बिलासपुर में शादी के नाम पर बड़ा धोखा: बिट्स पिलानी की डिग्री और 48 लाख के पैकेज का दावा निकला झूठा, हर्षदीप और ससुराल वालों पर केस दर्ज बिलासपुर में एक दूल्हे ने बिट्स पिलानी की डिग्री और भारी-भरकम सैलरी पैकेज का झूठा दावा कर शादी की। पोल खुलने और नकली गहने मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी पति और सास-ससुर पर केस दर्ज कर लिया है। बिलासपुर में विवाह के पवित्र बंधन को धोखाधड़ी का जरिया बनाने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। शादी को विश्वास की नींव माना जाता है, लेकिन यहाँ एक युवक ने खुद को बेहद अमीर और ऊंचे ओहदे पर स्थापित बताकर एक लड़की और उसके परिवार को झांसे में ले लिया। जब शादी संपन्न होने के तुरंत बाद इस पूरे झूठ का पर्दाफाश हुआ, तो दुल्हन के पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अब आरोपी पति हर्षदीप और उसके माता-पिता के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बायोडाटा में सजाए गए थे झूठ के पुलिंदे शादी के लिए लड़की पक्ष को जो बायोडाटा भेजा गया था, वह इतना आकर्षक था कि परिवार ने बिना किसी गहन पड़ताल के रिश्ते को मंजूरी दे दी। बायोडाटा में दावा किया गया था कि दूल्हे हर्षदीप ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान बिट्स पिलानी से B.Tech की डिग्री हासिल की है। इतना ही नहीं, यह भी दावा किया गया कि वह वर्तमान में जयपुर की एक विख्यात कंपनी में कार्यरत है और उसका सालाना वेतन पैकेज 48 लाख रुपये है। इसके अलावा, उसके पिता के व्यवसाय का वार्षिक टर्नओवर 88 लाख रुपये और परिवार के पास करीब 150 से 200 एकड़ कृषि भूमि होने की बात कही गई थी। इन सभी बातों को सच मानकर लड़की के परिवार ने शादी तय कर दी और 12 मार्च 2026 को बिलासपुर के होटल पेट्रीशियन में बेहद धूमधाम से शादी समारोह संपन्न हुआ। विवाह की रात ही सामने आने लगे संदिग्ध संकेत विवाह के रस्मों-रिवाज पूरे होने के तुरंत बाद ही इस झूठे वैभव की पोल खुलने लगी। शादी की पहली ही रात को पंडाल और भोजन की व्यवस्था संभालने वाले टेंट और कैटरिंग के ठेकेदारों ने दुल्हन के परिजनों से शिकायत की कि उन्हें पूरा भुगतान नहीं किया गया है। स्थिति को बिगड़ने से बचाने के लिए दुल्हन के परिवार को खुद आगे आकर उन बिलों का भुगतान करना पड़ा। अगले दिन जब विदाई के बाद होटल से चेक-आउट करने का समय आया, तो होटल प्रबंधन ने बकाया राशि न मिलने के कारण दूल्हे की गाड़ी को गेट पर ही रोक लिया। इस हंगामे के कुछ देर बाद ही दूल्हे हर्षदीप और उसके पिता ने अचानक अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए, जिससे दुल्हन का शक पूरी तरह यकीन में बदल गया। इमू पक्षी का कारोबार और नकली गहनों का सच मामला संदिग्ध होने पर जब दुल्हन ने हर्षदीप से कड़ाई से पूछताछ की, तो कॉर्पोरेट नौकरी का सारा सच हवा हो गया। असल में हर्षदीप के पास कोई बहुराष्ट्रीय कंपनी की नौकरी नहीं थी, बल्कि वह अपने पिता के साथ मिलकर इमू पक्षी के तेल का व्यापार करता था। धोखाधड़ी यहीं नहीं रुकी; शादी के समय ससुराल पक्ष की तरफ से दुल्हन को दिए गए गहने जब जांच के लिए भेजे गए, तो वे सभी नकली और बेहद कम मूल्य के पाए गए। दुल्हन ने पुलिस को यह भी बताया कि शादी की तैयारियों के