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  "title": "छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सुरक्षाबलों के साथ दीपोत्सव मनाकर दी नक्सलवाद के खात्मे की बधाई",
  "summary": "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षाबलों के साथ रोशनी का त्योहार मनाया और देश के सभी जिलों को नक्सलमुक्त घोषित किया।",
  "content": "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को रोशनी का पर्व मनाने के लिए छत्तीसगढ़ के बस्तर का रुख किया, जहां उन्होंने सुरक्षाबलों के जवानों के साथ दीपोत्सव का उल्लास साझा किया। घने जंगलों के बीच तैनात जवानों से मुलाकात करते हुए उन्होंने राष्ट्र रक्षा में जुटे प्रहरियों के अदम्य साहस को नमन किया।\n\nनक्सली हिंसा के खात्मे पर दिया संदेश\nसमारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “ये पहली दिवाली है जब नक्सलवाद हार चुका है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षाकर्मियों के निरंतर त्याग और तपस्या के चलते कभी हिंसा से प्रभावित रहने वाला यह पूरा भूभाग अब शांति और बुनियादी विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने घोषणा की कि देश का हर जिला अब पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुका है, जिससे दशकों पुरानी आंतरिक सुरक्षा चुनौती समाप्त हुई है।\n\nजवानों को बताया अपने परिवार का हिस्सा\nप्रधानमंत्री ने देशवासियों की सुरक्षा में मुस्तैद प्रहरियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “जो देश के रक्षक हैं और भारत माता के वीर बेटे-बेटियां हैं, आप सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं।” उन्होंने रेखांकित किया कि जब पूरे देश में करोड़ों नागरिक अपने घरों में परिजनों के साथ उत्सव मना रहे हैं, तब सीमाओं और आंतरिक इलाकों में तैनात जवान बिना रुके अपने कर्तव्य पथ पर डटे रहते हैं।\n\nबस्तर में शांति और बदलाव की नई सुबह\nसुरक्षा बलों के साथ इस मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि शांति स्थापित होने के बाद अब बस्तर की धरती पर समृद्धि और जनकल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत हो रही है। विकास कार्यों को गति मिलने से स्थानीय आबादी को हिंसा के साए से मुक्ति मिली है और सुरक्षाबलों का यह पराक्रम देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।\n\nइसका आप पर असर\nनक्सलवाद के खात्मे और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होने से देश और बस्तर क्षेत्र दोनों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।\n\n• भारत में: आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में भारी कमी आने से देश के दूरदराज के क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से लागू किया जा सकेगा। इससे सार्वजनिक धन की बचत होगी और सुरक्षा बलों को अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर केंद्रित करने में मदद मिलेगी।\n• बस्तर और छत्तीसगढ़ में: दशकों से संघर्ष झेल रहे स्थानीय ग्रामीणों को अब भयमुक्त वातावरण में बुनियादी सुविधाएं और रोजगार मिल सकेंगे। स्कूल, अस्पताल और सड़कों का निर्माण बिना किसी बाधा के पूरा होने से स्थानीय जीवन स्तर में सुधार होगा।\n• सुरक्षाबलों के लिए: लगातार जोखिम में काम कर रहे जवानों के मनोबल को शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी और समर्थन से सीधा प्रोत्साहन मिलता है। त्योहार पर मिला यह सम्मान सीमा और आंतरिक सुरक्षा में लगे प्रहरियों का आत्मविश्वास बढ़ाता है।\n• निवेश और पर्यटन के लिए: शांति स्थापित होने से बस्तर के प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलेगा। बाहरी निवेश आने से स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका के नए रास्ते खुलेंगे।\n\nऐसा क्यों हुआ\nप्रधानमंत्री का बस्तर दौरा और जवानों के साथ त्योहार मनाना उनकी उस दीर्घकालिक परंपरा का हिस्सा है, जिसके तहत वे हर वर्ष सुरक्षाबलों के बीच उपस्थित रहते हैं। साथ ही यह दौरा क्षेत्र में चरमपंथी हिंसा के पूर्ण नियंत्रण की घोषणा का भी मंच बना।\n\n• परंपरागत जुड़ाव: प्रधानमंत्री प्रत्येक वर्ष दिवाली का पर्व देश के विभिन्न हिस्सों में तैनात जवानों के साथ मनाते हैं, जिसका उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभा रहे प्रहरियों का हौसला बढ़ाना है। इससे पूर्व के वर्षों में भी वे अग्रिम सैन्य चौकियों और नौसैनिक पोतों पर जा चुके हैं।\n• नक्सलरोधी अभियानों की सफलता: सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए लक्षित अभियानों और व्यापक विकास योजनाओं के चलते बस्तर जैसे मुख्य नक्सल प्रभावित केंद्रों में चरमपंथियों का नेटवर्क टूट चुका है। इसी बड़ी रणनीतिक उपलब्धि को रेखांकित करने के लिए इस स्थान का चयन किया गया।\n• विश्वास बहाली की नीति: पूर्व नक्सल क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने और स्थानीय आबादी में शासन के प्रति विश्वास मजबूत करने के लिए यह यात्रा एक प्रतीकात्मक संदेश देती है। इससे यह प्रदर्शित होता है कि अब यह क्षेत्र मुख्यधारा की शांति से जुड़ चुका है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को दिवाली कहां मनाई?\nप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षाकर्मियों के साथ दिवाली का पर्व मनाया।\n\n2. प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद को लेकर क्या घोषणा की?\nउन्होंने कहा कि यह पहली दिवाली है जब नक्सलवाद पूरी तरह हार चुका है और देश का हर जिला अब नक्सलमुक्त हो चुका है।\n\n3. प्रधानमंत्री ने सुरक्षाबलों के जवानों को क्या कहकर संबोधित किया?\nउन्होंने सीमाओं और देश के भीतर रक्षा करने वाले जवानों को भारत माता के वीर बेटे-बेटियां और अपने परिवार का सदस्य बताया।\n\n4. बस्तर क्षेत्र के लिए इस शांति का क्या महत्व है?\nनक्सली आतंक समाप्त होने से बस्तर में बुनियादी विकास कार्यों और जनसुविधाओं की बहाली का नया मार्ग खुल गया है।",
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