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  "type": "article",
  "title": "जगदलपुर के गोल बाजार में दिवाली की धूम, शक्कर से बनी खिलौना मिठाई की जबरदस्त मांग",
  "summary": "बस्तर के जगदलपुर में दिवाली को लेकर गोल बाजार में रौनक बढ़ गई है। पारंपरिक खिलौना मिठाई इस बार लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, हालांकि दाम बढ़ने के बावजूद ग्राहकों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।",
  "content": "बस्तर जिले के जगदलपुर में दीपावली के पर्व को लेकर बाजारों में रौनक अपने चरम पर है और स्थानीय खरीदारों में भारी जोश देखा जा रहा है। शहर के प्रसिद्ध गोल बाजार में इस त्योहारी सीजन के दौरान पारंपरिक खिलौना मिठाई ग्राहकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र साबित हो रही है, जिसकी बाजार में इस वक्त जोरदार मांग बनी हुई है।\n\nगोल बाजार में उमड़ी खरीदारों की भीड़\nदीपोत्सव के इस पावन मौके पर जगदलपुर के गोल बाजार में लगातार ग्राहकों का तांता लगा हुआ है। लोग अपनी जरूरत के सामान की जमकर खरीदारी कर रहे हैं, जिसमें विशेष तौर पर मिठाइयों की दुकानों पर जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। इन दिनों बाजार में खिलौना मिठाई सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसे देखने और खरीदने के लिए दूर-दूर से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।\n\nक्या है खिलौना मिठाई की खासियत\nहर साल दीपावली के समय बिकने वाली यह विशेष खिलौना मिठाई मुख्य रूप से हरे, पीले और सफेद रंगों में उपलब्ध कराई जाती है। पूरी तरह से शुद्ध शक्कर का उपयोग करके तैयार की जाने वाली यह मिठाई असल में बिहार राज्य की एक प्रसिद्ध मिठाई है और इसका त्योहारों के लिहाज से खास धार्मिक महत्व भी माना जाता है। बच्चों के खिलौनों की तरह दिखने वाली इसकी अनोखी बनावट और इसका बेहतरीन स्वाद लोगों को अपनी तरफ खींचता है। इसमें अलग-अलग और आकर्षक रंग भरने के लिए खाद्य रंगों यानी फूड कलर का इस्तेमाल किया जाता है।\n\nकीमतों में बढ़ोतरी और बिक्री के आंकड़े\nइस बार बाजार में शक्कर के दाम बढ़ने के सीधे असर के कारण खिलौना मिठाई की कीमतों में भी उछाल आया है। बीते वर्ष यही मिठाई बाजार में 150 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही थी, जिसके दाम बढ़कर इस साल 220 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। इसके बावजूद ग्राहकों के खरीदारी के प्रति उत्साह में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आई है। दुकानदारों की मानें तो पिछले साल कुल 50 किलो मिठाई पूरी तरह बिक चुकी थी और इस साल भी दुकान में अब तक ढाई से तीन किलो मिठाई की बिक्री हो चुकी है।\n\nपेठा और बताशे की मांग के साथ कारोबारियों का अनुभव\nइस पारंपरिक खिलौना मिठाई के अलावा बाजार में पेठा और बताशे की भी भारी डिमांड लगातार बनी हुई है। स्थानीय दुकानदार वीरेंद्र तिवारी, जो पिछले 14 से 15 सालों से इस कारोबार से जुड़े हुए हैं, उनका कहना है कि बीते साल बाजार में मांग इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि घर में खाने के लिए भी एक टुकड़ा मिठाई नहीं बच पाई थी।\n\nबाजार में आगे की उम्मीदें\nत्योहारी सीजन के इन दिनों में बाजार के भीतर खरीदारों का आना-जाना लगातार बना हुआ है। दुकानदारों को पूरी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में खिलौना मिठाई के साथ-साथ अन्य पारंपरिक उत्पादों की बिक्री में और भी तेजी देखने को मिलेगी, क्योंकि बाजार में आने के कुछ ही दिनों के भीतर यह विशेष मिठाई पूरी तरह से बिक जाती है।\n\nइसका आप पर असर\nत्योहारी सीजन में स्थानीय बाजारों में खरीदारी का यह दौर ग्राहकों की जेब और बजट को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।\n\n• छत्तीसगढ़ में: जगदलपुर के गोल बाजार और आसपास के इलाकों में उपभोक्ताओं को इस साल शक्कर की कीमतें बढ़ने के कारण खिलौना मिठाई के लिए अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। इस बार यह मिठाई 220 रुपये प्रति किलो मिल रही है, जो पिछले साल 150 रुपये प्रति किलो थी।\n• भारत में: देश भर के पारंपरिक बाजारों में दिवाली के दौरान स्थानीय कारीगरों और छोटे दुकानदारों को मौसमी बिक्री से अपने कारोबार को बढ़ावा देने का अवसर मिलता है। खरीदारों को इस दौरान त्योहारी महंगाई और बढ़ती लागत के बीच अपने खर्चों का प्रबंधन करना होता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nत्योहारी सीजन में पारंपरिक मिठाइयों की मांग बढ़ने और उनकी कीमतों में बदलाव के पीछे कई मौसमी और आर्थिक कारण जुड़े होते हैं।\n\n• कच्चे माल की लागत: इस साल बाजार में शक्कर के दाम बढ़ने के कारण खिलौना मिठाई की उत्पादन लागत में सीधा इजाफा हुआ है, जिससे इसकी खुदरा कीमत पिछले साल के 150 रुपये से बढ़कर 220 रुपये प्रति किलो हो गई है।\n• सांस्कृतिक परंपरा: बिहार से जुड़ी इस विशेष खिलौना मिठाई की अनूठी बनावट और धार्मिक मान्यता के कारण हर साल दिवाली पर इसकी मांग काफी अधिक रहती है।\n• मौसमी खरीदारी का रुझान: दीपावली के पावन अवसर पर गोल बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ने से पारंपरिक उत्पादों की बिक्री तेजी से पूरी हो जाती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जगदलपुर के किस बाजार में दिवाली की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ रही है?\nजगदलपुर के गोल बाजार में दिवाली की खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है।\n\n2. इस साल खिलौना मिठाई का क्या भाव बिक रहा है?\nइस साल खिलौना मिठाई 220 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रही है।\n\n3. पिछले साल खिलौना मिठाई की कीमत क्या थी?\nपिछले साल यह मिठाई 150 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही थी।\n\n4. खिलौना मिठाई मूल रूप से किस राज्य की प्रसिद्ध मिठाई है?\nखिलौना मिठाई मूल रूप से बिहार की प्रसिद्ध मिठाई है।\n\n5. खिलौना मिठाई को अलग-अलग रंग देने के लिए किसका उपयोग किया जाता है?\nखिलौना मिठाई में अलग-अलग रंग देने के लिए फूड कलर का इस्तेमाल किया जाता है।\n\n6. वीरेंद्र तिवारी कौन हैं और वे इस व्यवसाय से कितने समय से जुड़े हैं?\nवीरेंद्र तिवारी एक स्थानीय दुकानदार हैं जो पिछले 14-15 सालों से इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं।\n\n7. खिलौना मिठाई के अलावा बाजार में किन अन्य चीजों की मांग है?\nखिलौना मिठाई के अलावा बाजार में पेठा और बताशे की भी काफी डिमांड बनी हुई है।",
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  "publishedAt": "2026-11-07",
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