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  "type": "article",
  "title": "छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, उफने तांदुला और गंगरेल बांध, स्कूल बंद",
  "summary": "छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिसके चलते मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।",
  "content": "छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे कई जिलों में बाढ़ का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बस्तर, दंतेवाड़ा, मुंगेली, बालोद, धमतरी, बिलासपुर और रायपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। पड़ोसी राज्य ओडिशा के खातिगुड़ा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण बस्तर जिले में स्थिति अधिक संवेदनशील हो गई है, जहां बकावंड ब्लॉक के कुल 13 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए बस्तर के जिला कलेक्टर ने प्रभावित क्षेत्रों के सभी स्कूलों में तुरंत अवकाश घोषित कर दिया है।\n\nदंतेवाड़ा में यातायात ठप और मुख्य मार्ग बंद\nदक्षिण छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में भी लगातार हो रही बारिश की वजह से सभी नदी और नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। नेलसनार और बांगापाल को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित मुख्य पुल पानी में पूरी तरह डूब गया है। पुल के ऊपर तेज गति से पानी बहने के कारण बीजापुर से जगदलपुर की ओर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए बंद करना पड़ा है। इस मार्ग के अवरुद्ध होने से यात्रियों को अपनी यात्रा पूरी करने में बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।\n\nमुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे राज्य के स्कूल बंद\nपूरे प्रदेश में लगातार बिगड़ते मौसम और भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उनके आदेश के बाद राज्य के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है। सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही प्रशासन की तरफ से अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को घरों के भीतर ही सुरक्षित रखें और जब तक बहुत जरूरी न हो, किसी भी प्रकार की यात्रा करने से पूरी तरह परहेज करें।\n\nमुंगेली और बालोद में जलाशय हुए ओवरफ्लो\nमुंगेली जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जलाशयों का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। क्षेत्र के महत्वपूर्ण मनियारी बांध का वेस्टवियर इस समय अपनी क्षमता से दो फीट ऊपर बह रहा है। दूसरी तरफ, बालोद जिले के सबसे विशाल और मुख्य तांदुला बांध में भी पानी अपनी सीमा लांघकर बाहर बहने लगा है। इस सुंदर और विशालकाय बांध के ओवरफ्लो होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय पर्यटक और आम लोग इस मनोरम दृश्य को देखने के लिए वहां पहुंचने लगे हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।\n\nधमतरी के गंगरेल बांध से पानी की निकासी और अलर्ट\nधमतरी जिले में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गंगरेल बांध से महानदी में भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बांध से लगभग 2 लाख क्यूसेक पानी नदी में बहाया जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाली आबादी पर बाढ़ का खतरा भंडराने लगा है। प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए प्रभावित बस्तियों के लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। बाढ़ के इस गंभीर खतरे को देखते हुए धमतरी जिले के सभी स्कूलों को लगातार दूसरे दिन, यानी 26 सितंबर को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है।\n\nबिलासपुर में बदला मौसम का मिजाज\nबिलासपुर जिले में लगातार हो रही झमाझम बारिश के कारण स्थानीय मौसम में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सितंबर के इस महीने में ही लोगों को नवंबर जैसी कड़ाके की ठंड का अहसास होने लगा है क्योंकि क्षेत्र का तापमान सामान्य से करीब 6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया है। मौसम विभाग भी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और उसने पिछले 24 घंटों के दौरान कुल 7 अलग-अलग अलर्ट जारी किए हैं, जिनमें दो बार जारी किया गया पीला अलर्ट भी शामिल है। पूरे राज्य में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें चौबीसों घंटे मुस्तैद हैं।\n\nइसका आप पर असर\nइस व्यापक जलभराव और भारी बारिश के कारण स्थानीय निवासियों और अंतरराज्यीय यात्रियों को तत्काल व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।\n\n• देशभर में: मध्य भारत से होकर यात्रा करने वाले या छत्तीसगढ़ को ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने वाले यात्रियों को मार्ग परिवर्तन और देरी का सामना करना पड़ सकता है। इन राज्यों के बीच माल ढुलाई और परिवहन सेवाएं कुछ दिनों के लिए बाधित रहने की आशंका है।\n• छत्तीसगढ़ में: बाढ़ प्रभावित जिलों के निवासियों को तुरंत अपने घरों को सुरक्षित करना चाहिए और उफनती नदियों या बांधों के पास जाने से बचना चाहिए। अभिभावकों को स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों पर नजर रखनी चाहिए क्योंकि मौसम के मिजाज को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां आगे भी बढ़ाई जा सकती हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nछत्तीसगढ़ में अचानक आया यह बाढ़ का संकट लगातार हो रही भारी बारिश और पड़ोसी राज्यों से छोड़े गए पानी का मिलाजुला परिणाम है। इन कारणों से राज्य की जल निकासी प्रणाली और प्रमुख जलाशयों पर अचानक दबाव बहुत बढ़ गया है।\n\n• ओडिशा के बांध से पानी की निकासी: ओडिशा के खातिगुड़ा बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बस्तर में बाढ़ के हालात पैदा हुए। इस अचानक आई जलधारा ने बकावंड ब्लॉक के कई प्राथमिक और मिडिल स्कूलों को जलमग्न कर दिया।\n• स्थानीय जलाशयों का ओवरफ्लो होना: दो दिनों की लगातार बारिश से मनियारी और तांदुला जैसे प्रमुख स्थानीय बांध अपनी पूरी क्षमता तक भर गए। इसके बाद प्रशासन को विवश होकर गंगरेल बांध से महानदी में करीब 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया।\n• तापमान में भारी गिरावट: बारिश के इस लंबे दौर के साथ ही बिलासपुर जैसे क्षेत्रों में तापमान में 6 डिग्री तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मौसम के इस असामान्य बदलाव के कारण मौसम विभाग को 24 घंटे के भीतर 7 अलग-अलग अलर्ट जारी करने पड़े।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बस्तर में स्कूलों को क्यों बंद किया गया है?\nओडिशा के खातिगुड़ा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण बस्तर में बाढ़ आ गई और बकावंड ब्लॉक के 13 स्कूल पानी में डूब गए, जिसके बाद इन्हें बंद कर दिया गया।\n\n2. बीजापुर-जगदलपुर मार्ग पर यातायात क्यों बंद किया गया है?\nदंतेवाड़ा में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और नेलसनार-बांगापाल मार्ग पर स्थित पुल पानी में डूब गया है, जिससे यातायात रोक दिया गया है।\n\n3. गंगरेल बांध से कितना पानी छोड़ा जा रहा है?\nभारी बारिश के कारण गंगरेल बांध से महानदी में करीब 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।\n\n4. बिलासपुर में तापमान में क्या बदलाव देखा गया है?\nबिलासपुर में तापमान में लगभग 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सितंबर के महीने में ही नवंबर जैसी ठंड का अहसास हो रहा है।\n\n5. मुंगेली और बालोद जिलों में कौन से बांध ओवरफ्लो हो रहे हैं?\nमुंगेली जिले में मनियारी बांध का वेस्टवियर दो फीट ऊपर तक बह रहा है, जबकि बालोद का सबसे बड़ा जलाशय तांदुला बांध भी ओवरफ्लो हो गया है।",
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  "category": "छत्तीसगढ़",
  "publishedAt": "2026-09-26",
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    "छत्तीसगढ़ बाढ़",
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