गन्ने की फसल पर मंडरा रहा ब्लैक फ्लाई और पायरिला का खतरा, पत्तियां पीली होने पर तुरंत अपनाएं ये उपाय गन्ने की पत्तियों से रस चूसने वाले ब्लैक फ्लाई और पायरिला कीट फसल की बढ़वार रोक रहे हैं, जिससे बचाव के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने सही पहचान और संतुलित कीटनाशक छिड़काव की सलाह दी है। गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए खेतों में कीटों की समय पर पहचान करना बेहद जरूरी हो गया है। गन्ने की हरी पत्तियों पर दिखने वाले काले धब्बे और किनारों का पीला पड़ना किसी सामान्य मौसमी बदलाव का संकेत नहीं, बल्कि रस चूसक कीटों के हमले की निशानी है। डॉ. साहू के अनुसार, जब फसल पर ब्लैक फ्लाई का हमला होता है, तो पत्तियों की सतह पर काले रंग के धब्बे उभर आते हैं। यह कीट पत्तियों के भीतर मौजूद जरूरी रस को चूस लेता है, जिससे पत्तियों के किनारे धीरे-धीरे पीले पड़ने लगते हैं। यदि इस पर तुरंत ध्यान न दिया जाए, तो संक्रमण बढ़ने पर पूरी पत्तियां सूखने की कगार पर पहुंच जाती हैं और गन्ने के पौधों का प्राकृतिक विकास पूरी तरह थम सकता है। चींटी समझने की भूल न करें किसान कृषि विज्ञान केंद्र की टीम द्वारा खेतों के निरीक्षण के दौरान एक चिंताजनक बात सामने आई है। कई किसान इस छोटे हानिकारक कीट को देखकर साधारण चींटी मान लेते हैं और इसके प्रबंधन में लापरवाही बरतते हैं। वैज्ञानिकों ने इस भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि सामान्य चींटी आकार में अपेक्षाकृत बड़ी और गहरे काले रंग की होती है। इसके विपरीत, गन्ने को नुकसान पहुंचाने वाला यह कीट हल्के भूरे रंग का होता है, आकार में काफी छोटा होता है और पौधों पर बहुत फुर्ती से दौड़ता है। दोनों के बीच इस सूक्ष्म अंतर को पहचानकर ही किसान सही समय पर उचित सुरक्षा उपाय कर सकते हैं। पायरिला और जैविक नियंत्रण का महत्व ब्लैक फ्लाई के अलावा खेतों में पायरिला कीट का असर भी नजर आ रहा है। पायरिला से निपटने को लेकर वैज्ञानिकों ने किसानों को एक महत्वपूर्ण जैविक सलाह दी है। कई बार पायरिला से प्रभावित हिस्सों पर सफेद रंग की फफूंद जैसी जालीदार संरचना दिखाई देती है, जिसे किसान बीमारी समझकर नष्ट करने लगते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सफेद फंगस जैसी जाली को बिल्कुल न हटाएं, क्योंकि यह फसल के लिए प्राकृतिक जैविक नियंत्रण का काम करती है और कीटों की संख्या घटाने में मदद पहुंचाती है। इसके साथ ही खेत में मौजूद प्राकृतिक मित्र कीटों की सुरक्षा और उनका संरक्षण करना भी पर्यावरण के अनुकूल खेती के लिए आवश्यक है। छिड़काव की सही तकनीक और अनुशंसित दवाएं रस चूसक कीटों की रोकथाम के लिए डॉ. साहू ने थायोमेथॉक्साम आधारित कीटनाशक के प्रयोग का सुझाव दिया है। इस कीटनाशक को एक ग्राम प्रति लीटर पानी के अनुपात में घोल बनाकर फसलों पर अच्छी तरह छिड़कना चाहिए। जब गन्ने की फसल काफी बड़ी और घनी हो जाती है, तो पारंपरिक पंप से दवा पहुंचाना कठिन होता है। ऐसी स्थिति में किसान आधुनिक पावर स्प्रेयर अथवा कृषि ड्रोन के जरिए दवा का छिड़काव कर सकते हैं। ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करते समय यह ध्यान रखना आवश्यक है कि फसल का घनत्व कितना है और दवा पूरे पौधे तक समान रूप से पहुंच पा रही है या नहीं। इसके अतिरिक्त, बाजार में उपलब्धता के आधार पर पैरॉक्सीफाम 10.8% EC और बिफेंथ्रिन 10% EC जैसी दवाओं के विकल्प भी मौजूद हैं। हालांकि, इन रसायनों का इस्तेमाल करने से पहले किसानों को स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से मिलकर अपनी फसल की मौजूदा स्थिति दिखाना चाहिए और बोतल पर दर्ज पंजीकृत लेबल की खुराक की पुष्टि करनी चाहिए। किसी भी रासायनिक कीटनाशक का प्रयोग हमेशा लेबल पर बताई गई फसल, लक्षित कीट और अनुशंसित मात्रा