छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: आबकारी अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव निलंबित, जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में आबकारी विभाग के अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। ईओडब्ल्यू और एसीबी की रिपोर्ट के आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई है। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में अब राज्य सरकार ने आबकारी विभाग के अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को निलंबित करने का बड़ा कदम उठाया है। भ्रष्टाचार के इस बहुचर्चित मामले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू और एसीबी यानी एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से सौंपी गई रिपोर्ट के बाद सरकार ने यह सख्त निर्णय लिया है। अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद एक्शन यह पूरा प्रशासनिक एक्शन रायपुर की विशेष अदालत में हाल ही में पेश की गई पूरक चार्जशीट से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू और एसीबी ने इस मामले में 14 अक्टूबर 2026 को अदालत के समक्ष पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था। इस चार्जशीट के सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल और तेज हो गई है। प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई भूमिका जांच एजेंसियों को अपनी गहन छानबीन के दौरान आबकारी अधिकारी आशीष श्रीवास्तव की संलिप्तता प्रथम दृष्टया काफी संदिग्ध मिली थी। जैसे ही उनकी यह संदिग्ध भूमिका खुलकर सामने आई, आबकारी विभाग ने शनिवार को उनके निलंबन का आदेश औपचारिक तौर पर जारी कर दिया। आधिकारिक आदेश के मुताबिक उनका यह निलंबन 14 अक्टूबर 2026 की तारीख से ही प्रभावी माना जाएगा। प्रशासनिक अमले में मचा हड़कंप छत्तीसगढ़ में सामने आए करोड़ों रुपये के इस विशाल शराब घोटाले ने प्रदेश की राजनीति के साथ-साथ प्रशासनिक महकमे में भी भारी खलबली मचा रखी है। शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों पर हो रही इस तरह की ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई से यह साफ संकेत मिल रहा है कि जांच एजेंसियां इस घोटाले के हर छोटे और बड़े किरदार तक अपनी पहुंच बना रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े चेहरों पर भी कानून का शिकंजा कस सकता है। इसका आप पर असर छत्तीसगढ़ के इस बहुचर्चित प्रशासनिक मामले से राज्य के भीतर सरकारी कामकाज, पारदर्शिता और नीतिगत फैसलों पर गहरा असर पड़ रहा है। • छत्तीसगढ़ में: राज्य के प्रशासनिक और आबकारी महकमे में अधिकारियों पर सख्ती बढ़ गई है, जिससे सरकारी कामकाज में जवाबदेही तय होने की उम्मीद है। आम नागरिकों के बीच सरकारी भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक संदेश स्पष्ट हुआ है। • आम जनता पर: इस प्रकार के उच्च स्तरीय भ्रष्टाचार मामलों की जांच तेज होने से सरकारी तंत्र में सुधार की उम्मीद जगती है, हालांकि शुरुआती दौर में प्रशासनिक सुस्ती या फेरबदल देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में विभाग के भीतर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए नए दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ आबकारी अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई ईओडब्ल्यू और एसीबी की विस्तृत जांच के आधार पर की गई है। जांच एजेंसियों को छानबीन के दौरान उनकी संलिप्तता प्रथम दृष्टया संदिग्ध लगी थी। • जांच रिपोर्ट का आधार: ईओडब्ल्यू और एसीबी ने 14 अक्टूबर 2026 को रायपुर की विशेष अदालत में पूरक चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद यह प्रशासनिक कदम उठाया गया। • प्रथम दृष्टया संलिप्तता: जांच के दौरान एजेंसियों को कुछ ऐसे साक्ष्य मिले जिनसे अधिकारी की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हुई, जिसके आधार पर आबकारी विभाग ने निलंबन का औपचारिक आदेश जारी किया। सवाल-जवाब 1. छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में किसे निलंबित किया गया है? आबकारी विभाग के अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। 2. यह निलंबन किस एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर हुआ है? यह कार्रवाई ईओडब्ल्यू और एंटी करप्शन ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। 3. पूरक चार्जशीट किस अदालत में पेश की गई थी? पूरक चार्जशीट रायपुर की विशेष अदालत में पेश की गई थी। 4. चार्जशीट कब दाखिल की गई थी? ईओडब्ल्यू-एसीबी ने 14 अक्टूबर 2026 को अदालत में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था। 5. निलंबन की प्रभावी तिथि क्या है? आशीष श्रीवास्तव का निलंबन 14 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा। https://trendkia.com/chhattisgarh/chhattisgarh-sharab-ghotala-aabkari-apar-aayukt-ashish-srivastava-nilambit-48807 TrendKia — Har trend, sabse pehle.