{
  "type": "article",
  "title": "ग्यारह साल की मासूम को बनाया हवस का शिकार, बिलासपुर कोर्ट ने सौतेले पिता को सुनाई मरते दम तक जेल की सजा",
  "summary": "छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक सौतेले पिता ने अपनी 11 साल की बेटी से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती कर दिया। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने दोषी को आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा और पीड़िता को सात लाख रुपये मुआवजे की सिफारिश की है।",
  "content": "छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पिता और बेटी के सबसे भरोसेमंद रिश्ते की मर्यादा को शर्मसार कर दिया। एक सौतेले पिता ने अपनी ही 11 साल की मासूम बेटी को हवस का शिकार बनाया और उसे गर्भवती कर दिया। अब बिलासपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने इस दरिंदे को सबसे कड़ी सजा सुनाते हुए कहा है कि वह जिंदगी की आखिरी सांस तक जेल की सलाखों के पीछे रहेगा।\n\nअपर सत्र न्यायाधीश पूजा जायसवाल की अदालत ने फैसला सुनाते हुए बेहद सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने साफ कहा कि यह कोई मामूली अपराध नहीं है, बल्कि एक मासूम बच्ची के भरोसे और उसके संवैधानिक व सामाजिक संरक्षण के अधिकार पर सीधा हमला है। अदालत ने इस घिनौने कृत्य को पूरी तरह अक्षम्य मानते हुए दोषी से पीड़िता को सात लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मजबूत सिफारिश भी की, ताकि यह रकम बच्ची के पुनर्वास और उसकी मदद में काम आ सके।\n\nकोरोना काल में टूटा परिवार, फिर हुआ ‘चूड़ी विवाह’\nइस केस की शुरुआत वहां से होती है, जब पीड़िता की मां का पहला पति कोरोना काल के मुश्किल दौर में उसे और उसकी छोटी बच्ची को बेसहारा छोड़कर चला गया। अकेली पड़ी इस महिला के सामने अपनी और बेटी की जिंदगी चलाने की चुनौती थी। ऐसे में उसने समाज के रिवाज के मुताबिक आरोपी के साथ ‘चूड़ी विवाह’ कर लिया। इसके बाद दोनों एक ही घर में पति-पत्नी की तरह रहने लगे।\n\nमुंबई में अकेला पाकर की दरिंदगी\nपरिवार चलाने और रोजी-रोटी के लिए आरोपी इस महिला और उसकी 11 साल की बेटी को लेकर मुंबई चला गया। वहां वह एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत में सुरक्षा गार्ड का काम करने लगा। एक दिन जब उसकी पत्नी घर पर नहीं थी, तो मौके का फायदा उठाकर उसने मासूम बच्ची के साथ जबरदस्ती की और दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने एक नहीं, कई बार हैवानियत की हदें पार कीं।\n\nआयुष्मान सर्वे में खुला राज\nदिसंबर के महीने में जब यह परिवार मुंबई से लौटकर छत्तीसगढ़ के अपने गांव रतनपुर पहुंचा, तब सरकार की ओर से चल रहे आयुष्मान सर्वे के दौरान स्थानीय मितानिन स्मृति गोपाल की नजर बच्ची के काफी फूले हुए पेट पर पड़ी। उन्होंने तुरंत बच्ची की मां को इसकी जानकारी दी और बिना देर किए बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी।\n\nमितानिन की बात मानकर महिला अपनी बच्ची को लेकर सिम्स अस्पताल पहुंची। वहां डॉक्टरों ने सोनोग्राफी की, तो रिपोर्ट ने सबको हिला दिया। पता चला कि 11 साल की वह मासूम बच्ची आठ महीने की गर्भवती है।\n\nDNA रिपोर्ट ने पकड़ा असली गुनहगार\nशुरुआत में महिला ने लोकलाज के डर से नशेड़ी युवकों पर दुष्कर्म का शक जताया था। लेकिन इस केस की जांच कर रहे तत्कालीन रतनपुर थाना प्रभारी रजनीश सिंह को उसके बयान पर पूरा भरोसा नहीं हुआ। उनका शक सीधे घर के भीतर रहने वाले सौतेले पिता पर गया। पुलिस ने बच्ची और उसके सौतेले पिता का DNA सैंपल लिया, जो नवजात शिशु से शत-प्रतिशत मैच कर गया। इसी अहम सबूत के सामने आते ही आरोपी का घिनौना जुर्म अदालत में पूरी तरह साबित हो गया।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह फैसला बताता है कि पॉक्सो कानून के तहत बच्चों से दुष्कर्म पर अदालतें आखिरी सांस तक जेल जैसी सबसे कड़ी सजा दे सकती हैं, और पीड़ित को मुआवजे का हक भी मिलता है।\n• छत्तीसगढ़ में: आयुष्मान सर्वे और मितानिन जैसे जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ता बच्चों के खिलाफ छिपे अपराध पकड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए गांवों में ऐसी किसी भी आशंका पर तुरंत अस्पताल और पुलिस तक पहुंचना जरूरी है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बिलासपुर कोर्ट ने दोषी को क्या सजा सुनाई?\nविशेष पॉक्सो अदालत ने सौतेले पिता को आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है।\n\n2. पीड़िता को कितना मुआवजा मिलेगा?\nअदालत ने पीड़िता के पुनर्वास और मदद के लिए सात लाख रुपये मुआवजे की सिफारिश की है।\n\n3. बच्ची की उम्र कितनी थी और मामला कैसे खुला?\nबच्ची 11 साल की थी। रतनपुर में आयुष्मान सर्वे के दौरान मितानिन स्मृति गोपाल ने उसके फूले पेट को देखकर मां को सतर्क किया, जिसके बाद मामला सामने आया।\n\n4. बच्ची कितने महीने की गर्भवती निकली?\nसिम्स अस्पताल में हुई सोनोग्राफी में पता चला कि बच्ची आठ महीने की गर्भवती है।\n\n5. आरोपी की पहचान कैसे हुई?\nतत्कालीन रतनपुर थाना प्रभारी रजनीश सिंह को शक हुआ और पुलिस ने बच्ची व सौतेले पिता का DNA सैंपल लिया, जो नवजात से शत-प्रतिशत मैच हो गया।\n\n6. मां और आरोपी के बीच क्या रिश्ता था?\nकोरोना काल में पहला पति छोड़कर चले जाने के बाद महिला ने आरोपी के साथ ‘चूड़ी विवाह’ किया था और दोनों एक ही घर में रहते थे।",
  "url": "https://trendkia.com/chhattisgarh/gyaraha-sala-ki-masuma-ko-banaya-havasa-ka-shikara-bilaspur-korta-ne-sautele-pita-ko-sunai-marate-dama-taka-jela-ki-saja-2612",
  "category": "छत्तीसगढ़",
  "publishedAt": "2026-06-24",
  "tags": [
    "बिलासपुर दुष्कर्म",
    "पॉक्सो कोर्ट सजा",
    "छत्तीसगढ़ अपराध",
    "सौतेला पिता दुष्कर्म",
    "नाबालिग गर्भवती",
    "DNA रिपोर्ट",
    "रतनपुर"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}