छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, राज्य अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की राह पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में कहा कि राज्य नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है और नवा रायपुर में 5 लाख पीपल के पेड़ लगाए जाएंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान राज्योत्सव के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। मंच से जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने पूरे प्रदेश के नागरिकों और विशेष रूप से आदिवासी समाज को राज्योत्सव की बधाई दी। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य निर्माण की पृष्ठभूमि को याद करते हुए कहा कि जब छत्तीसगढ़ का गठन हुआ, तब यह स्पष्ट था कि वहां कांग्रेस की सरकार बनेगी। इसके बावजूद राजनीतिक नफा-नुकसान की चिंता किए बिना राज्य का निर्माण किया गया, जिसके लिए उन्होंने मंच और छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से अटल बिहारी बाजपेयी का आभार व्यक्त किया। नक्सल समस्या का अंत और प्रगति का संकल्प समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकलकर तेज गति से विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने दोहराया कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण ही उनका प्रमुख संकल्प है। उन्होंने सवाल उठाया कि नक्सलवाद समाप्त हो चुका है, तो अब इस मुद्दे पर आवाज धीमी क्यों पड़ गई है? केंद्र की पिछली कांग्रेस सरकार पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में नक्सल समस्या को मिटाने के गंभीर प्रयास नहीं किए गए। वर्तमान व्यवस्था ने नक्सल उन्मूलन का जो दृढ़ संकल्प लिया था, उसे जमीन पर पूरा करके दिखाया है। हिंसा का दौर और मानवाधिकार पर सवाल नक्सली हिंसा के पुराने दौर की चर्चा करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि जिन बच्चों के हाथों में शिक्षा के लिए कलम होनी चाहिए थी, उन्हें अगवा करके जबरन बंदूकें थमा दी गईं। इसके अलावा क्षेत्र में विकास और तरक्की का रास्ता तैयार करने वाले कई निर्दोष लोगों को उनके परिजनों के सामने जिंदा जला दिया गया। उन्होंने मानवाधिकार की वकालत करने वालों से सीधा सवाल किया कि क्या हथियार उठाकर निर्दोषों की जान लेने वालों के लिए भी मानवाधिकार की दुहाई दी जानी चाहिए? सांस्कृतिक पहचान, खेल और नवा रायपुर में हरित पहल अमित शाह ने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ में पूर्व में रमन सिंह के नेतृत्व में पूरे 15 साल तक विकास कार्यों को गति दी गई थी। आयोजन के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियों को सम्मानित भी किया गया। स्थानीय लोकसंस्कृति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की समृद्ध विरासत को सहेजने के लिए बस्तर पंडूम का आयोजन किया जाता है। विष्णुदेव साय की सरकार ने बस्तर दशहरा की अनूठी परंपरा को एक नई और भव्य पहचान दी है। इसके साथ ही बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडूम के आयोजनों के माध्यम से स्थानीय युवाओं ने अपनी पारंपरिक संस्कृति को फिर से जीवंत करने का काम किया है। पर्यावरण संरक्षण की योजना साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वित्त मंत्री को यह विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है कि केवल नवा रायपुर क्षेत्र में ही 5 लाख पीपल के पेड़ लगाए जाएं। इसका आप पर असर इस संबोधन और घोषणाओं से छत्तीसगढ़ के स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा। • छत्तीसगढ़ में: राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हिंसा घटने से विकास और ढांचागत परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे दूरदराज के आदिवासी इलाकों में सरकारी योजनाओं, शिक्षा और आवागमन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। • नवा रायपुर के निवासियों के लिए: नवा रायपुर में 5 लाख पीपल के पौधे रोपने की योजना से क्षेत्र का हरित आवरण और वायु गुणवत्ता बेहतर होगी। स्थानीय प्रशासन पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा। • संस्कृति और युवा वर्ग: बस्तर पंडूम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से स्थानीय कला, खेल और पारंपरिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा। इससे बस्तर क्षेत्र के युवाओं को मुख्यधारा में अवसर और मंच प्राप्त होगा। • राष्ट्रीय सुरक्षा परिप्रेक्ष्य: नक्सलवाद के खात्मे के संकल्प से सीमावर्ती राज्यों के साथ समन्वय और आंतरिक सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा। सुरक्षा बलों के अभियानों में स्थिरता आने से पूरे मध्य भारत में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधरेगी। ऐसा क्यों हुआ छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के 24वें स्थापना वर्ष के समापन के अवसर पर सुरक्षा, विकास और स्थानीय विरासत की प्रगति की समीक्षा के लिए यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। • राज्योत्सव का समापन: राज्य स्थापना के उपलक्ष्य में आयोजित बहु-दिवसीय राज्योत्सव समारोह के औपचारिक समापन पर केंद्रीय गृहमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उन्होंने राज्य के 24 वर्षों के सफर और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के योगदान को याद किया। • नक्सल विरोधी रणनीति: केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के चलते आंतरिक सुरक्षा की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। इसी पृष्ठभूमि में गृहमंत्री ने पूर्ववर्ती नीतियों की तुलना में वर्तमान सुरक्षा प्रयासों को रेखांकित किया। • सांस्कृतिक व पर्यावरणीय पुनरुत्थान: बस्तर क्षेत्र के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने और पर्यावरण संतुलन के लिए नई पहलों को राज्य स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में स्थानीय उत्सवों को बढ़ावा देने और नवा रायपुर में बड़े पैमाने पर पौधारोपण का लक्ष्य तय किया गया। सवाल-जवाब 1. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ दौरे पर किस कार्यक्रम में शामिल हुए? अमित शाह छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। 2. गृहमंत्री ने छत्तीसगढ़ के गठन के संदर्भ में किसे धन्यवाद दिया? उन्होंने राज्य निर्माण के लिए मंच और राज्य की जनता की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को धन्यवाद दिया। 3. नक्सलवाद और विकास को लेकर अमित शाह ने क्या कहा? उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की ओर आगे बढ़ रहा है और विकसित छत्तीसगढ़ बनाना उनका मुख्य संकल्प है। 4. नवा रायपुर के लिए पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी क्या घोषणा की गई? अमित शाह ने बताया कि वित्त मंत्री को नवा रायपुर में अकेले 5 लाख पीपल के पेड़ लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। 5. राज्य की लोकसंस्कृति को बढ़ावा देने के लिए किन आयोजनों का उल्लेख किया गया? उन्होंने बस्तर पंडूम, बस्तर ओलंपिक और बस्तर दशहरा जैसी परंपराओं का उल्लेख किया, जिससे युवाओं ने अपनी संस्कृति को पुनर्जीवित किया है। https://trendkia.com/chhattisgarh/chhattisgarh-rajyotsava-ke-samapana-para-kendriya-grihamntri-amit-shah-ne-kaha-rajya-aba-naksalavada-se-mukta-hokara-vikasa-ki-rah-55968 TrendKia — Har trend, sabse pehle.