# बिलासपुर में गणेशोत्सव की धूम, ₹500 के नोट पर विराजे बप्पा और छत्तीसगढ़ महतारी के रूप में दिखे गणेश

> बिलासपुर में गणेशोत्सव के दौरान विभिन्न समितियों द्वारा बेहद अनोखी और आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं, जहां कहीं भगवान गणेश ₹500 के नोट पर विराजे हैं तो कहीं छत्तीसगढ़ महतारी के बालक के रूप में नजर आ रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-09-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/bilaspur-me-ganeshotsav-ki-dhoom-rs-500-ke-note-par-viraje-bappa-32859 · **Language:** Hindi
**Tags:** गणेशोत्सव, बिलासपुर, छत्तीसगढ़, गणेश प्रतिमा, झांकी, टिकरापारा

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में इस बार गणेशोत्सव के दौरान पंडालों में अनूठी रचनात्मकता देखने को मिल रही है, जहां विभिन्न समितियां अपनी कला और सामाजिक संदेश के जरिए श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। शहरभर में स्थापित इन प्रतिमाओं में आधुनिकता से लेकर पारंपरिक संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे रंग घुले हुए हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। हर साल की तरह इस बार भी स्थानीय कलाकरों ने अपनी कल्पना के आधार पर भगवान गणेश के अलग-अलग स्वरूपों को जीवंत किया है, जो हर उम्र के दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।

## करबला गणेश उत्सव समिति की आधुनिक थीम
करबला गणेश उत्सव समिति की तरफ से इस बार आधुनिक जीवनशैली को बयां करती हुई एक बेहद अलग और दिलचस्प थीम तैयार की गई है। इस पंडाल में स्थापित गणेश प्रतिमा के दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सीढ़ियों से ऊपर चढ़कर जाना पड़ता है, जिसका निर्माण विशेष रूप से किया गया है। प्रतिमा के निचले हिस्से में भगवान गणेश को अपनी जोड़ी के साथ लेटी हुई अवस्था में उकेरा गया है, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण बना हुआ है। इस अनूठे शिल्प को निहारने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग रही हैं और लोग इस कला की सराहना कर रहे हैं।

## टिकरापारा में जीव संरक्षण और देसी मुर्गी पर बप्पा
मां गणेश उत्सव समिति टिकरापारा में गणेश चतुर्थी के इस पावन अवसर पर भगवान गणेश को एक देसी मुर्गी पर विराया गया है, जिसके पीछे एक गहरा सामाजिक उद्देश्य छिपा है। समिति के सदस्यों का मानना है कि इस अनूठी प्रस्तुति के जरिए समाज को जीव संरक्षण का कड़ा संदेश देना है ताकि मूक प्राणियों की बेदर्दी से होने वाली हत्याओं पर रोक लग सके। उनका यह भी कहना है कि इस प्रकार के आयोजनों से आम जनमानस के मन में जानवरों के प्रति करुणा और सद्भावना जागृत होती है, जो आज के समय की एक बड़ी आवश्यकता बन गई है।

## मन्नू चौक पर छाया ₹500 का नोट और धन की थीम
बिलासपुर के मन्नू चौक में सजे गणेश पंडाल का नजारा बेहद चौकाने वाला है क्योंकि यहां भगवान गणेश को सीधे ₹500 के भारतीय करेंसी नोट की थीम पर स्थापित किया गया है। केवल मूर्ति ही नहीं बल्कि पूरे पंडाल को बड़े ही करीने से नकली और सजावटी नोटों से ढंक दिया गया है, जो बिल्कुल असली मुद्रा जैसा आभास कराते हैं। यह भव्य सजावट और अनोखा कॉन्सेप्ट बाजार और आसपास के इलाकों में चर्चा का केंद्र बन गया है, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है और लोग इस अनूठेपन की तस्वीरें अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं।

## जूनी लाइन में छत्तीसगढ़ महतारी और बस्तर कला की झलक
जूनी लाइन यानी जूना बिलासपुर का गणेश पंडाल अपनी पारंपरिक और सांस्कृतिक थीम के लिए हमेशा से जाना जाता है, और इस बार भी इसने निराश नहीं किया है। यहां इस पावन पर्व पर भगवान गणेश को छत्तीसगढ़ महतारी के छोटे से दुलारे बालक के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो स्थानीय संस्कृति को गर्व महसूस कराता है। इसके साथ ही इस झांकी में छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल बस्तर की प्राचीन और प्रसिद्ध कला-कृतियों की सुंदर झलक भी देखने को मिल रही है, जो राज्य की समृद्ध विरासत को दर्शाती है।

## डीपी कॉलेज टिकरापारा में पारिवारिक स्नेह की झांकी
एकता गणेश उत्सव समिति, डीपी कॉलेज टिकरापारा द्वारा एक बेहद भावुक और मनमोहक झांकी सजाई गई है जिसमें भगवान गणेश के साथ माता पार्वती और कार्तिकेय को बाल रूप में दिखाया गया है। इस मूर्ति शिल्प में मां पार्वती अपने नन्हे बालकों पर अपार स्नेह लुटाते हुए और उन्हें दुलारते हुए नजर आ रही हैं, जो देखने में बहुत जीवंत लगता है। परिवार के भीतर आपसी प्रेम, जुड़ाव और वात्सल्य को दर्शाती यह सुंदर प्रस्तुति पंडाल में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के दिल को छू रही है और परिवार के महत्व को रेखांकित कर रही है।

