# छत्तीसगढ़ में भारतमाला प्रोजेक्ट भू-अर्जन घोटाले की जांच के लिए क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट टीमें गठित, राजस्व विभाग में मचा हड़कंप

> छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग में भारतमाला परियोजना के भूमि अधिग्रहण मुआवजे में हुए फर्जीवाड़े की जांच के लिए विशेष अंतर-ज़िला समितियां बनाई गई हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो की एफआईआर के बाद अधिकारियों की साठगांठ खत्म करने के लिए दूसरे ज़िलों की टीमों को फाइलें खंगालने की जिम्मेदारी दी गई है।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-09-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/chhattisgarh-men-bharatmala-projekta-bhu-arjana-ghotale-ki-jancha-ke-lie-krosa-distrikta-timen-gathita-rajasva-vibhaga-men-macha-h-29913 · **Language:** Hindi
**Tags:** भारतमाला परियोजना, भूमि अधिग्रहण घोटाला, बिलासपुर संभाग, ईओडब्ल्यू एसीबी जांच, छत्तीसगढ़ राजस्व विभाग, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम

छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित बिलासपुर संभाग के भीतर राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित 'भारतमाला परियोजना' के लिए की गई भू-अर्जन प्रक्रिया में व्यापक पैमाने पर घपलेबाज़ी का मामला सामने आया है। सड़क निर्माण हेतु अधिगृहीत की गई जमीनों के बदले वितरित किए गए मुआवजे में भारी वित्तीय गड़बड़ियों और धांधली के गंभीर आरोपों ने समूचे प्रशासनिक व राजनीतिक ढाँचे को झकझोर कर रख दिया है। इन कथित अनियमितताओं की पारदर्शी व निष्पक्ष पड़ताल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शासन ने ज़िला-वार विशेष जाँच समितियों की स्थापना की है।

## भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज
मामले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए रायपुर स्थित राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) ने आधिकारिक तौर पर आपराधिक प्रकरण पंजीकृत कर लिया है। जांच एजेंसी द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(सी) के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), धारा 467 (फर्जी दस्तावेज़ तैयार करना), धारा 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से कूटरचना), धारा 471 (फर्जी दस्तावेज़ों को असली के रूप में इस्तेमाल करना) तथा धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के अंतर्गत मामला दर्ज कर वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

## बिलासपुर संभाग के चार प्रमुख जिलों तक फैली जांच की आंच
प्राप्त शिकायतों की सूक्ष्म एवं विस्तृत जाँच का दायरा बिलासपुर संभाग के चार मुख्य ज़िलों तक फैला हुआ है, जिनमें बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ शामिल हैं। ईओडब्ल्यू तथा एसीबी मुख्यालय रायपुर द्वारा 06 अगस्त और 24 अगस्त 2026 को प्रेषित शासकीय पत्रों के आधार पर इन सभी ज़िलों में दर्ज शिकायतों का गहन परीक्षण किया जा रहा है।

## स्थानीय प्रभाव समाप्त करने के लिए क्रॉस-जाँच का अनोखा मॉडल
जाँच की संपूर्ण प्रक्रिया को बाहरी दबाव या किसी भी प्रकार के प्रभाव से मुक्त रखने हेतु एक विशेष प्रशासनिक रणनीति तैयार की गई है। यद्यपि गठित टीमों में राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को ही शामिल किया गया है, परंतु मुख्य रणनीति यह है कि कोई भी अधिकारी अपने ही ज़िले के मामलों की पड़ताल नहीं करेगा। नई व्यवस्था के तहत एक ज़िले का राजस्व अमला दूसरे ज़िले में हुए भूमि अर्जन, नामांतरण और मुआवजा राशि वितरण से संबंधित अभिलेखों व फाइलों की गहन छानबीन करेगा।

## राजस्व महकमे में हलचल और कड़ी कार्रवाई की संभावना
इस अंतर-ज़िला अदला-बदली व्यवस्था (क्रॉस-जाँच) से स्थानीय अधिकारियों की संभावित साठगांठ या व्यक्तिगत प्रभाव की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इस अप्रत्याशित कदम के लागू होते ही बिलासपुर संभाग के संपूर्ण राजस्व महकमे में हलचल का माहौल है। वर्षों से बंद पड़ी फाइलों और दस्तावेज़ों को दोबारा खोला जाने लगा है, जिससे आने वाले समय में कई रसूखदार अधिकारियों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों पर दंडात्मक कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है।

