# जांजगीर-चांपा में शराब सेवन के बाद पार्षद और क्लीनिक संचालक की संदिग्ध मौत, क्षेत्र में सनसनी

> छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ इलाके में शराब पीने के बाद एक स्थानीय पार्षद और एक निजी क्लीनिक संचालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-10-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/janjgir-champa-mein-sharab-sevan-ke-baad-parshad-aur-clinic-sanchalak-ki-sandigdha-mout-kshetra-mein-sannasi-51363 · **Language:** Hindi
**Tags:** जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़, पामगढ़, संदिग्ध मौत, शराब कांड, बिलासपुर

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां शराब पीने के बाद दो लोगों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। इस घटना में जान गंवाने वालों की पहचान वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद रामखिलावन जांगड़े और एक निजी क्लीनिक का संचालन करने वाले जोहितराम खरे के रूप में हुई है। इस अचानक हुई दोहरी मौतों से पूरे इलाके में शोक और सनसनी का माहौल फैल गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की शाम को कुल चार लोग एक साथ बैठकर शराब का सेवन कर रहे थे और इसी दौरान अचानक दोनों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।

## शराब पार्टी के दौरान अचानक बिगड़ी दोनों की तबीयत
घटनाक्रम के अनुसार शुक्रवार की शाम को पामगढ़ में चार लोग एक स्थान पर एकत्र हुए थे और शराब पी रहे थे। पार्टी के दौरान अचानक से रामखिलावन जांगड़े और जोहितराम खरे की सेहत में भारी गिरावट दर्ज की गई और वे अस्वस्थ महसूस करने लगे। अचानक हुई इस स्थिति से वहां मौजूद अन्य लोगों में भारी अफरा-तफरी और घबराहट मच गई। बिना किसी देरी के दोनों को तुरंत चिकित्सकीय सहायता के लिए पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार शुरू किया।

## बिलासपुर रेफर करने के बाद भी नहीं बची जान
पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुरुआती इलाज के बाद भी जब दोनों की हालत में सुधार नहीं हुआ और खतरा बढ़ता दिखा, तो चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर और उन्नत इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया। हालांकि वहां डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद दोनों की जान बचाई नहीं जा सकी और इलाज के दौरान ही उनकी सांसें थम गईं। मृतकों में एक का स्थानीय पार्षद होना और दूसरे का निजी क्लीनिक चलाना इस पूरी घटना को और अधिक संवेदनशील बनाता है। जैसे ही यह खबर आसपास के इलाकों में फैली, लोगों में चिंता और शोक की लहर दौड़ गई तथा हर कोई इस अचानक हुई घटना से स्तब्ध रह गया।

## मौत के सटीक कारणों पर अभी भी बना हुआ है सस्पेंस
इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि आखिर दोनों की तबीयत इतनी तेजी से और अचानक क्यों बिगड़ी। क्या इस अनहोनी के पीछे जहरीली शराब का सेवन जिम्मेदार है या फिर इसके पीछे कोई अन्य वजह छिपी हुई है। फिलहाल प्रशासन या किसी अन्य आधिकारिक माध्यम से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। केवल शराब पीने के दौरान तबीयत खराब होने के शुरुआती तथ्यों के आधार पर ही मौत का कारण तय नहीं किया जा सकता है, और बिना ठोस साक्ष्यों के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

## पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से खुलेगा राज
इन दोनों व्यक्तियों की मौत के वास्तविक और पुख्ता कारणों का खुलासा केवल विस्तृत पुलिस जांच और आने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। संबंधित अधिकारियों और जांच टीमों द्वारा यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस पूरी घटना में नकली, जहरीली या मिलावटी शराब का कोई एंगल शामिल था या फिर मामला किसी अन्य चिकित्सीय अथवा आपराधिक वजह से जुड़ा हुआ है। फिलहाल पामगढ़ में घटी इस दुर्घटना ने स्थानीय नागरिकों की नींद उड़ा दी है। आम जनता के बीच इस बात की चर्चाएं तेज हैं और सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच के अंतिम निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

## इसका आप पर असर
इस दुखद घटना से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और मिलावटी पेय पदार्थों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

- **छत्तीसगढ़ में:** स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के मामलों में निगरानी और सख्ती बढ़ाई जा सकती है। इससे आम नागरिकों को खुले में बिकने वाले पेय पदार्थों को लेकर अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता महसूस होगी।
- **जांजगीर-चांपा में:** इस घटना के बाद पामगढ़ और आसपास के इलाकों में अवैध शराब की बिक्री और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ स्थानीय निवासियों द्वारा प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों को इस प्रकार की सामूहिक आयोजनों और खान-पान में अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना तब घटी जब चार लोग एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे और अचानक दो लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। हालांकि मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।

- **स्वास्थ्य में अचानक गिरावट:** शराब पीने के दौरान वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद रामखिलावन जांगड़े और निजी क्लीनिक संचालक जोहितराम खरे को अचानक गंभीर शारीरिक समस्याएं हुईं, जिसके चलते उन्हें फौरन अस्पताल ले जाना पड़ा।
- **चिकित्सीय प्रयास और रेफरल:** पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बिलासपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उनकी मृत्यु हो गई।
- **जांच का इंतजार:** मौत के पीछे जहरीली या मिलावटी शराब की भूमिका थी अथवा कोई अन्य चिकित्सीय कारण, इसका खुलासा प्रशासनिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना कहां घटी है?
यह घटना छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र में घटी है।

### 2. इस घटना में जान गंवाने वाले लोग कौन थे?
मृतकों की पहचान वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद रामखिलावन जांगड़े और निजी क्लीनिक संचालक जोहितराम खरे के रूप में हुई है।

### 3. तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें कहां ले जाया गया था?
तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया था।

### 4. क्या मौत का असली कारण स्पष्ट हो गया है?
नहीं, अभी तक दोनों की मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं हुई है और यह जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी।

### 5. घटना के समय कितने लोग एक साथ थे?
शराब पीने के दौरान शुक्रवार शाम को कुल चार लोग एक साथ बैठे थे।

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