छत्तीसगढ़ में स्मृति ईरानी की नई संगठनात्मक जिम्मेदारी पर पोस्टर युद्ध, भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने छत्तीसगढ़ भाजपा का नया प्रभारी बनते ही स्मृति ईरानी को लेकर राज्य में सियासी टकराव शुरू हो गया है, जहां दोनों दलों ने पोस्टरों के जरिए एक-दूसरे पर तीखे हमले किए हैं। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में संगठनात्मक बदलाव के साथ ही जुबानी जंग और सोशल मीडिया पर टकराव काफी तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के संगठन में हुए इस बड़े फेरबदल के तहत भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने स्मृति ईरानी को राज्य का नया प्रभारी घोषित किया है। इस संगठनात्मक ढांचे को मजबूती देने के उद्देश्य से सिद्धार्थ शम्भू को प्रदेश का सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। जिम्मेदारी संभालते ही सियासी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया और दोनों प्रमुख दलों के बीच तीखी खींचतान देखने को मिली। बीजेपी के पोस्टर में राहुल गांधी पर तंज संगठन में नई जिम्मेदारी तय होने के तुरंत बाद छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी की तरफ से एक ग्राफिक पोस्टर जारी किया गया। इस विवादित पोस्टर में स्मृति ईरानी को राहुल गांधी पर फ्लाइंग किक मारते हुए दर्शाया गया। पार्टी ने अपने आधिकारिक संदेश में लिखा कि छत्तीसगढ़ में स्मृति जी का नाम सुनकर चमचे डरे हुए हैं। इस व्यंग्यात्मक चित्रण और शब्दों के इस्तेमाल के बाद राज्य भर में सियासी गरमाहट आ गई और विपक्षी दल ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। कांग्रेस का शक्कर और महंगाई पर जवाबी वार विपक्षी दल ने इस हमले को लेकर देर नहीं की और पलटवार के लिए अपना अलग पोस्टर सोशल मीडिया पर सामने रख दिया। कांग्रेस पार्टी ने एक्स पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि वे तो कहते हैं कि छत्तीसगढ़ के भाजपा वालों को ही 13 रुपये किलो वाली शक्कर दे दी जाए, ताकि कम से कम बेचारे चाय बनाकर पी सकें। इस तंज के जरिए विपक्षी दल ने सत्ताधारी दल के पुराने बयानों और चुनावी वादों को निशाने पर लिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया फैसले का स्वागत संगठन के इस महत्वपूर्ण फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेहद सकारात्मक रुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह राज्य संगठन के लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि स्मृति ईरानी प्रदेश की संगठन प्रभारी बनाई गई हैं। उन्होंने इस नई जिम्मेदारी पर उनका खुले दिल से स्वागत किया और भरोसा जताया कि उनके आने से पार्टी का ढांचा और अधिक सक्रिय होगा। विपक्ष का दावा और पुराने विरोध प्रदर्शनों की याद दूसरी तरफ कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने इस नियुक्ति को लेकर सत्ता पक्ष पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संगठन में कोई भी नया प्रभारी आ जाए, इससे जमीनी स्थिति पर कोई अंतर नहीं पड़ने वाला है। विकास उपाध्याय ने पुरानी बातों का उल्लेख करते हुए याद दिलाया कि जब देश में महंगाई बढ़ी थी, तब यही स्मृति ईरानी प्याज की माला पहनकर प्रदर्शन करती घूम रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश की आम जनता भाजपा नेताओं को खोज रही है क्योंकि महंगाई सिर चढ़कर बोल रही है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि सत्ता पक्ष के भीतर अंतर्कलह काफी बढ़ चुकी है और कोई भी प्रभारी बन जाए, उसका कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि आगामी चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। इसका आप पर असर यह राजनीतिक टकराव चुनावी रणनीति और जनहित से जुड़े मुद्दों पर दोनों दलों के रुख को दिखाता है। