# छत्तीसगढ़ में प्रीमियम शराब की दुकानों पर 1 अक्टूबर 2026 से कैश बंद, केवल डिजिटल पेमेंट से होगी बिक्री

> छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग ने प्रीमियम शराब दुकानों के लिए नया नियम जारी किया है, जिसके तहत अगले साल अक्टूबर से केवल ऑनलाइन भुगतान स्वीकार किया जाएगा।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-09-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/chhattisgarh-men-primiyama-sharaba-ki-dukanon-para-1-aktubara-2026-se-kaisha-bnda-kevala-dijitala-pementa-se-hogi-bikri-32267 · **Language:** Hindi
**Tags:** छत्तीसगढ़ समाचार, आबकारी विभाग, डिजिटल पेमेंट, रायपुर न्यूज़, कैशलेस छत्तीसगढ़, शराब दुकान नियम

छत्तीसगढ़ में प्रीमियम शराब खरीदने वाले ग्राहकों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य के आबकारी विभाग ने प्रीमियम शराब दुकानों में पैसों के लेन-देन की व्यवस्था को लेकर एक नया और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है। इस नए आदेश के तहत, प्रीमियम दुकानों पर अब नकदी यानी कैश के जरिए शराब खरीदने की सुविधा को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। ग्राहकों को अपनी खरीदारी के लिए केवल ऑनलाइन भुगतान माध्यमों का ही सहारा लेना होगा।

## 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी नई व्यवस्था
आबकारी विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के मुताबिक, प्रीमियम शराब दुकानों पर 1 अक्टूबर 2026 से किसी भी तरह का नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके बाद ग्राहकों के पास केवल डिजिटल माध्यम से ही भुगतान करने का विकल्प उपलब्ध रहेगा। ग्राहक अपनी पसंद की शराब खरीदने के लिए UPI, डेबिट कार्ड या काउंटर पर उपलब्ध अन्य डिजिटल पेमेंट विकल्पों का उपयोग कर सकेंगे।

विभाग ने आम जनता और नियमित ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस नए नियम को अपनाने के लिए पर्याप्त समय भी दिया है। लोग 30 सितंबर 2026 तक इन प्रीमियम दुकानों पर पहले की तरह नकद राशि देकर भी खरीदारी कर सकेंगे। इस निर्धारित अवधि के समाप्त होने के बाद, यानी 1 अक्टूबर से इस पूरी तरह कैशलेस व्यवस्था को राज्य की सभी प्रीमियम शराब दुकानों में कड़ाई से लागू कर दिया जाएगा।

## ओवररेटिंग पर लगाम कसने के लिए उठाया गया कदम
प्रशासन का यह बड़ा फैसला शराब की बिक्री में होने वाली ओवररेटिंग, यानी तय कीमत से अधिक पैसे वसूले जाने की शिकायतों को दूर करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डिजिटल माध्यम से भुगतान होने की वजह से हर एक लेन-देन का रिकॉर्ड पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित रहेगा। इससे विभाग के लिए यह निगरानी रखना काफी आसान हो जाएगा कि कोई भी दुकान संचालक ग्राहकों से तयशुदा सरकारी कीमत से ज्यादा पैसे न वसूल सके।

रायपुर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में संचालित होने वाली इन प्रीमियम दुकानों में इस डिजिटल बदलाव से ग्राहकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। लिखित और डिजिटल रिकॉर्ड होने के कारण अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों पर भी पूरी तरह से लगाम लगाई जा सकेगी। आबकारी विभाग का मुख्य लक्ष्य इस पूरी प्रक्रिया को ज्यादा जवाबदेह और सुरक्षित बनाना है।

## दुकानों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारियां शुरू
इस आदेश के जारी होने के बाद अब संबंधित प्रीमियम शराब दुकानों में डिजिटल पेमेंट से जुड़े जरूरी उपकरणों और तकनीकी सुविधाओं को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत दुकानों में आवश्यक POS मशीनें, QR कोड स्कैनर और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। विभाग का मुख्य प्रयास यह है कि 1 अक्टूबर से जब यह नियम जमीनी स्तर पर लागू हो, तो ग्राहकों को किसी भी प्रकार की तकनीकी परेशानी या भुगतान में देरी का सामना न करना पड़े। जिन लोगों को अब तक केवल कैश में भुगतान करने की आदत रही है, उन्हें इस अवधि के भीतर ऑनलाइन पेमेंट का उपयोग शुरू करने की सलाह दी गई है।

