बिलासपुर हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार से पूछा, 14 मंत्रियों वाला मंत्रिमंडल कितना संवैधानिक? छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल में 14वें मंत्री की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से चार सप्ताह में शपथपत्र के जरिए जवाब मांगा है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल में 14वें मंत्री की नियुक्ति अब अदालत की कसौटी पर है। बिलासपुर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस नियुक्ति को असंवैधानिक बताने वाली दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर शपथपत्र के जरिए जवाब देने का निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद साय सरकार के लिए यह साबित करना जरूरी हो गया है कि उसका मंत्रिमंडल विस्तार संविधान के मुताबिक ही हुआ था। पहले जानिए, विवाद शुरू कैसे हुआ अगस्त 2025 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। इस विस्तार में तीन और विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इन तीनों के शपथ लेते ही छत्तीसगढ़ में कुल मंत्रियों की संख्या बढ़कर 14 पहुंच गई। यह आंकड़ा सामने आते ही सवाल उठने लगे कि क्या राज्य में इतनी बड़ी मंत्रिपरिषद संविधान के दायरे में है या नहीं। दो अलग-अलग लोगों ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा मंत्रियों की संख्या 14 होने के फैसले को सबसे पहले सामाजिक कार्यकर्ता वासु चक्रवर्ती ने चुनौती दी। उन्होंने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए मंत्रिपरिषद की अधिकतम तय सीमा पर सवाल खड़े किए। उनकी दलील है कि छत्तीसगढ़ में 14 मंत्रियों की मौजूदा संख्या संवैधानिक नियमों से मेल नहीं खाती। इसके बाद कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने भी इसी मुद्दे पर अलग से याचिका दायर कर दी और 14वें मंत्री की नियुक्ति को गलत बताया। हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाओं को जोड़ा चूंकि वासु चक्रवर्ती और सुशील आनंद शुक्ला, दोनों की याचिकाओं में मुद्दा एक ही था यानी 14वें मंत्री की नियुक्ति की संवैधानिक वैधता, इसलिए बिलासपुर हाईकोर्ट ने दोनों मामलों को आपस में जोड़कर एक साथ सुनवाई करने का फैसला लिया। इसके बाद डिवीजन बेंच के सामने इस संयुक्त मामले पर विस्तार से सुनवाई हुई। अब सरकार को देना होगा जवाब सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि राज्य सरकार को अपनी स्थिति चार सप्ताह के भीतर स्पष्ट करनी होगी। सरकार को शपथपत्र के माध्यम से अदालत के सामने अपना पक्ष रखना होगा। सरकार का जवाब आने के बाद ही इस मामले की अगली सुनवाई तय होगी। तब तक यह साफ नहीं है कि 14वें मंत्री का भविष्य क्या होगा और क्या मंत्रिमंडल में कोई फेरबदल करना पड़ेगा। इसका आप पर असर अगर हाईकोर्ट इन याचिकाओं को सही पाता है, तो सीधा असर छत्तीसगढ़ की मौजूदा सरकार पर पड़ेगा और मंत्रिमंडल में फेरबदल तक की नौबत आ सकती है। • भारत में: यह मामला दूसरे राज्यों के लिए भी नजीर बन सकता है। मंत्रिपरिषद के आकार को लेकर अदालत का रुख आने वाले समय में दूसरी सरकारों के मंत्रिमंडल विस्तार के फैसलों को भी प्रभावित कर सकता है। • छत्तीसगढ़ में: राज्य सरकार को अगले चार हफ्तों के भीतर शपथपत्र दाखिल करना होगा, जिससे प्रशासनिक कामकाज और मंत्रियों के विभाग बंटवारे पर अनिश्चितता बनी रहेगी। अगर कोर्ट नियुक्ति को गलत मानता है, तो 14वें मंत्री की कुर्सी पर सीधा असर पड़ सकता है। • याचिकाकर्ताओं पर: वासु चक्रवर्ती और सुशील आनंद शुक्ला की कानूनी लड़ाई अब सरकार के जवाब पर टिकी है, यानी उन्हें भी अगली सुनवाई तक इंतजार करना होगा। • आम नागरिकों पर: यह मामला दिखाता है कि सरकार के फैसलों को अदालत में चुनौती देने का रास्ता आम नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए भी खुला है। सवाल-जवाब 1. बिलासपुर हाईकोर्ट ने किस मामले में सुनवाई की? हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल में 14वें मंत्री की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। 2. कोर्ट ने राज्य सरकार को क्या निर्देश दिया? कोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह के भीतर शपथपत्र के जरिए अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। 3. 14वें मंत्री की नियुक्ति कब हुई थी? अगस्त 2025 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए तीन और विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई, जिससे कुल मंत्रियों की संख्या 14 हो गई। 4. यह याचिका सबसे पहले किसने दायर की थी? सामाजिक कार्यकर्ता वासु चक्रवर्ती ने सबसे पहले हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। 5. दूसरी याचिका किसने दायर की? कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने भी इसी मुद्दे पर अलग याचिका दाखिल की थी। 6. हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाओं को अलग-अलग क्यों नहीं सुना? चूंकि दोनों याचिकाओं में एक ही मुद्दा यानी 14वें मंत्री की नियुक्ति की संवैधानिक वैधता था, इसलिए कोर्ट ने दोनों मामलों को जोड़कर एक साथ सुना। 7. अगली सुनवाई कब होगी? राज्य सरकार का जवाब आने के बाद ही इस मामले की अगली सुनवाई तय होगी। https://trendkia.com/chhattisgarh/bilaspur-haikorta-ne-chhattisgarh-sarakara-se-puchha-14-mntriyon-vala-mntrimndala-kitana-snvaidhanika-28233 TrendKia — Har trend, sabse pehle.