# छत्तीसगढ़ के रोशन यादव ने राज्य स्तरीय लॉन्ग जंप में हासिल किया स्वर्ण पदक, अब दिल्ली नेशनल में दिखाएंगे अपनी प्रतिभा

> सरगुजा जिले के बारिमा गांव के रोशन यादव ने दो साल की कड़ी मेहनत के दम पर स्टेट लेवल लॉन्ग जंप में गोल्ड मेडल जीता है। अब वह दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-09-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/chhattisgarh-ke-roshan-yadav-ne-rajya-stariya-longa-jnpa-men-hasila-kiya-svarna-padaka-aba-delhi-neshanala-men-dikhaenge-apani-pra-26160 · **Language:** Hindi
**Tags:** रोशन यादव, सरगुजा न्यूज़, छत्तीसगढ़ खेल, लॉन्ग जंप गोल्ड मेडल, दिल्ली नेशनल एथलेटिक्स, बारिमा गांव

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले स्थित बारिमा गांव के रहने वाले 11वीं कक्षा के छात्र रोशन यादव ने राज्य स्तरीय लॉन्ग जंप प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। पिछले दो सालों से लगातार पसीना बहा रहे रोशन को इस स्वर्णिम सफलता के बल पर अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का टिकट मिल गया है। वह जल्द ही देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाली नेशनल लेवल स्पर्धा में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। रोशन का सपना भविष्य में खेल के क्षेत्र में ही अपना करियर बनाना और ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करना है।

## दो साल की कड़ी मेहनत और स्कूल से मिला मार्गदर्शन
रोशन यादव की इस उपलब्धि के पीछे उनकी दो वर्षों की अटूट लगन और अनुशासित अभ्यास शामिल है। खेल के शुरुआती दिनों को याद करते हुए रोशन ने बताया कि उनके स्कूल के पीटीआई शिक्षक ने पहली बार उनमें लॉन्ग जंप की क्षमता को पहचाना और उन्हें इस खेल की बारीकियों व ट्रेनिंग के बारे में जानकारी दी। पीटीआई शिक्षक के शुरुआती अभ्यास के बाद रोशन ने स्कूल के साथ-साथ घर पर भी नियमित अभ्यास जारी रखा। इस दौरान स्कूल के अन्य शिक्षकों ने भी उनका मनोबल बढ़ाया और हर संभव मार्गदर्शन प्रदान किया।

## रोज 10 से 15 किलोमीटर की दौड़ और कठिन फिटनेस रूटीन
एक उत्कृष्ट एथलीट बनने के लिए रोशन अपनी फिटनेस और शारीरिक तैयारी पर विशेष ध्यान देते हैं। अपने दैनिक दिनचर्या के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि वे रोजाना सुबह लगभग 10 से 15 किलोमीटर दौड़ते हैं ताकि उनका स्टेमिना और सहनशक्ति बनी रहे। लंबी दौड़ के अलावा, वे लॉन्ग जंप की तकनीक, टेक-ऑफ और लैंडिंग के अभ्यासों पर भी लगातार काम करते हैं। इसी कठोर अभ्यास के दम पर वे राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करने में सफल रहे।

## किसान परिवार की पृष्ठभूमि और माता-पिता का सहयोग
रोशन एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके पिता एक किसान हैं और उनका पूरा परिवार खेती-किसानी पर ही निर्भर है। सीमित संसाधनों के बावजूद, रोशन के माता-पिता ने कभी भी उनके सपनों के आड़े आने नहीं दिया। रोशन बताते हैं कि उनके माता-पिता हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहे और उन्हें खेल के मैदान में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित करते रहे। परिवार के इस सहयोग ने उनके हौसले को हमेशा मजबूत रखा।

## दिल्ली नेशनल का लक्ष्य और ओलंपिक में देश के प्रतिनिधित्व का सपना
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद रोशन का चयन दिल्ली में होने वाली नेशनल लेवल प्रतियोगिता के लिए हो गया है। हालांकि इस राष्ट्रीय स्पर्धा की तारीखों का आधिकारिक ऐलान होना अभी बाकी है, लेकिन रोशन अपनी तैयारियों में पूरी तरह जुट चुके हैं। 11वीं के छात्र रोशन का स्पष्ट कहना है कि वह नेशनल में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देंगे। उनका अंतिम ध्येय भारतीय जर्सी पहनकर ओलंपिक के मंच पर देश का नाम रोशन करना है।

## सवाल-जवाब

### 1. रोशन यादव ने किस खेल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता है?
रोशन यादव ने स्टेट लेवल (राज्य स्तरीय) लॉन्ग जंप प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता है।

### 2. रोशन यादव छत्तीसगढ़ के किस जिले और गांव के निवासी हैं?
वे छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के बारिमा गांव के रहने वाले हैं।

### 3. राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने के बाद रोशन का चयन किस प्रतियोगिता के लिए हुआ है?
स्टेट लेवल पर जीत दर्ज करने के बाद रोशन का चयन दिल्ली में आयोजित होने वाली नेशनल लेवल प्रतियोगिता के लिए हुआ है।

### 4. रोशन यादव का अंतिम लक्ष्य और सपना क्या है?
11वीं कक्षा में पढ़ने वाले रोशन यादव का अंतिम लक्ष्य ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करना और खेल को ही अपना करियर बनाना है।

### 5. अपनी तैयारी और फिटनेस के लिए रोशन यादव रोजाना कितना दौड़ते हैं?
वे अपनी फिटनेस और स्टेमिना के लिए रोजाना सुबह करीब 10 से 15 किलोमीटर दौड़ते हैं।

## प्रेरणा और सबक
**प्रेरणा और महत्वपूर्ण सबक:**

- **कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं:** दो साल तक बिना नागा अभ्यास और रोज 10 से 15 किमी दौड़ने का जज्बा ही सफलता की कुंजी है।
- **सीमित संसाधनों में बड़ा लक्ष्य:** किसान परिवार से होने के बावजूद साधनों की कमी को आड़े न आने देना और ओलंपिक जैसा बड़ा सपना देखना।
- **शिक्षकों और बड़ों के मार्गदर्शन का सम्मान:** स्कूल के पीटीआई शिक्षक की सलाह को अपनाकर अपनी प्रतिभा को सही दिशा देना।
- **अनुशासन और निरंतरता:** स्कूल की पढ़ाई के साथ घर और मैदान पर समान रूप से मेहनत जारी रखना।

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