## दयालबंद में बाल स्वरूप और तेलीपारा में शिव रूप
बाल गणेश उत्सव समिति दयालबंद टिकरापारा में भी बप्पा का मनोहारी बाल स्वरूप देखने को मिल रहा है, जिसके साथ माता पार्वती की उपस्थिति भी इस दृश्य को और पूर्ण बनाती है। मां और बच्चे के इस पावन रिश्ते को निहारने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन यहां पहुंच रहे हैं और आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। दूसरी ओर, बिलासपुर के तेलीपारा में इस बार गणेशोत्सव के दौरान एक और हैरान करने वाला रूप सामने आया है जहां भगवान गणेश को देवों के देव महादेव यानी भोलेनाथ के स्वरूप में विराजित किया गया है। तेलीपारा की यह अलौकिक प्रतिमा और इसकी भव्य सजावट भक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र बनी हुई है।

## धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकार का संदेश
संक्षेप में कहा जाए तो बिलासपुर में इस वर्ष का गणेशोत्सव केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न समितियों ने अपनी कला और झांकियों के माध्यम से समाज को एक आईना दिखाया है। कहीं पशुओं और जीवों की रक्षा का संकल्प लिया गया है तो कहीं आधुनिक जीवन के तौर-तरीकों, पारिवारिक मूल्यों और छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को प्रमुखता से उभारा गया है। इन सभी अलग-अलग थीमों ने इस साल के उत्सव को ऐतिहासिक बना दिया है और शहर के कोने-कोने में उत्सव का माहौल कायम कर दिया है।

## इसका आप पर असर
बिलासपुर में आयोजित होने वाले इन गणेशोत्सव पंडालों और झांकियों का सीधा असर स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन पर पड़ता है, जिससे शहर में उत्सव के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है।

- **बिलासपुर में:** स्थानीय निवासियों और दर्शनार्थियों को शहर के विभिन्न हिस्सों में अनूठी थीम वाले पंडालों और रचनात्मक झांकियों को देखने का अवसर मिलता है, जिससे स्थानीय बाजारों में रौनक और व्यापार में तेजी आती है।
- **भारत में:** देश के अन्य हिस्सों की तरह छत्तीसगढ़ में भी गणेशोत्सव के दौरान सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कला और सामाजिक संदेशों का प्रसार होता है, जो सामुदायिक एकता को मजबूत करता है।

## ऐसा क्यों हुआ
बिलासपुर की विभिन्न गणेश उत्सव समितियों द्वारा ऐसी अनूठी और सामाजिक संदेश देने वाली झांकियां तैयार करने के पीछे स्थानीय कलाकारों की रचनात्मकता और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने की भावना काम करती है।

- **कलात्मक प्रतिस्पर्धा:** हर साल शहर की विभिन्न समितियां एक-दूसरे से अलग और आकर्षक थीम तैयार करने का प्रयास करती हैं ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित किया जा सके।
- **सामाजिक सरोकार:** जीव संरक्षण, पारिवारिक प्रेम और क्षेत्रीय संस्कृति जैसे गंभीर विषयों को धार्मिक उत्सवों के माध्यम से आम जनता तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है, इसलिए समितियां ऐसे विषयों का चयन करती हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. बिलासपुर के किस चौक पर भगवान गणेश को ₹500 के नोट की थीम पर विराजित किया गया है?
बिलासपुर के मन्नू चौक पर भगवान गणेश को ₹500 के नोट की थीम पर विराजित किया गया है और पूरे पंडाल को नोटों से सजाया गया है।

### 2. करबला गणेश उत्सव समिति की झांकी की क्या विशेषता है?
करबला गणेश उत्सव समिति में श्रद्धालुओं को प्रतिमा देखने के लिए ऊपर चढ़ना पड़ता है और नीचे भगवान गणेश को अपनी जोड़ी के साथ लेटे हुए स्वरूप में दर्शाया गया है।

### 3. टिकरापारा की मां गणेश उत्सव समिति द्वारा क्या संदेश दिया जा रहा है?
मां गणेश उत्सव समिति टिकरापारा में भगवान गणेश को देसी मुर्गी पर विराजित कर जीव संरक्षण और जीव हत्या रोकने का संदेश दिया जा रहा है।

### 4. जूनी लाइन के पंडाल में किस रूप में गणेश भगवान को दर्शाया गया है?
जूनी लाइन यानी जूना बिलासपुर में गणेश भगवान को छत्तीसगढ़ महतारी के छोटे से बालक के रूप में और बस्तर की कला-कृतियों के साथ दर्शाया गया है।

### 5. तेलीपारा में गणेश उत्सव के दौरान बप्पा का कौन सा स्वरूप देखने को मिल रहा है?
तेलीपारा में गणेश भगवान को भोलेनाथ के अनोखे स्वरूप में विराजित किया गया है।

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