जगदलपुर में भारी भूस्खलन से धंसी पटरी हुई दुरुस्त, मालगाड़ियों का संचालन शुरू छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बाढ़ और भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए रेलवे ट्रैक की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। फिलहाल सुरक्षा को देखते हुए रूट पर केवल मालगाड़ियों का परिचालन बहाल किया गया है। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में पिछले दिनों आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद अब रेल यातायात को लेकर एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। बीते 23 और 24 सितंबर को क्षेत्र में भयंकर बाढ़ आई थी, जिसके कारण रेल नेटवर्क पूरी तरह से ठप हो गया था और जगदलपुर से संचालित होने वाली सभी ट्रेनों के पहिए थम गए थे। अब रेलवे कर्मचारियों की कड़ी मेहनत के बाद हालात में काफी सुधार हुआ है और प्रशासन ने तीन किलोमीटर तक उखड़ चुकी पटरियों को पूरी तरह व्यवस्थित कर दिया है। सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इस मार्ग पर मालगाड़ियों की आवाजाही को हरी झंडी दे दी गई है, हालांकि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि होने के कारण अभी पैसेंजर ट्रेनों के संचालन पर रोक बरकरार है। 40 फीट गहरी खाई को किया गया ठीक रायगढ़ा सेक्शन के छत्रिपुट और मल्लिगुड़ा क्षेत्र में लगातार मूसलाधार बारिश के बाद एक भयंकर लैंडस्लाइड हुआ था, जिसके परिणामस्वूप रेलवे ट्रैक के ठीक नीचे लगभग 40 फीट गहरी एक विशाल खाई बन गई थी। इस भीषण क्षति के कारण बस्तर की लाइफलाइन कहे जाने वाले इस रेलमार्ग का संपर्क पूरी तरह से कट गया था और जगदलपुर से दूसरे राज्यों के लिए चलने वाली सभी पांच ट्रेनों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद करना पड़ा था। विभागों की संयुक्त मेहनत लाई रंग इस बड़ी दुर्घटना के ठीक एक महीने बाद रेलमार्ग के पूरी तरह से बहाल होने से स्थानीय बस्तरवासियों ने चैन की सांस ली है। इस आपदा के बाद पूर्व तट रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग, विद्युत सिग्नल विभाग और दूरसंचार विभाग की टीमों ने दिन-रात एक करके युद्ध स्तर पर बहाली का काम किया और अंततः रेलमार्ग को यातायात के योग्य तैयार कर लिया। जांच पूरी होने के बाद चलेंगी यात्री ट्रेनें जैसे ही ट्रैक को दोबारा बिछाने का काम पूरा हुआ, रेलवे ने कड़ी सुरक्षा निगरानी के बीच बेहद धीमी गति से मालगाड़ियों को गुजारने की अनुमति दे दी। इस पूरे अभियान के दौरान प्रधान मुख्य अभियंता और रायगढ़ा मंडल रेल मैनेजमेंट ने खुद मौके पर मौजूद रहकर सभी कार्यों की बारीकी से निगरानी की। रेलवे की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यात्रियों की गाड़ियों को पटरी पर उतारने से पहले ट्रैक और रेल बुनियादी ढांचे की तकनीकी सुरक्षा की गहन जांच होगी और सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद ही नियमित यात्री सेवाओं को दोबारा शुरू किया जाएगा। इसका आप पर असर जगदलपुर में रेलमार्ग की बहाली से स्थानीय माल ढुलाई और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, लेकिन यात्री सेवाओं के शुरू होने का इंतजार करना होगा। • भारत में: यह घटना देश के दूरदराज और पहाड़ी या वन क्षेत्रों में भारी मानसूनी बारिश के दौरान बुनियादी ढांचे को होने वाले भारी नुकसान को उजागर करती है। रेलवे ऐसे संवेदनशील मार्गों पर सुरक्षा मानकों को और अधिक कड़ा करने की दिशा में काम कर रहा है। • जगदलपुर में: बस्तर और जगदलपुर के स्थानीय यात्रियों को अन्य राज्यों की यात्रा के लिए अभी कुछ और दिन इंतजार करना होगा क्योंकि पैसेंजर ट्रेनों के चलने का आदेश अभी जारी नहीं हुआ है। हालांकि, मालगाड़ियों के शुरू होने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में सुधार होगा। ऐसा क्यों हुआ यह भारी क्षति अत्यधिक मौसमी बदलाव और भारी मानसूनी बारिश के कारण हुई, जिससे पहाड़ी भूभाग की मिट्टी खिसक गई। • भारी मानसूनी बारिश: क्षेत्र में लगातार हुई भारी बारिश के कारण छत्रिपुट और मल्लिगुड़ा क्षेत्र में अचानक भूस्खलन हुआ। • भौगोलिक स्थिति: बस्तर क्षेत्र के इस कठिन और पहाड़ी भूभाग में भारी पानी के बहाव से ट्रैक के नीचे की मिट्टी पूरी तरह कट गई। • सुरक्षा प्रोटोकॉल: रेलवे ने किसी भी अनहोनी से बचने के लिए बिना पूर्ण तकनीकी जांच और मंजूरी के यात्री ट्रेनें चलाने से इनकार कर दिया है। सवाल-जवाब 1. जगदलपुर में रेलवे ट्रैक कब क्षतिग्रस्त हुआ था? छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में 23 और 24 सितंबर को भीषण बाढ़ के दौरान ट्रैक क्षतिग्रस्त हुआ था। 2. लैंडस्लाइड की घटना कहां हुई थी? यह घटना रायगढ़ा सेक्शन के छत्रिपुट-मल्लिगुड़ा क्षेत्र में हुई थी। 3. पटरी के नीचे कितनी गहरी खाई बन गई थी? भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पटरी के नीचे लगभग 40 फीट गहरी खाई बन गई थी। 4. फिलहाल किन ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है? सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल केवल मालगाड़ियों का आवागमन शुरू किया गया है। 5. यात्री ट्रेनों का परिचालन कब शुरू होगा? पटरियों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा जांच तथा आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद ही यात्री सेवाएं शुरू की जाएंगी। https://trendkia.com/chhattisgarh/jagdalpur-men-bhari-bhuskhalana-se-dhnsi-patari-hui-durusta-malagariyon-ka-snchalana-shuru-51281 TrendKia — Har trend, sabse pehle.