## इसका आप पर असर
प्रीमियम शराब दुकानों पर अनिवार्य डिजिटल भुगतान लागू होने से नकद लेन-देन पूरी तरह बंद हो जाएगा और उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

- **भारत में:** यह नीति देश भर में सरकारी और विनियमित खुदरा क्षेत्रों को पूरी तरह से कैशलेस बनाने की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाती है। यह अन्य राज्यों के आबकारी विभागों के लिए भी टैक्स चोरी और खुदरा भ्रष्टाचार को रोकने के लिए डिजिटल-ओनली मॉडल अपनाने का एक उदाहरण पेश करती है।
- **छत्तीसगढ़ में:** छत्तीसगढ़ में प्रीमियम शराब खरीदने वाले ग्राहकों को 1 अक्टूबर 2026 से पहले UPI या डेबिट कार्ड जैसे ऑनलाइन भुगतान माध्यमों को अपनाना होगा। इस बदलाव के बाद वे दुकानों पर नकदी के लेन-देन में होने वाली अवैध ओवररेटिंग या अधिक वसूली से बच सकेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
यह निर्णय शराब की नकद बिक्री में लगातार मिल रही ओवररेटिंग की शिकायतों और पारदर्शिता की कमी को दूर करने के लिए लिया गया है।

- **ओवरप्राइजिंग पर नियंत्रण:** नकद लेन-देन के कारण दुकान संचालक ग्राहकों से तय कीमत से अधिक पैसे वसूल लेते थे और इसका कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं बचता था। डिजिटल भुगतान प्रणाली इस समस्या को खत्म करेगी क्योंकि हर लेन-देन का तुरंत और सटीक इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड दर्ज होगा।
- **आबकारी विभाग की निगरानी:** विभाग के लिए राज्य भर की दुकानों में होने वाले नकद लेन-देन पर बारीकी से नजर रखना बेहद मुश्किल काम था। डिजिटल पेमेंट लागू होने से सारा डेटा एक जगह उपलब्ध रहेगा, जिससे ऑडिट करना और गड़बड़ियों को पकड़ना आसान हो जाएगा।
- **वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा:** भुगतान को UPI और कार्ड तक सीमित करने से नकद रखरखाव के जोखिम और खुदरा स्तर पर होने वाली वित्तीय गड़बड़ियां कम होंगी। यह कदम राज्य के खुदरा परिचालन को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की प्रशासनिक कोशिशों का हिस्सा है।

## सवाल-जवाब

### 1. छत्तीसगढ़ में प्रीमियम शराब दुकानों पर कैश पेमेंट कब से बंद हो रहा है?
प्रीमियम शराब दुकानों पर 1 अक्टूबर 2026 से नकद भुगतान (कैश पेमेंट) पूरी तरह से बंद हो जाएगा।

### 2. क्या ग्राहक 30 सितंबर 2026 तक नकद भुगतान कर सकते हैं?
हां, ग्राहक 30 सितंबर 2026 तक प्रीमियम शराब दुकानों में नकद भुगतान करके खरीदारी कर सकते हैं।

### 3. कैशलेस व्यवस्था लागू होने के बाद भुगतान के कौन से माध्यम स्वीकार किए जाएंगे?
ग्राहक भुगतान के लिए UPI, डेबिट कार्ड और काउंटर पर उपलब्ध अन्य डिजिटल पेमेंट माध्यमों का उपयोग कर सकेंगे।

### 4. आबकारी विभाग ने इस नई व्यवस्था को लागू करने का निर्णय क्यों लिया है?
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य शराब की बिक्री में होने वाली ओवररेटिंग (तय दाम से अधिक वसूली) को रोकना और लेन-देन को अधिक पारदर्शी बनाना है।

### 5. क्या यह नियम छत्तीसगढ़ की सभी शराब दुकानों पर लागू होगा?
यह नया कैशलेस नियम विशेष रूप से राज्य की प्रीमियम शराब दुकानों पर लागू किया जा रहा है।

### 6. दुकानों में इस बदलाव के लिए क्या तैयारियां की जा रही हैं?
संबंधित दुकानों में डिजिटल पेमेंट को सुगम बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी बुनियादी ढांचा, जैसे POS मशीनें और QR कोड स्थापित किए जा रहे हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._