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख नेताओं के राज्यों में सीधे जुडऩे से चुनावी मुकाबला अधिक आक्रामक रूप ले सकता है। इसके चलते राष्ट्रीय स्तर के विमर्श में राज्य के स्थानीय मुद्दे और महंगाई जैसे सवाल प्रमुखता से उठेंगे। • छत्तीसगढ़ में: राज्य की जनता के लिए यह स्पष्ट संकेत है कि दोनों दल आने वाले चुनावों की तैयारी में आक्रामक प्रचार की राह पर हैं। इससे आने वाले दिनों में सार्वजनिक मुद्दों पर सियासी तीखापन और रैलियों की संख्या बढ़ेगी। • प्रशासनिक स्तर पर: सत्ताधारी दल के संगठन में फेरबदल से सरकार और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय में तेजी आ सकती है। इससे शासकीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार में कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ने की संभावना है। • मतदाताओं के लिए: दोनों दलों द्वारा उठाए गए आर्थिक मुद्दों से मतदाता महंगाई और बुनियादी राहत के वादों को लेकर सीधे सवाल कर सकेंगे। इससे आगामी राजनीतिक मंचों पर स्थानीय जनसमस्याएं चर्चा के केंद्र में रहेंगी। ऐसा क्यों हुआ यह पूरा विवाद राज्य में संगठन के शीर्ष स्तर पर हुए नए बदलाव और उसके बाद दोनों दलों द्वारा जारी किए गए व्यंग्यात्मक प्रचार पोस्टरों की वजह से शुरू हुआ। • संगठनात्मक फेरबदल: भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का नया प्रभारी और सिद्धार्थ शम्भू को सह प्रभारी बनाने से राज्य का राजनीतिक संतुलन चर्चा में आ गया। इस निर्णय के तुरंत बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया टीमों ने सक्रियता बढ़ा दी। • विवादित पोस्टर का प्रकाशन: भाजपा की ओर से स्मृति ईरानी द्वारा राहुल गांधी को किक मारते हुए एक पोस्टर जारी किया गया, जिसमें विरोधी खेमे पर तंज कसा गया था। इस ग्राफिक और शब्दावली ने विपक्षी दल को तुरंत भड़का दिया। • आर्थिक मुद्दों पर जवाबी कार्रवाई: कांग्रेस ने 13 रुपये किलो चीनी और पुराने प्याज के विरोध प्रदर्शन का हवाला देकर महंगाई के मुद्दे पर सत्ता पक्ष को घेरते हुए तीखा पलटवार किया। इससे मामला केवल पदभार तक सीमित न रहकर आमने-सामने के प्रचार युद्ध में बदल गया। सवाल-जवाब 1. छत्तीसगढ़ भाजपा का नया प्रभारी किसे नियुक्त किया गया है? भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ भाजपा का नया प्रभारी बनाया है। 2. राज्य में सह प्रभारी की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई है? सिद्धार्थ शम्भू को छत्तीसगढ़ भाजपा का सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। 3. बीजेपी के नए पोस्टर पर क्या विवाद हुआ? बीजेपी के पोस्टर में स्मृति ईरानी को राहुल गांधी को किक मारते हुए दिखाया गया, जिसके साथ व्यंग्यात्मक टिप्पणी लिखी गई थी। 4. कांग्रेस ने इस पोस्टर के जवाब में क्या कहा? कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर 13 रुपये किलो वाली शक्कर का तंज कसते हुए भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। 5. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस नियुक्ति पर क्या प्रतिक्रिया दी? मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नियुक्ति का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के लिए सौभाग्य का विषय बताया। 6. कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने क्या आरोप लगाए? विकास उपाध्याय ने कहा कि बढ़ते दामों के दौर में स्मृति ईरानी प्याज की माला पहनकर घूमती थीं और अब बढ़ती महंगाई व अंतर्कलह के बीच जनता नेताओं को ढूंढ रही है। https://trendkia.com/chhattisgarh/chhattisgarh-men-smriti-irani-ki-nai-sngathanatmaka-jimmedari-para-postara-yuddha-bjp-aura-congress-amane-samane-37328 TrendKia — Har trend, sabse pehle.