# बिलासपुर के आनंदा इंपीरियल में दुर्गा पूजा पर सजा बंगाली जायका, 50 से अधिक पकवानों का लगेगा मेला

> शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा के मौके पर बिलासपुर के आनंदा इंपीरियल होटल में पांच दिनों का विशेष बंगाली फूड फेस्टिवल शुरू हुआ है, जिसमें पारंपरिक मांसाहारी व्यंजनों से लेकर फलाहारी थाली तक परोसी जा रही है।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/bilasapura-ke-ananda-imperial-men-durga-puja-para-saja-bngali-jayaka-50-se-adhika-pakavanon-ka-lagega-mela-46994 · **Language:** Hindi
**Tags:** बिलासपुर, दुर्गा पूजा, बंगाली फूड फेस्टिवल, आनंदा इंपीरियल, नवरात्र फलाहार, छत्तीसगढ़

शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा के पावन पर्व के उल्लास को दोगुना करने के लिए छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक विशेष पाक कला उत्सव की शुरुआत हुई है। शहर के प्रतिष्ठित आनंदा इंपीरियल होटल में आयोजित इस बंगाली थीम वाले फूड फेस्टिवल में मां दुर्गा के उत्सव के उपलक्ष्य में पचास से अधिक पारंपरिक और क्षेत्रीय व्यंजनों की विस्तृत श्रृंखला पेश की गई है। इस उत्सव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बंगाल की समृद्ध पाक कला विरासत के साथ-साथ भारत के अन्य राज्यों के चुनिंदा मशहूर स्वादों का भी अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। त्योहार के हर दिन को यादगार बनाने के मकसद से होटल की पाक टीम ने महाषष्ठी से लेकर विजयादशमी तक हर दिन के लिए एक पूर्णतः नया और विशिष्ट मेन्यू तैयार किया है।

## षष्ठी से दशमी तक हर दिन परोसा जाएगा नया स्वाद
होटल प्रबंधन ने त्योहार के पांचों प्रमुख दिनों की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए अपने भोजन तालिका की योजना बनाई है। षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी और दशमी के लिए तैयार किए गए अलग-अलग मेन्यू यह सुनिश्चित करते हैं कि यहां आने वाले मेहमानों को हर दिन एक नया अनुभव प्राप्त हो सके। होटल के रसोइयों और प्रबंधन का कहना है कि विविधता इस आयोजन की मुख्य ताकत है। बंगाली व्यंजनों की सदियों पुरानी विधियों को आधुनिक प्रस्तुति के साथ जोड़ते हुए यह प्रयास किया गया है कि स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले अतिथियों, दोनों को प्रामाणिक स्वाद का आनंद मिल सके। भोजन प्रेमियों के लिए यह उत्सव बंगाल के पारंपरिक घरों और प्रसिद्ध ढाबों के स्वादों का सजीव चित्रण प्रस्तुत करता है।

## मांसाहारी प्रेमियों के लिए इलिश मछली और मटन कशा का आकर्षण
बंगाली खानपान अपनी बेमिसाल मांसाहारी कृतियों के लिए दुनिया भर में पहचाना जाता है, और इस फूड फेस्टिवल में इसका पूरा ध्यान रखा गया है। मांसाहारी भोजन के शौकीनों के लिए प्रामाणिक बंगाली शैली में पकाया गया मटन कशा और धीमी आंच पर तैयार लाल मुर्गी का झोल मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसके साथ ही समुद्री और मीठे पानी की मछलियों के दीवानों के लिए बंगाल की प्रसिद्ध इलिश मछली, झींगा और पापड़ा फिश से तैयार विशिष्ट व्यंजन परोसे जा रहे हैं। इन पारंपरिक मुख्य व्यंजनों के अलावा कोलकाता की गलियों में मिलने वाले लोकप्रिय स्ट्रीट फूड को भी खास जगह दी गई है। शाम के नाश्ते के रूप में वेज कटलेट, कुरकुरा चिकन चॉप और मशहूर एग डेविल जैसे नमकीन आइटम आगंतुकों के बीच बेहद पसंद किए जा रहे हैं।

## नवरात्र व्रतियों के लिए बिना प्याज-लहसुन की शुद्ध फलाहारी थाली
त्योहार के दौरान उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और नियमों का भी इस आयोजन में पूरा सम्मान किया गया है। शारदीय नवरात्र में नौ दिनों का व्रत रखने वाले आगंतुकों के लिए होटल ने एक विशेष फलाहारी थाली की व्यवस्था की है। इस थाली को पूरी तरह से प्याज और लहसुन के उपयोग के बिना, सात्विक नियमों के अनुसार तैयार किया जाता है। फलाहारी भोजन में ऊर्जा से भरपूर साबूदाना खिचड़ी, गरमा-गरम कुट्टू के आटे की पूरियां, सेंधा नमक से निर्मित पनीर के स्वादिष्ट व्यंजन, गाढ़ी मलाईदार खीर और कई तरह की पारंपरिक मिठाइयां शामिल हैं। मुख्य शेफ के अनुसार, रसोई में पवित्रता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है ताकि व्रत रखने वाले लोग अपनी धार्मिक मान्यताओं से समझौता किए बिना उत्सव के स्वादों का आनंद ले सकें।

