चक्रवाती तूफान अर्नब का असर, छत्तीसगढ़ में 26 सितंबर को सभी स्कूल बंद और सीएम ने की अपील चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण छत्तीसगढ़ में हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिसके चलते सरकार ने 26 सितंबर को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव की वजह से पिछले 48 घंटों से अधिक वक्त से लगातार मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। इस खराब मौसम और भारी जलभराव के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। कई इलाकों में लगातार हो रही बरसात से नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बस्तर संभाग में सबसे अधिक प्रभाव इस प्राकृतिक आपदा का सबसे भयंकर रूप बस्तर संभाग में देखने को मिल रहा है। बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बने हुए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण इन क्षेत्रों में नदियां और नाले खतरे के निशान के ऊपर बह रहे हैं, जिससे कई अंदरूनी इलाकों का सड़क संपर्क पूरी तरह से कट गया है। छत्तीसगढ़ में 26 सितंबर को स्कूलों की छुट्टी छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में 26 सितंबर को एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर इस फैसले की आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की हिफाजत सरकार की पहली प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को घरों के भीतर ही सुरक्षित रखें, पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी तरह की अनावश्यक यात्रा करने से परहेज करें। गरियाबंद में मार्ग बंद और जलाशय से पानी छोड़ा गया गरियाबंद जिले में भी मूसलाधार बारिश के चलते स्थिति काफी चिंताजनक हो गई है। फिंगेश्वर के नजदीक सरगी नाला उफान पर आ गया है और पानी तेज बहाव के साथ पुल के ऊपर से गुजर रहा है। इस गंभीर स्थिति की वजह से राजिम-महासमुंद राज्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है और मार्ग बंद करना पड़ा है। सड़क मार्ग बाधित होने से दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं। हालात पर लगातार नजर बनाए रखने के लिए घटनास्थल पर एसडीएम और 112 की टीम तैनात की गई है। इसके अलावा, सिकासार जलाशय से 20 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है, जिसके कारण निचले इलाकों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। सुकमा में बाढ़ से घिरे गांव और फंसे परिवार मुंगेली जिले में भी लगातार जारी बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं दूसरी ओर, सुकमा जिले के छिंदगढ़ अंतर्गत आने वाले कुरमिरास गांव में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। भारी पानी भरने की वजह से कुरमिरास गांव चारों तरफ से घिरकर एक टापू बन गया है। निरंतर हो रही बरसात के कारण इस गांव का बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। इस संकट में गांव के 19 परिवारों के लगभग 40 से 45 लोग बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं। इन ग्रामीणों के सामने जीवन का गंभीर संकट पैदा हो गया है और वहां फौरन बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू करने की सख्त जरूरत है। इसका आप पर असर छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान और भारी बारिश के कारण जनजीवन और परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। • भारत में: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ का यह संकट क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन और परिवहन को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है। • छत्तीसगढ़ में: राज्यभर के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में 26 सितंबर को छुट्टी घोषित कर दी गई है ताकि बच्चे सुरक्षित रहें। • गरियाबंद में: फिंगेश्वर के पास सरगी नाला उफनाने से राजिम-महासमुंद मार्ग बंद हो गया है, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। • सुकमा में: कुरमिरास गांव के टापू बनने और 19 परिवारों के बाढ़ में फंसने के कारण वहां तुरंत राहत और बचाव कार्य की आवश्यकता आन पड़ी है। • सावधानी: प्रशासन ने अनावश्यक यात्रा से बचने और बच्चों को घर के अंदर सुरक्षित रखने की सख्त अपील की है। ऐसा क्यों हुआ छत्तीसगढ़ में उत्पन्न हुई यह गंभीर स्थिति चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव और पिछले 48 घंटों से जारी निरंतर भारी बारिश के कारण पैदा हुई है। • चक्रवाती प्रभाव: चक्रवाती तूफान अर्नब के सक्रिय होने से राज्य के बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे संभागों में भारी मूसलाधार बारिश हुई है। • जलाशयों का जलस्तर: अत्यधिक पानी गिरने के कारण सिकासार जलाशय से 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे निचले इलाकों में नदियां उफान पर आ गई हैं। • भौगोलिक स्थिति: नदियां और नाले खतरे के निशान को पार कर चुके हैं, जिसके चलते गरियाबंद और सुकमा जैसे जिलों में मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं और बस्तियां जलमग्न हो गई हैं। • प्रशासनिक कदम: छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तुरंत स्कूल बंद करने और प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी करने का निर्णय लिया। सवाल-जवाब 1. छत्तीसगढ़ में किस चक्रवाती तूफान का असर देखा जा रहा है? छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर देखा जा रहा है। 2. छत्तीसगढ़ में स्कूलों की छुट्टी कब घोषित की गई है? राज्य के सभी स्कूलों में 26 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है। 3. किन जिलों में बारिश का सबसे ज्यादा प्रभाव है? बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव है। 4. गरियाबंद में कौन सा मार्ग बंद हुआ है? सरगी नाला उफान पर होने के कारण राजिम-महासमुंद राज्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। 5. सिकासार जलाशय से कितना पानी छोड़ा गया है? सिकासार जलाशय से 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 6. सुकमा के किस गांव में परिवार बाढ़ में फंसे हैं? सुकमा जिले के छिंदगढ़ स्थित कुरमिरास गांव में 19 परिवारों के 40 से 45 लोग बाढ़ में फंसे हैं। https://trendkia.com/chhattisgarh/chakravati-tuphana-arnab-ka-asara-chhattisgarh-men-26-sitnbara-ko-sabhi-skula-bnda-aura-cm-ne-ki-apila-38737 TrendKia — Har trend, sabse pehle.