंग परख सकते हैं। सभी उपकरण बंद कर kWh रीडिंग की फोटो खींचना, फिर मेन स्विच बंद कर 5 मिनट बाद दोबारा फोटो लेना ही पूरा तरीका है।
- **छत्तीसगढ़ में:** रायपुर सहित राज्यभर के उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने के लिए अब फोटो के रूप में ठोस सबूत साथ रखना जरूरी होगा। नेता प्रतिपक्ष की मांग के बाद अगर उच्चस्तरीय जांच शुरू होती है, तो जिन घरों में मीटर खराब निकलेंगे, उन्हें बदला भी जा सकता है।
- **बिल पर नजर रखें:** हर महीने अपने बिजली बिल और खपत की तुलना पिछले महीनों से जरूर करें। अचानक बड़ा उछाल दिखे तो तुरंत यही 5 मिनट वाला टेस्ट करके देखें।
- **सबूत संभालें:** मीटर टेस्ट करते वक्त दोनों तस्वीरें समय के साथ सुरक्षित रखें, क्योंकि शिकायत दर्ज कराने पर यही फोटो आपका मुख्य प्रमाण बनेंगी।

## ऐसा क्यों हुआ
बिजली बिलों को लेकर यह विवाद तभी से शुरू हुआ, जब राज्य में पुराने मीटरों की जगह नए डिजिटल स्मार्ट मीटर लगाए जाने लगे। अभी यह साफ तौर पर तय नहीं हुआ है कि बढ़े हुए बिल असल तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हैं या उपभोक्ताओं की गलतफहमी की वजह से, दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं।

- **नए मीटर लगने के बाद बढ़त:** महंत के पत्र के मुताबिक जब से नए स्मार्ट मीटर लगे, उसी के बाद से उपभोक्ताओं ने खपत और बिल में अचानक बढ़ोतरी महसूस की, यही शिकायतों की जड़ है।
- **तकनीकी गलतफहमी भी एक वजह:** मीटर की स्क्रीन जलते रहना और हर 30 मिनट में डेटा भेजते रहना सामान्य प्रक्रिया है, जिसे कई उपभोक्ता मुख्य स्विच बंद करने के बावजूद बिजली खपत जारी रहने के तौर पर गलत समझ बैठे।
- **कंपनी का पलटवार:** छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने 4,800 से ज्यादा जगहों पर चेक मीटर लगाकर और भिलाई की NABL लैब में 74 मीटरों की फॉरेंसिक जांच कराकर दावा किया कि कोई तकनीकी खामी नहीं मिली।
- **आगे क्या:** महंत की मांग के बाद अब यह मुख्यमंत्री साय पर निर्भर करेगा कि सरकार स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच बैठाती है या कंपनी की सफाई को अंतिम मानकर मामला वहीं थम जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने क्या मांग की है?
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर स्मार्ट मीटरों से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने और खराब मीटर बदलने की मांग की है।

### 2. मेन स्विच बंद करने के बाद भी मीटर की रीडिंग क्यों बढ़ती दिखती है?
तकनीकी एक्सपर्ट्स के मुताबिक मीटर की स्क्रीन जलते रहना या हर 30 मिनट में डेटा भेजना सामान्य प्रक्रिया है, इसे असल बिजली खपत नहीं माना जा सकता।

### 3. उपभोक्ता खुद अपने मीटर की जांच कैसे कर सकते हैं?
सभी उपकरण बंद करके kWh रीडिंग की फोटो लें, फिर मुख्य स्विच बंद कर दें, 5 मिनट बाद दोबारा फोटो लें, अगर रीडिंग बदलती है तो इसे प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

### 4. रीडिंग में गड़बड़ी दिखे तो शिकायत कहां करें?
दोनों फोटो को प्रमाण के तौर पर लेकर नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

### 5. बिजली कंपनी ने मीटरों पर क्या सफाई दी है?
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने मीटरों को पूरी तरह सटीक बताते हुए कहा कि 4,800 से ज्यादा जगहों पर चेक मीटर से मिलान में कोई अंतर नहीं मिला।

### 6. मीटरों की फॉरेंसिक जांच कहां और कितनी हुई?
भिलाई की NABL से मान्यता प्राप्त लैब में उपभोक्ताओं की मौजूदगी में 74 स्मार्ट मीटरों की फॉरेंसिक जांच हुई, जिसमें सभी मीटर मानकों पर खरे उतरे।

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