दौरान हर्षदीप ने खुद को जरूरत बताते हुए अलग-अलग किश्तों में उससे कुल 6 लाख 76 हजार रुपये भी ऐंठ लिए थे। फिलहाल इस धोखाधड़ी को लेकर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इसका आप पर असर यह घटना शादी तय करते समय बरतने वाली सावधानियों को लेकर एक बड़ा सबक है। • भारत में: यह मामला देश भर के परिवारों को यह सीख देता है कि वैवाहिक रिश्तों को अंतिम रूप देने से पहले शैक्षणिक और व्यावसायिक दावों की स्वतंत्र रूप से जांच करना बेहद आवश्यक है। ऐसा न करने पर परिवार न केवल भारी आर्थिक नुकसान का शिकार हो सकते हैं, बल्कि गंभीर मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ सकती है। • बिलासपुर में: बिलासपुर और छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के निवासियों को शादी तय करते समय बायोडाटा में दी गई जानकारियों, जैसे नौकरी, टर्नओवर और जमीन-जायदाद के दावों की पुलिस या प्रासंगिक दस्तावेजों से पुष्टि कराने की सलाह दी जाती है। इससे भविष्य में होने वाली ऐसी गंभीर धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह धोखाधड़ी वर पक्ष द्वारा रचे गए एक योजनाबद्ध और सोचे-समझे जाल के कारण हुई, जिसका उद्देश्य वधू पक्ष को आर्थिक रूप से लूटना था। • झूठे बायोडाटा का निर्माण: आरोपी हर्षदीप और उसके परिवार ने जानबूझकर एक अत्यधिक आकर्षक बायोडाटा तैयार किया, जिसमें बिट्स पिलानी जैसी प्रतिष्ठित डिग्री और 48 लाख रुपये सालाना की नौकरी का झूठा विवरण शामिल किया गया था ताकि अच्छे घराने की लड़की को आकर्षित किया जा सके। • जांच की कमी: वधू पक्ष ने वर पक्ष के उच्च सामाजिक-आर्थिक दावों पर आंख मूंदकर भरोसा कर लिया और शादी से पहले उनके कार्यालय, शैक्षणिक दस्तावेजों या संपत्तियों का कोई भौतिक सत्यापन नहीं कराया। • आर्थिक लालच: आरोपियों की नीयत शादी के जरिए पैसे ऐंठने की थी, जिसके तहत उन्होंने शादी से पहले ही युवती से 6.76 लाख रुपये ले लिए और विवाह समारोह में नकली गहनों का इस्तेमाल किया। सवाल-जवाब 1. यह शादी कब और कहां संपन्न हुई थी? यह विवाह 12 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्थित होटल पेट्रीशियन में संपन्न हुआ था। 2. दूल्हे हर्षदीप ने अपनी पढ़ाई और नौकरी को लेकर क्या दावे किए थे? हर्षदीप ने दावा किया था कि उसने बिट्स पिलानी से B.Tech किया है और वह जयपुर की एक कंपनी में 48 लाख रुपये सालाना के पैकेज पर काम करता है। 3. शादी की रात ही धोखाधड़ी का शक कैसे हुआ? शादी की रात ही टेंट और कैटरिंग वेंडरों ने भुगतान न होने की शिकायत की, और अगले दिन होटल स्टाफ ने बकाया बिल के चलते दूल्हे की गाड़ी रोक दी थी। 4. जांच में दूल्हे का असली पेशा क्या निकला? पूछताछ में पता चला कि हर्षदीप कोई नौकरी नहीं करता, बल्कि वह अपने पिता के साथ मिलकर इमू पक्षी के तेल का व्यापार करता है। 5. दूल्हे ने शादी से पहले दुल्हन से कितने पैसे लिए थे? हर्षदीप ने शादी से पहले अलग-अलग आवश्यकताओं का बहाना बनाकर दुल्हन से करीब 6 लाख 76 हजार रुपये ऐंठे थे। https://trendkia.com/chhattisgarh/bilaspur-men-shadi-ke-nama-para-bara-dhokha-bits-pilani-ki-digri-aura-48-lakha-ke-paikeja-ka-dava-nikala-jhutha-harshdeep-aura-sas-32932 TrendKia — Har trend, sabse pehle.