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  "title": "छत्तीसगढ़ में बीजेपी के साथ गठबंधन पर रामदास आठवले का बड़ा बयान, 4 से 5 सीटों को लेकर रखी अपनी बात",
  "summary": "केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं जहां उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के विस्तार और बीजेपी के साथ संभावित गठबंधन को लेकर बयान दिया है।",
  "content": "केंद्रीय राज्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य रामदास आठवले इन दिनों छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं और इस दौरान वह अपनी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के लिए नई जमीन तैयार करने में जुटे हुए हैं। बिलासपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने अपनी पार्टी की गतिविधियों और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर उनकी पार्टी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने में सफल होती है, तो आगामी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ चार से पांच सीटों पर गठबंधन को लेकर गंभीरता से विचार किया जा सकता है।\n\nछत्तीसगढ़ में पार्टी के विस्तार पर जोर\nबिलासपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान रामदास आठवले ने स्वीकार किया कि उनकी पार्टी ने राज्य में काफी पहले प्रवेश किया था, लेकिन जिस रफ्तार से संगठन का विस्तार होना चाहिए था, वैसा अब तक नहीं हो पाया है। उन्होंने संकल्प जताया कि राज्य के दलित और ओबीसी समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाया जाएगा और पार्टी को एक मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित किया जाएगा। उनका मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित तबकों को जोड़कर रिपब्लिकन पार्टी को भविष्य में एक बड़े राजनीतिक दल के रूप में खड़ा करना है।\n\nएनडीए गठबंधन और सीटों को लेकर संभावना\nबीजेपी के साथ गठबंधन के सवाल पर रामदास आठवले ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी पहले से ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है। उन्होंने महाराष्ट्र के अलावा बिहार और उत्तर प्रदेश समेत पूर्वोत्तर राज्यों से भी एनडीए के सहयोगियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ में उनकी पार्टी का जनाधार बढ़ता है, तो वह बीजेपी से आगामी चुनावों में कुछ सीटें छोड़ने का आग्रह करेंगे। यदि पार्टी यहां मजबूत स्थिति में आती है और बीजेपी उन्हें चार से पांच सीटें देती है, तो इस पर सकारात्मक रूप से सोचा जा सकता है।\n\nराहुल गांधी पर तीखा हमला\nकांग्रेस नेता राहुल गांधी की नीतियों और बयानों पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह अक्सर भ्रामक और असत्य बातें जनता के सामने रखते हैं। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों को सलाह दी है कि ऐसे बयानों पर ध्यान न दिया जाए। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार देश के हर नागरिक के कल्याण के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है और युवाओं, महिलाओं तथा किसानों को उनका हक और न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता केवल जनता से झूठे वादे करने की कोशिश में लगे रहते हैं।\n\nआरक्षण के मुद्दे पर बेबाक राय\nदेश में आरक्षण के विषय पर बात करते हुए रामदास आठवले ने इसके ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने याद दिलाया कि जब देश का संविधान तैयार हो रहा था, तब बाबा साहेब अंबेडकर ने सामाजिक न्याय और देश को मजबूत बनाने के लिए आरक्षण का प्रावधान किया था। उस समय भी कुछ लोगों ने इसका विरोध किया था, लेकिन बाबा साहेब ने स्पष्ट किया था कि राष्ट्र को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए समाज के पिछड़े वर्गों को आरक्षण देना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण का लाभ किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के जरूरतमंदों को मिलता है, इसलिए इसका विरोध करना पूरी तरह अनुचित है।\n\nइसका आप पर असर\nयह राजनीतिक घटनाक्रम छत्तीसगढ़ के आगामी चुनावी समीकरणों और स्थानीय दलों की रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।\n\n• भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए के भीतर छोटे सहयोगियों की सौदेबाजी की क्षमता और सीटों के तालमेल पर चर्चा तेज हो सकती है।\n• छत्तीसगढ़ में: राज्य के राजनीतिक गलियारों में दलित और ओबीसी मतदाताओं को रिझाने के लिए क्षेत्रीय दलों की गतिविधियां और बयानबाजी बढ़ सकती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह राजनीतिक बयान और दौरा छत्तीसगढ़ में पार्टी के आधार को मजबूत करने और राष्ट्रीय गठबंधन के भीतर अपनी सौदेबाजी की क्षमता बढ़ाने की रणनीति के तहत सामने आया है।\n\n• संगठन का विस्तार: पार्टी लंबे समय से छत्तीसगढ़ में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अपेक्षित सफलता न मिलने के कारण अब नए सिरे से रणनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं।\n• गठबंधन की राजनीति: एनडीए के घटक के रूप में पार्टी अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर भविष्य के चुनावों में सीटों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करना चाहती है।\n• वैचारिक मुद्दे: आरक्षण और विपक्षी बयानों जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर पार्टी मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बनाने का प्रयास कर रही है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. रामदास आठवले इस समय किस राज्य के दौरे पर हैं?\nरामदास आठवले इस समय छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं।\n\n2. रामदास आठवले किस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रमुख नेता हैं?\nवह रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नेता हैं।\n\n3. उन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन को लेकर कितनी सीटों की बात कही है?\nउन्होंने आगामी चुनावों में बीजेपी के साथ 4 से 5 सीटों पर गठबंधन की संभावना जताई है।\n\n4. रामदास आठवले ने छत्तीसगढ़ के किस शहर का दौरा किया है?\nउन्होंने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर का दौरा किया है।\n\n5. आरक्षण को लेकर रामदास आठवले का क्या रुख है?\nउन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने और मजबूत करने के लिए बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा लाया गया आरक्षण बेहद जरूरी है और इसका विरोध करना ठीक नहीं है।",
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  "category": "छत्तीसगढ़",
  "publishedAt": "2026-09-09",
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