के कड़े नियमों का पालन करते हुए ही करना सुरक्षित रहता है। इसका आप पर असर गन्ना उत्पादक किसानों के लिए कीटों की समय पर पहचान सीधे तौर पर फसल की पैदावार और मुनाफे की सुरक्षा से जुड़ी है। • फसल की उपज पर: कीटों का हमला गन्ने की बढ़वार रोककर पैदावार में भारी कमी ला सकता है। पत्तियों के किनारे पीले पड़ते ही तुरंत अनुशंसित कीटनाशक का छिड़काव करने से नुकसान को टाला जा सकता है। • लागत और छिड़काव पर: घने खेतों में पारंपरिक छिड़काव की जगह ड्रोन या पावर स्प्रेयर का उपयोग समय और मजदूरी दोनों बचा सकता है। प्रति लीटर एक ग्राम थायोमेथॉक्साम का सही अनुपात बनाकर किसान दवा के अनावश्यक खर्च से बच सकते हैं। • कीट पहचान और भ्रम: हल्के भूरे रंग के इस कीट को चींटी समझकर नजरअंदाज करने की भूल न करें। सही पहचान के आधार पर ही दवा का चयन करें ताकि खेत में बेवजह अनुपयुक्त रसायनों का छिड़काव न हो। • मित्र कीटों के बचाव पर: पायरिला पर दिखने वाली सफेद जाली को नष्ट करने से बचें क्योंकि यह प्राकृतिक जैविक नियंत्रण का हिस्सा है। खेत के प्राकृतिक मित्र कीटों को बचाकर रासायनिक दबाव को कम रखा जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ गन्ने के खेतों में रस चूसक कीटों का फैलाव और उससे होने वाला नुकसान मुख्य रूप से अनुकूल वातावरण और पहचान की कमी के कारण हुआ है। • सीधा कारण: गन्ने की पत्तियों से रस चूसने वाले ब्लैक फ्लाई और पायरिला कीट पत्तियों के पोषक तत्वों को खत्म कर रहे हैं। इससे प्रकाश संश्लेषण बाधित होता है और पत्तियां किनारों से सूखने लगती हैं। • गलत पहचान की स्थिति: कई किसान हल्के भूरे और तेजी से चलने वाले इस सूक्ष्म कीट को साधारण चींटी समझकर समय पर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। इस भ्रम की वजह से कीटों को अपनी संख्या बढ़ाने का पूरा समय मिल गया। • प्राकृतिक संतुलन की अनदेखी: पायरिला पर मौजूद सफेद फफूंद जैसी जालीदार संरचना को नुकसान पहुंचाने से प्राकृतिक जैविक नियंत्रण कमजोर पड़ जाता है। मित्र कीटों के अभाव में हानिकारक कीटों का प्रकोप तेजी से खेतों में फैलने लगता है। सवाल-जवाब 1. गन्ने की पत्तियों पर ब्लैक फ्लाई के हमले के क्या लक्षण हैं? ब्लैक फ्लाई का हमला होने पर पत्तियों पर काले धब्बे बन जाते हैं और किनारों पर पीलापन आने लगता है। गंभीर स्थिति में पत्तियां सूख जाती हैं और फसल की बढ़वार रुक जाती है। 2. ब्लैक फ्लाई कीट और साधारण चींटी में क्या अंतर है? साधारण चींटी आकार में अपेक्षाकृत बड़ी और गहरे काले रंग की होती है, जबकि यह कीट हल्का भूरा, बहुत छोटा और काफी फुर्तीला होता है। 3. पायरिला कीट पर दिखने वाली सफेद जाली को क्यों नहीं हटाना चाहिए? यह सफेद फंगस जैसी जाली प्राकृतिक जैविक नियंत्रण में मदद करती है, इसलिए इसे नष्ट न करने और मित्र कीटों को संरक्षित रखने की सलाह दी गई है। 4. रस चूसक कीटों की रोकथाम के लिए किस दवा और मात्रा की सलाह दी गई है? डॉ. साहू ने थायोमेथॉक्साम आधारित दवा को एक ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने की सलाह दी है। 5. गन्ने की घनी फसल में छिड़काव के लिए किन उपकरणों का उपयोग किया जा सकता है? फसल बड़ी और घनी होने की स्थिति में किसान पावर स्प्रेयर अथवा कृषि ड्रोन के जरिए प्रभावी छिड़काव कर सकते हैं। 6. पैरॉक्सीफाम और बिफेंथ्रिन के इस्तेमाल से पहले क्या सावधानी बरतनी चाहिए? इन दवाओं के छिड़काव से पहले स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से संपर्क कर फसल की स्थिति और पंजीकृत लेबल पर तय खुराक की पुष्टि अवश्य करनी चाहिए। https://trendkia.com/chhattisgarh/ganne-ki-phasala-para-mndara-raha-black-fly-aura-pyrilla-ka-khatara-pattiyan-pili-hone-para-turnta-apanaen-ye-upaya-43668 TrendKia — Har trend, sabse pehle.