## इसका आप पर असर
भारतमाला परियोजना में भूमि अधिग्रहण धांधली की जांच से राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्यों तथा निष्पक्ष मुआवजा वितरण प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ेगा।

- **भारत में:** राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में पारदर्शी मुआवजा व्यवस्था लागू होने से भविष्य में भू-स्वामियों को सही समय पर उचित राशि मिलेगी। इससे बुनियादी ढांचा निर्माण कार्यों में प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
- **छत्तीसगढ़ में:** बिलासपुर संभाग में क्रॉस-जांच प्रणाली शुरू होने से लंबे समय से अटके वास्तविक पीड़ितों के मुआवजा दावों का तेजी से निस्तारण होगा। इस प्रशासनिक सख्ती से फर्जी दस्तावेज बनाकर गलत भुगतान हासिल करने वाले गिरोहों पर लगाम कसेगी।
- **बिलासपुर संभाग में:** भूमि नामांतरण और मुआवजा वितरण प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक होने से आम नागरिकों का प्रशासनिक पारदर्शिता में विश्वास बढ़ेगा। प्रभावित किसान तथा जमीन मालिक बिना किसी बिचौलिए के अपना वैधानिक हक प्राप्त कर सकेंगे।
- **स्थानीय भू-स्वामियों के लिए:** राजस्व अभिलेखों के नए सिरे से डिजिटल सत्यापन के बाद अवैध रूप से रोक कर रखे गए भुगतानों को तुरंत जारी किया जाएगा। इससे स्थानीय निवासियों को न्याय मिलेगा और फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण के दौरान भूमि अधिग्रहण मुआवजे के वितरण में बड़े पैमाने पर वित्तीय धांधली और भ्रष्टाचार की शिकायतें दर्ज की गई थीं। इसके बाद राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) द्वारा दर्ज आपराधिक मामले के आधार पर यह सख्त प्रशासनिक कदम उठाया गया है।

- **मुआवजा राशि में अनियमितताएं:** बिलासपुर संभाग में राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहित जमीनों के बदले दिए गए मुआवजे में गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं। स्थानीय स्तर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर अनुचित वित्तीय लाभ पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं।
- **एंटी करप्शन ब्यूरो की प्राथमिकी:** ईओडब्ल्यू और एसीबी रायपुर ने जांच के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(सी) तथा आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत औपचारिक जुर्म दर्ज किया। इसके तहत फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की जांच शुरू की गई है।
- **जांच एजेंसियों की सिफारिश:** ब्यूरो ने 06 अगस्त और 24 अगस्त 2026 को पत्र भेजकर बिलासपुर संभाग के चार जिलों में शिकायतों की जांच के स्पष्ट निर्देश दिए। इसी के जवाब में शासन ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए विशेष समितियां बनाई हैं।
- **स्थानीय साठगांठ का अंदेशा:** जांच में पाया गया कि स्थानीय राजस्व अधिकारी अपने प्रभाव के कारण स्वतंत्र पड़ताल में बाधा बन सकते थे। इसी कारण सरकार ने एक जिले के अधिकारियों को दूसरे जिले की फाइलें जांचने की जिम्मेदारी सौंपी है।

## सवाल-जवाब

### 1. बिलासपुर संभाग में किस परियोजना के तहत भू-अर्जन घोटाला हुआ है?
यह घोटाला राष्ट्रीय स्तर की सड़क निर्माण परियोजना 'भारतमाला परियोजना' के भूमि अधिग्रहण मुआवजे में हुआ है।

### 2. ईओडब्ल्यू/एसीबी रायपुर ने किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है?
ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(सी) और आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 तथा 120बी के तहत केस दर्ज किया है।

### 3. जांच प्रक्रिया में कौन-कौन से चार जिले शामिल हैं?
इस जांच का दायरा बिलासपुर संभाग के चार प्रमुख जिलों बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ तक फैला हुआ है।

### 4. जांच को निष्पक्ष रखने के लिए कौन सी नई रणनीति अपनाई गई है?
जांच में 'क्रॉस-जांच' रणनीति अपनाई गई है, जिसके तहत एक जिले के राजस्व अधिकारी दूसरे जिले की फाइलों और मुआवजा वितरण की पड़ताल करेंगे।

### 5. एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच संबंधी पत्र कब भेजे थे?
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो ने 06 अगस्त और 24 अगस्त 2026 को जांच के संबंध में पत्र भेजे थे।

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