## संस्कृतियों का संगम और दुर्गा पूजा का विशेष उल्लास
आनंदा इंपीरियल होटल प्रबंधन का मानना है कि दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामूहिक उत्सव, मिलनसारिता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक है। इसी सोच के तहत होटल की पूरी टीम ने मिलकर इस व्यापक फूड फेस्टिवल की रूपरेखा बनाई है। इस आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य बिलासपुर के स्थानीय नागरिकों को शहर के भीतर ही बंगाल के प्रामाणिक भोजन और उत्सव के माहौल का जीवंत अनुभव प्रदान करना है। इसके साथ ही व्यवसाय या पर्यटन के सिलसिले में शहर आने वाले बाहरी मेहमानों के लिए भी यह एक स्वागत योग्य अवसर बन गया है। पारंपरिक बंगाली पकवानों, देश के अन्य कोनों से शामिल किए गए प्रसिद्ध स्वादों और उपवास रखने वालों के लिए समर्पित सात्विक थाली के इस समन्वय ने आयोजन को बेहद लोकप्रिय बना दिया है।

## इसका आप पर असर
बिलासपुर और आसपास के क्षेत्र में रहने वाले भोजन प्रेमियों और त्योहार मनाने वाले परिवारों के लिए यह आयोजन एक ही जगह पर विविध स्वादों का अनूठा अनुभव प्रदान करता है।

- **बिलासपुर के निवासियों के लिए:** स्थानीय लोगों को पारंपरिक बंगाली व्यंजनों और कोलकाता शैली के स्ट्रीट फूड का स्वाद चखने के लिए शहर से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे षष्ठी से दशमी तक हर दिन अलग-अलग मेन्यू का आनंद होटल आनंदा इंपीरियल में ले सकते हैं।
- **व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए:** नवरात्र उपवास का पालन करने वाले आगंतुक बिना प्याज-लहसुन वाली विशेष सात्विक थाली का चुनाव कर सकते हैं। यह थाली साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू पूरी और फलाहारी मिठाइयों के साथ धार्मिक नियमों का पूरी तरह पालन करती है।
- **मांसाहारी भोजन के शौकीनों के लिए:** उत्सव में मटन कशा, लाल मुर्गी का झोल, इलिश, झींगा और पापड़ा जैसी दुर्लभ मछलियों के पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मांसाहारी मेहमान चिकन चॉप और एग डेविल जैसे स्ट्रीट स्नैक्स का भी स्वाद ले सकते हैं।
- **पारिवारिक और सामूहिक भोजन के लिए:** शाकाहारी, मांसाहारी और उपवास रखने वाले सभी सदस्यों के लिए एक साथ अलग-अलग भोजन विकल्प मौजूद हैं। इससे पूरे परिवार को अपनी पसंद के अनुसार एक ही छत के नीचे भोजन करने की सुविधा मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
दुर्गा पूजा और शारदीय नवरात्र के दौरान भोजन और सामुदायिक दावत का विशेष महत्व होता है, जिसके चलते इस फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया है।

- **त्योहारी मांग और सांस्कृतिक जुड़ाव:** दुर्गा पूजा बंगाल का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और पाक कला उत्सव है, जिसमें भोजन उत्सव का प्रमुख केंद्र रहता है। होटल प्रबंधन ने इस माहौल को बिलासपुर के नागरिकों तक पहुंचाने के लिए यह विशेष थीम चुनी।
- **विविध आहार प्राथमिकताओं का संतुलन:** नवरात्र में एक बड़ा वर्ग नौ दिनों का उपवास रखता है जबकि दुर्गा पूजा में पारंपरिक मांसाहारी दावत का रिवाज है। दोनों वर्गों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रबंधन ने फलाहारी थाली और मांसाहारी मेन्यू को एक साथ पेश किया।
- **दैनिक नवीनता बनाए रखने की योजना:** मेहमानों को पूरे पांच दिनों तक आकर्षित रखने के लिए हर तिथि के अनुसार अलग मेन्यू तैयार किया गया। षष्ठी से दशमी तक मेन्यू बदलने से आगंतुकों को हर दिन नई विविधता का स्वाद मिलता है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह फूड फेस्टिवल बिलासपुर में किस स्थान पर आयोजित हो रहा है?
यह बंगाली फूड फेस्टिवल बिलासपुर स्थित होटल आनंदा इंपीरियल में आयोजित किया गया है।

### 2. इस फूड फेस्टिवल में कुल कितने व्यंजन परोसे जा रहे हैं?
इस आयोजन में पारंपरिक बंगाली और अन्य राज्यों के 50 से अधिक तरह के व्यंजन परोसे जा रहे हैं।

### 3. मेन्यू किन-किन दिनों के लिए अलग से तैयार किया गया है?
दुर्गा पूजा के उपलक्ष्य में षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी और दशमी के लिए अलग-अलग मेन्यू तैयार किए गए हैं।

### 4. मांसाहारी मेन्यू में कौन-कौन से मुख्य पकवान शामिल हैं?
मांसाहारी विकल्पों में मटन कशा, लाल मुर्गी का झोल, इलिश मछली, झींगा, पापड़ा फिश, चिकन चॉप और एग डेविल शामिल हैं।

### 5. नवरात्र में व्रत रखने वालों के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
व्रतियों के लिए बिना प्याज-लहसुन की सात्विक फलाहारी थाली है, जिसमें साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू की पूरी, पनीर, खीर और मिठाइयां शामिल हैं।

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